
Rajasthan Scooty Scheme 2026 : राजस्थान सरकार ने छात्राओं के लिए चल रही दो बड़ी योजनाओं—कालीबाई भील मेधावी छात्रा स्कूटी योजना और देवनारायण छात्रा स्कूटी वितरण योजना—में बड़ा बदलाव करने का फैसला लिया है। अब तक इन योजनाओं के तहत पात्र छात्राओं को सीधे स्कूटी वितरित की जाती थी, लेकिन अब सरकार ने नई व्यवस्था लागू करते हुए स्कूटी की जगह ₹70 हजार की राशि सीधे छात्राओं के बैंक खाते में भेजने का निर्णय लिया है। सरकार का मानना है कि इस नई DBT (Direct Benefit Transfer) व्यवस्था से वितरण प्रक्रिया तेज होगी, पारदर्शिता बढ़ेगी और कॉलेजों पर पड़ने वाला अतिरिक्त प्रशासनिक बोझ भी काफी हद तक कम हो जाएगा। शिक्षा विभाग के इस फैसले को छात्राओं और कॉलेज प्रशासन दोनों के लिए बड़ी राहत माना जा रहा है।
लंबे समय से उठ रही थी बदलाव की मांग
Rajasthan DBT Scheme : दरअसल, पिछले कई वर्षों से स्कूटी वितरण प्रक्रिया को लेकर कई तरह की समस्याएं सामने आ रही थीं।
कॉलेजों को:
- स्कूटी स्टोर करने
- रजिस्ट्रेशन कराने
- वितरण करने
- दस्तावेज़ सत्यापन
जैसे कामों की जिम्मेदारी संभालनी पड़ती थी।
कई बार स्कूटियों की सप्लाई समय पर नहीं पहुंचती थी, जिसके कारण कॉलेज परिसरों में जगह की कमी हो जाती थी। कुछ मामलों में तो स्कूटियां कॉलेज की कक्षाओं तक में खड़ी करनी पड़ती थीं, जिससे पढ़ाई और अन्य शैक्षणिक गतिविधियां प्रभावित होती थीं।
अब सीधे खाते में आएंगे ₹70 हजार
Kalibai Bheel Scooty Scheme : नई व्यवस्था के तहत पात्र छात्राओं को स्कूटी खरीदने के लिए स्वीकृत ₹70,000 की राशि सीधे उनके बैंक खातों में भेजी जाएगी।
यह राशि Direct Benefit Transfer (DBT) के जरिए ट्रांसफर होगी।
सरकार का कहना है कि इससे:
- समय की बचत होगी
- भ्रष्टाचार और देरी कम होगी
- छात्राओं को अपनी पसंद की स्कूटी खरीदने की आजादी मिलेगी
अब छात्राएं अपनी जरूरत और पसंद के अनुसार वाहन चुन सकेंगी।
25 हजार से ज्यादा छात्राओं को मिलेगा लाभ
Devnarayan Scooty Yojana : कॉलेज शिक्षा आयुक्तालय ने इस संबंध में आदेश जारी कर दिए हैं।
वर्ष 2024-25 की स्थायी वरीयता सूची में चयनित:
- 25,977 छात्राओं
को इस योजना का लाभ दिया जाएगा।
इनमें:
- जोधपुर जिले की 338 छात्राएं
भी शामिल हैं।
किन छात्राओं को मिलता है योजना का लाभ?
Rajasthan Girl Students Scheme : राजस्थान सरकार की इन योजनाओं का लाभ उन छात्राओं को दिया जाता है जिन्होंने:
- 12वीं कक्षा में 75% या उससे अधिक अंक प्राप्त किए हों
- और उसके बाद कॉलेज में प्रवेश लिया हो
सरकार का उद्देश्य मेधावी छात्राओं को उच्च शिक्षा के लिए प्रोत्साहित करना और उनकी पढ़ाई को आसान बनाना है।
आवेदन में देनी होगी ये जरूरी जानकारी
नई DBT व्यवस्था के तहत छात्राओं को आवेदन करते समय कई जरूरी जानकारियां अपडेट करनी होंगी।
जरूरी दस्तावेज़:
- बैंक खाता नंबर
- IFSC Code
- मोबाइल नंबर
- पासबुक की कॉपी
- Cancelled Cheque
इन दस्तावेजों को Online Upload करना अनिवार्य किया गया है।
जिला नोडल अधिकारी करेंगे जांच
सरकार ने साफ निर्देश दिए हैं कि किसी भी छात्रा का आवेदन Approved करने से पहले उसकी पात्रता की सख्ती से जांच की जाएगी।
जिला नोडल अधिकारी:
- मूल दस्तावेजों का सत्यापन करेंगे
- बैंक डिटेल्स मिलान करेंगे
- अंतिम स्वीकृति देंगे
इसके बाद ही छात्रा के खाते में राशि ट्रांसफर की जाएगी।
गलत भुगतान होने पर अधिकारियों पर होगी कार्रवाई
सरकार ने इस योजना में पारदर्शिता बनाए रखने के लिए सख्त नियम भी लागू किए हैं।
अगर किसी अपात्र छात्रा के खाते में राशि ट्रांसफर होती है, तो इसकी जिम्मेदारी:
- संबंधित कॉलेज प्राचार्य
- जिला नोडल अधिकारी
की व्यक्तिगत मानी जाएगी।
यानी अब अधिकारियों को भी पूरी सावधानी बरतनी होगी।

पहले किन समस्याओं का सामना करना पड़ता था?
पुरानी स्कूटी वितरण व्यवस्था में कॉलेजों को कई तरह की दिक्कतें झेलनी पड़ती थीं।
मुख्य समस्याएं:
- स्कूटी सप्लाई में देरी
- भंडारण की समस्या
- रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया
- वितरण के दौरान भीड़
- कॉलेज परिसर में जगह की कमी
कई कॉलेजों में तो स्थिति ऐसी हो जाती थी कि क्लासरूम तक में स्कूटियां रखनी पड़ती थीं।
नई व्यवस्था से क्या फायदे होंगे?
विशेषज्ञों के अनुसार DBT मॉडल लागू होने से कई फायदे होंगे।
1. छात्राओं को आजादी
अब छात्राएं अपनी पसंद और जरूरत के अनुसार स्कूटी खरीद सकेंगी।
2. पारदर्शिता बढ़ेगी
राशि सीधे बैंक खाते में आने से बिचौलियों की भूमिका खत्म होगी।
3. कॉलेजों को राहत
कॉलेजों को लॉजिस्टिक और स्टोरेज की जिम्मेदारियों से छुटकारा मिलेगा।
4. समय की बचत
लंबी वितरण प्रक्रिया की जरूरत नहीं पड़ेगी।
शिक्षा विशेषज्ञों ने किया फैसले का स्वागत
उच्च शिक्षा से जुड़े कई विशेषज्ञों और संगठनों ने सरकार के इस फैसले को सकारात्मक कदम बताया है।
अखिल भारतीय राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ (उच्च शिक्षा) के प्रदेश महामंत्री प्रो. रिछपाल सिंह ने कहा कि:
“DBT व्यवस्था से कई पुरानी समस्याओं का स्थायी समाधान होगा और कॉलेजों का शैक्षणिक माहौल बेहतर बनेगा।”
उन्होंने कहा कि इस बदलाव की मांग लंबे समय से की जा रही थी।
छात्राओं को कैसे मिलेगा फायदा?
विशेषज्ञों का मानना है कि अब छात्राएं:
- बेहतर मॉडल की स्कूटी चुन सकेंगी
- जरूरत के अनुसार राशि का उपयोग कर सकेंगी
- परिवहन सुविधा आसान बना सकेंगी
ग्रामीण इलाकों की छात्राओं के लिए यह योजना खासतौर पर मददगार साबित हो सकती है।
राजस्थान सरकार का बड़ा कदम
राजस्थान सरकार का यह फैसला छात्राओं की सुविधा और शिक्षा व्यवस्था को सरल बनाने की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है। Digital Payment और DBT सिस्टम को बढ़ावा देने के साथ-साथ सरकार अब योजनाओं को ज्यादा पारदर्शी और आसान बनाने की कोशिश कर रही है। आने वाले समय में यह मॉडल दूसरी योजनाओं में भी लागू किया जा सकता है।



