Skip to content
July 13, 2026
  • Home
  • तकनीकी
    • ऑटो
    • मोबाइल
  • क्राइम/हादसे
    • अजब गजब
  • फाइनेंस
    • बैंक
    • कमाई टिप्स
  • मौसम
    • स्वास्थ्य
  • बायोग्राफी
  • सरकारी योजना
    • शिक्षा
    • भर्ती
  • विविध
    • देश-दुनिया
    • इतिहास / साहित्य
    • Jaivardhan TV
  • धार्मिक
  • दिन विशेष
  • कानून
  • वेब स्टोरी
  • Privacy Policy
jaivardhannews.com

jaivardhannews.com

Jaivardhan news

Nai Jindagi education Foundation

Connect with Us

  • Home
  • तकनीकी
    • ऑटो
    • मोबाइल
  • क्राइम/हादसे
    • अजब गजब
  • फाइनेंस
    • बैंक
    • कमाई टिप्स
  • मौसम
    • स्वास्थ्य
  • बायोग्राफी
  • सरकारी योजना
    • शिक्षा
    • भर्ती
  • विविध
    • देश-दुनिया
    • इतिहास / साहित्य
    • Jaivardhan TV
  • धार्मिक
  • दिन विशेष
  • कानून
  • वेब स्टोरी
  • Privacy Policy
Primary Menu
  • Home
  • तकनीकी
    • ऑटो
    • मोबाइल
  • क्राइम/हादसे
    • अजब गजब
  • फाइनेंस
    • बैंक
    • कमाई टिप्स
  • मौसम
    • स्वास्थ्य
  • बायोग्राफी
  • सरकारी योजना
    • शिक्षा
    • भर्ती
  • विविध
    • देश-दुनिया
    • इतिहास / साहित्य
    • Jaivardhan TV
  • धार्मिक
  • दिन विशेष
  • कानून
  • वेब स्टोरी
  • Privacy Policy
  • Poltical

Rajasthan Panchayat Election 2026 : पंचायत चुनाव से पहले बड़ा फैसला: खर्च का हिसाब नहीं दिया तो 3 साल तक नहीं लड़ पाएंगे चुनाव!

Parmeshwar Singh Chundwat January 17, 2026 1 minute read

Rajasthan Panchayat Election 2026 : राजस्थान में आगामी पंचायती राज चुनाव से पहले हजारों पूर्व पंच, सरपंच और पंचायत प्रतिनिधियों की मुश्किलें बढ़ सकती हैं। पिछले पंचायत चुनाव में अपने चुनावी खर्च का पूरा ब्योरा समय पर जमा नहीं करने वाले प्रत्याशियों को दोबारा चुनाव लड़ने से रोका जा सकता है। राज्य चुनाव आयोग (State Election Commission) ऐसे प्रत्याशियों पर तीन साल तक चुनाव लड़ने पर प्रतिबंध लगाने की तैयारी कर रहा है। सूत्रों के मुताबिक, राज्य चुनाव आयोग जल्द ही सभी जिला कलेक्टरों और जिला निर्वाचन अधिकारियों को निर्देश जारी कर सकता है, ताकि ऐसे प्रत्याशियों की विस्तृत सूची तैयार की जा सके, जिन्होंने नियमों के बावजूद अपने खर्च का विवरण जमा नहीं किया था।

Rajasthan Election Commission new rules : राज्य चुनाव आयोग के नियम स्पष्ट रूप से कहते हैं कि पंचायत चुनाव लड़ने वाले हर प्रत्याशी को Result घोषित होने के 15 दिन के भीतर अपने चुनावी खर्च का पूरा हिसाब देना अनिवार्य होता है। इसमें प्रचार, वाहन, सभाएं, Digital Campaign, पोस्टर, बैनर, यात्रा और अन्य सभी खर्च शामिल होते हैं। यदि कोई प्रत्याशी यह विवरण समय पर जमा नहीं करता है, तो आयोग के पास उसे तीन वर्ष तक अयोग्य घोषित करने का अधिकार है। अब जबकि मार्च-अप्रैल 2026 में पंचायत चुनाव प्रस्तावित हैं, आयोग पुराने मामलों को खंगालने में जुट गया है।

2020 के पंचायत चुनावों से जुड़े आंकड़े खंगाले जाएंगे

Panchayat election expense limit : साल 2020 में राजस्थान के 21 जिलों में पंचायत समिति और जिला परिषद के चुनाव कराए गए थे। उस दौरान

  • 636 जिला परिषद सदस्य
  • 4371 पंचायत समिति सदस्य
    चुने गए थे।

इन पदों के लिए कुल

  • 12,663 प्रत्याशी पंचायत समिति सदस्य पद पर
  • 1,778 प्रत्याशी जिला परिषद सदस्य पद पर
    चुनाव मैदान में उतरे थे।

राज्य चुनाव आयोग के सूत्रों का कहना है कि इन चुनावों में हजारों प्रत्याशियों ने परिणाम आने के बाद खर्च का विवरण जमा नहीं किया। अब ऐसे सभी मामलों की सूची जिला स्तर पर तैयार करवाई जाएगी।

4 से 5 हजार प्रत्याशी हो सकते हैं अयोग्य

Rajasthan Panchayat Election ban candidates : अनुमान लगाया जा रहा है कि चुनावी खर्च का ब्योरा नहीं देने वाले प्रत्याशियों की संख्या 4 से 5 हजार या उससे भी अधिक हो सकती है। जिला निर्वाचन अधिकारी इन सभी प्रत्याशियों का रिकॉर्ड तैयार कर राज्य चुनाव आयोग को भेजेंगे। अंतिम फैसला आयोग स्तर पर लिया जाएगा कि किन-किन प्रत्याशियों पर प्रतिबंध लगाया जाए।

राज्य चुनाव आयुक्त का बयान

Rajasthan Sarpanch election rules 2026 : राज्य चुनाव आयुक्त राजेश्वर सिंह ने स्पष्ट कहा है कि चुनाव खर्च का ब्योरा नहीं देने पर तीन साल तक चुनाव लड़ने पर रोक लगाने का प्रावधान नियमों में पहले से मौजूद है। उन्होंने बताया कि इस संबंध में आयोग जल्द ही औपचारिक आदेश जारी करेगा और सभी जिलों से विवरण मंगाया जाएगा।

Rain Alert : राजस्थान में बारिश के आसार, कई जिलों में तापमान 5 डिग्री से नीचे, आज से बदलेगा मौसम का मिजाज

खर्च सीमा हाल ही में बढ़ाई गई

राज्य चुनाव आयोग ने 23 दिसंबर 2025 को पंचायती राज चुनावों के लिए खर्च सीमा बढ़ाने की अधिसूचना (Notification) जारी की थी। नए नियमों के अनुसार:

  • सरपंच: अधिकतम 1 लाख रुपये
  • पंचायत समिति सदस्य: 1.5 लाख रुपये
  • जिला परिषद सदस्य: 3 लाख रुपये

पहले यह सीमा क्रमशः 50 हजार, 75 हजार और 1.5 लाख रुपये थी। यानी तीनों ही पदों के लिए खर्च सीमा को लगभग दोगुना कर दिया गया है।

बिल और वाउचर देना भी जरूरी

आयोग के अनुसार, प्रत्याशियों को नामांकन दाखिल करने से लेकर Result घोषित होने तक किए गए हर खर्च का विस्तृत विवरण देना होगा। केवल आंकड़े देना पर्याप्त नहीं होगा, बल्कि हर खर्च के साथ संबंधित बिल या वाउचर भी जमा करना अनिवार्य किया गया है।

खर्च सीमा बढ़ाने के पीछे आयोग का तर्क

राज्य चुनाव आयोग का मानना है कि अब ग्रामीण क्षेत्रों में भी चुनाव प्रचार के तरीके बदल चुके हैं। Digital Campaign, सोशल मीडिया, यात्रा खर्च, सभाएं और प्रचार सामग्री पर पहले की तुलना में ज्यादा खर्च हो रहा है। पुरानी खर्च सीमा वास्तविक खर्च से मेल नहीं खा रही थी।राज्य चुनाव आयुक्त राजेश्वर सिंह ने कहा कि आयोग चुनावी प्रक्रिया में Transparency चाहता है और जनप्रतिनिधियों की लंबे समय से खर्च सीमा बढ़ाने की मांग थी, जिसे ध्यान में रखते हुए यह निर्णय लिया गया।

प्रचार में तांगा, ऊंटगाड़ी और बैलगाड़ी पर भी रोक

इस बार चुनाव प्रचार को लेकर आयोग ने सख्त नियम बनाए हैं। बड़े वाहनों और पशुओं से चलने वाली गाड़ियों के इस्तेमाल पर पूरी तरह प्रतिबंध रहेगा। प्रत्याशी बस, ट्रक, मिनी बस, मेटाडोर, तांगा, ऊंटगाड़ी या बैलगाड़ी का उपयोग प्रचार के लिए नहीं कर सकेंगे। नियमों का उल्लंघन करने पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

सुप्रीम कोर्ट का निर्देश: 15 अप्रैल तक चुनाव जरूरी

सुप्रीम कोर्ट ने राजस्थान सरकार को 15 अप्रैल 2026 तक पंचायत चुनाव कराने के स्पष्ट निर्देश दिए हैं। यह आदेश पंचायत परिसीमन से जुड़े एक मामले में Special Leave Petition खारिज करते हुए दिया गया। हाईकोर्ट पहले ही परिसीमन प्रक्रिया को वैध ठहरा चुका है।

14 हजार से ज्यादा ग्राम पंचायतों में एक साथ चुनाव

प्रदेश में 14 हजार से अधिक ग्राम पंचायतों के चुनाव एक साथ कराए जाने हैं। सभी पंचायतों का कार्यकाल समाप्त हो चुका है। हालांकि, 12 जिलों की पंचायत समितियों और जिला परिषदों का कार्यकाल अभी पूरा नहीं हुआ है। यदि सरकार One State One Election मॉडल अपनाती है, तो इन जिलों में बोर्ड भंग करने पड़ सकते हैं।

सरपंच संघ की आपत्ति

राजस्थान सरपंच संघ के कार्यकारी अध्यक्ष नेमीचंद का कहना है कि पिछले चुनाव में उनसे खर्च का ब्योरा मांगा ही नहीं गया था। उन्होंने दावा किया कि यदि मांगा जाता, तो वे जरूर जमा करते। उन्होंने कहा कि उन्होंने चल-अचल संपत्ति का विवरण पहले ही दिया था। वहीं, निवर्तमान सरपंच एवं वर्तमान प्रशासक राजेश कुमार ने कहा कि वे चुनाव आयोग के सभी निर्देशों का पालन करेंगे और खर्च का ब्योरा मांगे जाने पर उपलब्ध कराएंगे। उन्होंने कहा कि वे खुद चाहते हैं कि चुनावी प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी हो।

About the Author

Parmeshwar Singh Chundwat

Editor

Parmeshwar Singh Chundwat ने डिजिटल मीडिया में कॅरियर की शुरुआत Jaivardhan News के कुशल कंटेंट राइटर के रूप में की है। फोटोग्राफी और वीडियो एडिटिंग में उनकी गहरी रुचि और विशेषज्ञता है। चाहे वह घटना, दुर्घटना, राजनीतिक, सामाजिक या अपराध से जुड़ी खबरें हों, वे SEO आधारित प्रभावी न्यूज लिखने में माहिर हैं। साथ ही सोशल मीडिया पर फेसबुक, इंस्टाग्राम, एक्स, थ्रेड्स और यूट्यूब के लिए छोटे व बड़े वीडियो कंटेंट तैयार करने में निपुण हैं।

Visit Website View All Posts
Visitor Views : 441

Post navigation

Previous: Rain Alert : राजस्थान में बारिश के आसार, कई जिलों में तापमान 5 डिग्री से नीचे, आज से बदलेगा मौसम का मिजाज
Next: Bhilwara mother kills children : मां ने क्यों अपने ही बच्चों के गले में घोंपी कील? आरोपी मां का चौंकाने वाला कबूलनामा

Related Stories

CJP Founder Abhijeet Dipke
  • Poltical

CJP Founder Abhijeet Dipke : कॉकरोच जनता पार्टी के फाउंडर को थप्पड़ मारने वाले 5 आरोपी गिरफ्तार

Nikita Mali June 16, 2026
Gautam Dak Viral Audio
  • Poltical

Gautam Dak Viral Audio : सहकारिता मंत्री गौतम दक के खिलाफ FIR दर्ज, जानिए पूरा मामला

Parmeshwar Singh Chundwat May 29, 2026
Rajasthan Nikay Chunav News
  • Poltical

Rajasthan Nikay Chunav News : राजस्थान में निकाय चुनाव को लेकर बड़ा बयान! मंत्री खर्रा ने कह दी बड़ी बात

Parmeshwar Singh Chundwat May 25, 2026
  • Poltical
  • अजब गजब
  • इतिहास / साहित्य
  • ऑटो
  • कमाई टिप्स
  • कानून
  • क्राइम/हादसे
  • तकनीकी
  • दिन विशेष
  • देश-दुनिया
  • धार्मिक
  • फाइनेंस
  • बायोग्राफी
  • बैंक
  • बॉलीवुड
  • भर्ती
  • मोबाइल
  • मौसम
  • विविध
  • शिक्षा
  • समाचार
  • सरकारी योजना
  • सोना चांदी भाव
  • स्वास्थ्य

Jaivardhan TV

YouTube Video UCkaBxhzSvuqEmluN5aAXxtA_4cgjcO_lm8Q प्रॉपर्टी और नौकरी के लालच में बेटी बनी कातिल? जयपुर ह$त्याकांड की पूरी कहानी
.
जयपुर के प्रताप नगर इलाके में हुए नीरज शर्मा हत्याकांड में पुलिस जांच के बाद चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। पुलिस के अनुसार, 45 वर्षीय नीरज शर्मा की हत्या उनकी बेटी आयुषी शर्मा ने प्रॉपर्टी और सरकारी नौकरी पाने के लालच में करवाई। आरोप है कि आयुषी ने अपने ताऊ मोहन स्वरूप और चचेरे भाई बलराम उर्फ रवि के साथ मिलकर पूरी साजिश रची। हत्या के लिए 7 लाख रुपए की सुपारी दी गई और कई दिनों तक महिला की रेकी की गई। 3 जुलाई को जब नीरज शर्मा अपने बेटे को कोचिंग छोड़कर घर लौट रही थीं, तभी करीब 130 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से आई स्कॉर्पियो ने उन्हें टक्कर मार दी, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई। पुलिस जांच में सामने आया कि आयुषी अपने पिता की मृत्यु के बाद उनकी सरकारी नौकरी चाहती थी, लेकिन नीरज शर्मा ने स्वयं अनुकंपा नियुक्ति स्वीकार कर ली। इसी के साथ संपत्ति को लेकर भी परिवार में विवाद चल रहा था।#Jaipurneerajsharmacase #JAivardhannewsJaivardhan News : यह चैनल राजस्थान सहित देश-दुनिया की ताजा, विश्वसनीय और निष्पक्ष खबरों के लिए समर्पित है।Owner & Editor: Laxman Singh Rathore (Journalist)🌐 Website: http://www.jaivardhannews.com
📘 Facebook: Jaivardhannews9
📸 Instagram: @jaivardhannews
🐦 X (Twitter): @jaivardhannews
📧 Business Email: businessjaivardhannews@gmail.com
📞 Mobile: +91 96729 80901सत्य • निष्पक्षता • जनहित
प्रॉपर्टी और नौकरी के लालच में बेटी बनी कातिल? जयपुर ह$त्याकांड की पूरी कहानी
.
जयपुर के प्रताप नगर इलाके में हुए नीरज शर्मा हत्याकांड में पुलिस जांच के बाद चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। पुलिस के अनुसार, 45 वर्षीय नीरज शर्मा की हत्या उनकी बेटी आयुषी शर्मा ने प्रॉपर्टी और सरकारी नौकरी पाने के लालच में करवाई। आरोप है कि आयुषी ने अपने ताऊ मोहन स्वरूप और चचेरे भाई बलराम उर्फ रवि के साथ मिलकर पूरी साजिश रची। हत्या के लिए 7 लाख रुपए की सुपारी दी गई और कई दिनों तक महिला की रेकी की गई। 3 जुलाई को जब नीरज शर्मा अपने बेटे को कोचिंग छोड़कर घर लौट रही थीं, तभी करीब 130 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से आई स्कॉर्पियो ने उन्हें टक्कर मार दी, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई। पुलिस जांच में सामने आया कि आयुषी अपने पिता की मृत्यु के बाद उनकी सरकारी नौकरी चाहती थी, लेकिन नीरज शर्मा ने स्वयं अनुकंपा नियुक्ति स्वीकार कर ली। इसी के साथ संपत्ति को लेकर भी परिवार में विवाद चल रहा था।#Jaipurneerajsharmacase #JAivardhannewsJaivardhan News : यह चैनल राजस्थान सहित देश-दुनिया की ताजा, विश्वसनीय और निष्पक्ष खबरों के लिए समर्पित है।Owner & Editor: Laxman Singh Rathore (Journalist)🌐 Website: http://www.jaivardhannews.com
📘 Facebook: Jaivardhannews9
📸 Instagram: @jaivardhannews
🐦 X (Twitter): @jaivardhannews
📧 Business Email: businessjaivardhannews@gmail.com
📞 Mobile: +91 96729 80901सत्य • निष्पक्षता • जनहित
प्रॉपर्टी और नौकरी के लालच में बेटी बनी कातिल? जयपुर ह$त्याकांड की पूरी कहानी #aayushsharma
Jaivardhan News : यह चैनल राजस्थान सहित देश-दुनिया की ताजा, विश्वसनीय और निष्पक्ष खबरों के लिए समर्पित है।Owner & Editor: Laxman Singh Rathore (Journalist)🌐 Website: http://www.jaivardhannews.com
📘 Facebook: Jaivardhannews9
📸 Instagram: @jaivardhannews
🐦 X (Twitter): @jaivardhannews
📧 Business Email: businessjaivardhannews@gmail.com
📞 Mobile: +91 96729 80901सत्य • निष्पक्षता • जनहित
लूट के आरोपियों का सिर मुंडवाकर फटे कपड़ों में घुमाया #Rajasthannews
Jaivardhan News : यह चैनल राजस्थान सहित देश-दुनिया की ताजा, विश्वसनीय और निष्पक्ष खबरों के लिए समर्पित है।Owner & Editor: Laxman Singh Rathore (Journalist)🌐 Website: http://www.jaivardhannews.com
📘 Facebook: Jaivardhannews9
📸 Instagram: @jaivardhannews
🐦 X (Twitter): @jaivardhannews
📧 Business Email: businessjaivardhannews@gmail.com
📞 Mobile: +91 96729 80901सत्य • निष्पक्षता • जनहित
जमीन के झगड़े में एयरफोर्स जवान पर जानलेवा हमला #Rajasthannews
Subscribe

वेब स्टोरी

  • Home
  • तकनीकी
    • ऑटो
    • मोबाइल
  • क्राइम/हादसे
    • अजब गजब
  • फाइनेंस
    • बैंक
    • कमाई टिप्स
  • मौसम
    • स्वास्थ्य
  • बायोग्राफी
  • सरकारी योजना
    • शिक्षा
    • भर्ती
  • विविध
    • देश-दुनिया
    • इतिहास / साहित्य
    • Jaivardhan TV
  • धार्मिक
  • दिन विशेष
  • कानून
  • वेब स्टोरी
  • Privacy Policy