
Rajasthan ambulance strike : राजस्थान में आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़ी एक बड़ी और चिंताजनक खबर सामने आई है। प्रदेशभर में संचालित 108 और 104 एंबुलेंस सेवाएं रविवार रात 12 बजे से बंद होने जा रही हैं। एंबुलेंस कर्मचारियों ने अपनी लंबित मांगों को लेकर अनिश्चितकालीन हड़ताल का ऐलान किया है। इस फैसले से आमजन, मरीजों और उनके परिजनों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ सकता है, खासकर आपात स्थिति में। राजस्थान एंबुलेंस कर्मचारी यूनियन ने स्पष्ट किया है कि यह आंदोलन वेतन, ड्यूटी समय और वार्षिक वेतन वृद्धि को लेकर लंबे समय से चली आ रही अनदेखी के विरोध में किया जा रहा है। यूनियन का कहना है कि बार-बार ज्ञापन देने और अधिकारियों से वार्ता के बावजूद उनकी मांगों पर कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया।
तीन सूत्रीय मांगों पर अड़ा यूनियन
108 ambulance service Rajasthan closed : एंबुलेंस कर्मचारी यूनियन के प्रदेशाध्यक्ष वीरेंद्र सिंह ने बताया कि कर्मचारी पिछले काफी समय से तीन प्रमुख मांगों को लेकर संघर्ष कर रहे हैं। इनमें
- वर्तमान वेतन में 30 प्रतिशत की बढ़ोतरी,
- ड्यूटी टाइम आठ घंटे निर्धारित करने,
- और हर साल वार्षिक वेतन वृद्धि (Annual Increment) शामिल है।
उन्होंने कहा कि कर्मचारियों पर अत्यधिक कार्यभार डाला जा रहा है, लेकिन उसके अनुरूप न तो वेतन दिया जा रहा है और न ही सुविधाएं। यही कारण है कि अब मजबूर होकर कर्मचारियों को आंदोलन का रास्ता अपनाना पड़ रहा है।

प्रदेशभर में हजारों एंबुलेंस रहेंगी बंद
104 ambulance service strike Rajasthan : यूनियन के अनुसार, राजस्थान में फिलहाल 108 सेवा के तहत 1094 एंबुलेंस और 104 सेवा के अंतर्गत करीब 600 एंबुलेंस संचालित हैं। हड़ताल के दौरान ये सभी वाहन पूरी तरह से ठप रहेंगे। इसका सीधा असर ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में आपात स्वास्थ्य सेवाओं पर पड़ेगा।
कर्मचारी नेताओं का कहना है कि वे किसी को परेशानी में डालना नहीं चाहते, लेकिन उनकी जायज मांगों को लगातार नजरअंदाज किया जा रहा है। ऐसे में आंदोलन के अलावा उनके पास कोई विकल्प नहीं बचा।
श्रम कानून के उल्लंघन का आरोप
Ambulance employees union strike Rajasthan : राजस्थान एंबुलेंस कर्मचारी यूनियन ने विभाग और संबंधित एजेंसियों पर श्रम कानूनों के उल्लंघन का गंभीर आरोप भी लगाया है। यूनियन अध्यक्ष वीरेंद्र सिंह ने बताया कि हाल ही में 23 दिसंबर को जारी किए गए एक RFP संशोधन (Corrigendum) में 104 एंबुलेंस कर्मचारियों का वेतन मात्र 12,730 रुपये तय किया गया है, जबकि ड्यूटी समय 12 घंटे दर्शाया गया है।
उन्होंने कहा कि यह न सिर्फ कर्मचारियों का शोषण है, बल्कि श्रम कानूनों के भी खिलाफ है। किसी भी कर्मचारी से लगातार 12 घंटे काम लेना अमानवीय है और इससे उनकी सेहत व कार्यक्षमता दोनों प्रभावित होती हैं।
विभाग को कई बार सौंपे गए ज्ञापन
Rajasthan health services disruption : यूनियन नेताओं ने बताया कि 24 दिसंबर को स्वास्थ्य विभाग को एक विस्तृत ज्ञापन सौंपा गया था, जिसमें वेतन में 30 प्रतिशत वृद्धि, हर साल 10 प्रतिशत वार्षिक वेतन बढ़ोतरी और ड्यूटी समय को आठ घंटे करने की मांग रखी गई थी। इसके बावजूद अब तक विभाग की ओर से कोई सकारात्मक प्रतिक्रिया नहीं मिली।
यूनियन का कहना है कि यदि समय रहते सरकार और स्वास्थ्य विभाग ने हस्तक्षेप नहीं किया, तो यह आंदोलन और तेज किया जाएगा। जरूरत पड़ने पर प्रदेशव्यापी प्रदर्शन और धरना भी दिया जा सकता है।
आमजन पर पड़ सकता है गंभीर असर
108 और 104 एंबुलेंस सेवाएं प्रदेश की स्वास्थ्य व्यवस्था की रीढ़ मानी जाती हैं। सड़क दुर्घटनाओं, गर्भवती महिलाओं, गंभीर बीमारियों और आपात मामलों में ये सेवाएं जीवन रक्षक साबित होती हैं। ऐसे में इन सेवाओं का बंद होना आमजन के लिए बड़ी मुसीबत खड़ी कर सकता है।
