
राजसमंद। Rajsamand rain update : मानसून सीजन के बीच राजसमंद जिले में बारिश की बेरुखी ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है। लंबे समय से अच्छी बारिश नहीं होने के कारण जिले की प्रमुख गोमती और बनास नदियों में पानी की आवक नहीं हो रही है। इसका असर जिले के प्रमुख जलाशयों पर भी दिखाई दे रहा है।\
जलाशयों का जलस्तर अपेक्षित रूप से नहीं बढ़ने के कारण आने वाले समय में पेयजल व्यवस्था को लेकर भी चिंता गहराने लगी है। वहीं खेतों में खड़ी खरीफ की फसल को इस समय बारिश की सबसे ज्यादा जरूरत है। समय पर पर्याप्त बारिश नहीं होने की स्थिति में फसलों की पैदावार प्रभावित होने की आशंका है। कंट्रोल रूम से मिली जानकारी के अनुसार 16 अगस्त से 22 अगस्त तक जिले की किसी भी तहसील में बारिश दर्ज नहीं की गई। पिछले कई दिनों से आसमान में बादल छाने और बारिश के आसार बनने के बावजूद जिले में अच्छी बारिश नहीं हो सकी। बारिश का इंतजार कर रहे किसानों की निगाहें अब आसमान पर टिकी हैं। खेतों में खड़ी फसलों को पर्याप्त नमी नहीं मिलने से किसान परेशान हैं। यदि आगामी दिनों में बारिश नहीं हुई तो फसलों को सिंचाई के लिए अतिरिक्त पानी की जरूरत पड़ेगी और उत्पादन पर इसका प्रतिकूल असर पड़ सकता है।
25 में से 4 प्रमुख बांधों में पानी की आवक नहीं
Rajsamand monsoon rain shortage : जिले में जलस्रोतों की स्थिति भी बारिश की कमी का असर दिखा रही है। जिले के 25 प्रमुख बांधों में से 4 बांधों में इस अवधि के दौरान पानी की कोई आवक नहीं हुई। लगातार बारिश नहीं होने के कारण जलाशयों में नए पानी की आवक नहीं बढ़ पा रही है। ऐसे में आने वाली गर्मियों में पेयजल व्यवस्था को लेकर अभी से चिंता बढ़ने लगी है। यदि मानसून के शेष दिनों में पर्याप्त बारिश नहीं हुई तो जलाशयों में पानी का भंडारण अपेक्षित स्तर तक नहीं पहुंच पाएगा। इसका असर आने वाले महीनों में ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों की पेयजल व्यवस्था पर भी पड़ सकता है। इसके साथ ही खेती के लिए उपलब्ध जलस्रोतों पर भी दबाव बढ़ने की संभावना है।
राजसमंद झील में 19.90 फीट पानी
Rajsamand weather news today : राजसमंद जिले के प्रमुख जलस्रोत राजसमंद झील का वर्तमान जलस्तर 19.90 फीट दर्ज किया गया है। झील का पूर्ण भराव स्तर 30 फीट है। यानी झील अभी अपने अधिकतम भराव स्तर से काफी नीचे है। इसकी कुल भराव क्षमता 3,786 एमसीएफटी है। बारिश की कमी के चलते झील में पानी की आवक भी उम्मीद के मुताबिक नहीं हो पा रही है। ऐसे में आने वाले दिनों में होने वाली बारिश जलाशयों के लिए काफी महत्वपूर्ण मानी जा रही है।

नंदसमंद और चिकलवास बांध की भी यही स्थिति
Rajsamand rainfall latest news : वहीं नंदसमंद बांध का वर्तमान जलस्तर 14.60 फीट है, जबकि इसका कुल गेज 32 फीट है। दूसरी ओर चिकलवास बांध में पानी का स्तर 52.80 फीट दर्ज किया गया है। इसकी कुल गेज क्षमता 64 फीट है। इन जलाशयों में भी पर्याप्त पानी की आवक नहीं होने से जल प्रबंधन को लेकर अधिकारियों और किसानों की चिंता बढ़ रही है। मानसून के दौरान जलाशयों में होने वाली पानी की आवक ही आने वाले महीनों के लिए जल उपलब्धता की स्थिति तय करती है।
200 से अधिक गांवों की पेयजल व्यवस्था बाघेरी नाका पर निर्भर
Rajsamand monsoon update : जिले के 200 से अधिक गांवों की पेयजल आपूर्ति के प्रमुख स्रोत बाघेरी नाका में भी पानी का स्तर फिलहाल अपेक्षित स्थिति में नहीं पहुंच पाया है। बाघेरी नाका का वर्तमान जलस्तर 18.10 फीट है, जबकि इसका कुल गेज 32.80 फीट है। ऐसे में यदि आने वाले दिनों में अच्छी बारिश नहीं होती है और बाघेरी नाका सहित अन्य जलाशयों में पानी की आवक नहीं बढ़ती, तो आने वाले महीनों में पेयजल प्रबंधन की चुनौती बढ़ सकती है। ग्रामीण क्षेत्रों में गर्मी के दौरान पानी की मांग बढ़ने के कारण पर्याप्त जल भंडारण होना बेहद जरूरी है।
खरीफ फसल के लिए बारिश बेहद जरूरी
इस समय खेतों में खरीफ की फसलें खड़ी हैं और उन्हें पर्याप्त नमी की जरूरत है। बारिश नहीं होने के कारण खेतों की मिट्टी में नमी कम होने लगी है। किसानों को उम्मीद है कि मानसून के शेष दिनों में जिले में अच्छी बारिश होगी और खेतों तथा जलाशयों को पर्याप्त पानी मिल सकेगा।
फिलहाल बारिश की कमी का असर खेती और जलस्रोतों दोनों पर दिखाई दे रहा है। यदि जल्द ही अच्छी बारिश होती है तो खरीफ फसल को राहत मिल सकती है और प्रमुख जलाशयों में भी पानी की आवक बढ़ सकती है। लेकिन बारिश में और देरी हुई तो किसानों के सामने फसल उत्पादन के साथ-साथ सिंचाई और आने वाले समय की पेयजल व्यवस्था को लेकर मुश्किलें बढ़ सकती हैं।



