
राजसमंद : Rajsamand RK District Hospital CT Scan : आरके जिला अस्पताल में सीटी स्कैन की सुविधा अब सामान्य मरीजों के लिए प्रभावित हो गई है। सार्वजनिक-निजी सहभागिता (पीपीपी) मोड के तहत चिकित्सा विभाग और निजी फर्म के बीच हुआ 10 साल का करार अप्रैल 2026 में पूरा हो चुका है। इसके बाद अस्पताल प्रशासन ने सेवा जारी रखने के लिए दो-दो महीने का एक्सटेंशन दिया, लेकिन अब आगे की अनुमति नहीं मिलने से सामान्य मरीजों की सीटी स्कैन जांच लगभग बंद हो गई है। फिलहाल सिर्फ ट्रॉमा सेंटर में आने वाले आपातकालीन मरीजों की जांच की जा रही है।
इसका सीधा असर मरीजों पर पड़ रहा है। अस्पताल में सामान्य दिनों में रोजाना 40 से 50 मरीजों की सीटी स्कैन जांच होती थी। अब यह संख्या घटकर 10 से 15 रह गई है। सामान्य मरीजों को जांच के लिए निजी सेंटरों का रुख करना पड़ रहा है, जहां उन्हें अधिक राशि खर्च करनी पड़ रही है। मरीजों और परिजनों की मांग है कि सरकारी दर पर सीटी स्कैन की सुविधा जल्द बहाल की जाए । टेंडर एक्सटेंशन या नई निविदा प्रक्रिया शुरू करने की अनुमति के लिए अस्पताल प्रशासन की ओर से जन स्वास्थ्य चिकित्सा निदेशक को अब तक 10 बार पत्र भेजे जा चुके हैं। इसके बावजूद ₹ मुख्यालय से स्वीकृति नहीं मिली है। अस्पताल मैं सीटी स्कैन सहित अन्य जांचों का टेंडर एक ही निजी फर्म के पास है। फर्म का पिछले 4-5 माह से सीटी स्कैन सेवा का बिल भी लंबित है। इसके बावजूद फर्म भुगतान के लिए अस्पताल पर दबाव नहीं बना रही है। फर्म की ओर से सरकार से टेंडर एक्सटेंशन की मांग की जा रही है। अस्पताल प्रशासन का कहना है कि नई प्रक्रिया के तहत टेंडर जारी करने की तैयारी की जा रही है, ताकि मरीजों को लेटेस्ट मशीनों से बेहतर सुविधा मिल सके। इसी वजह से प्रशासन अपने स्तर पर एक्सटेंशन आगे नहीं बढ़ा रहा है। Rajsamand hospital PPP contract
पीएमओ के अधिकार में सिर्फ दो माह का एक्सटेंशन
Rajsamand CT Scan service stopped : पीएमओ पावर के तहत केवल दो महीने का ही एक्सटेंशन दिया जा सकता है। टेंडर एक्सटेंशन और नई प्रक्रिया की अनुमति के लिए निदेशालय को पत्र भेजा जा चुका है। हालांकि, अभी तक निदेशालय से कोई जवाब नहीं मिला है। अनुमति मिलने के बाद आगे की प्रक्रिया की जाएगी।
डॉ. रमेश रजक, पीएमओ, आरके जिला अस्पताल, राजसमंद

ऐसे काम करता है पीपीपी मोड : सरकार की जगह लगती है निजी फर्म की मशीनरी
पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप के तहत सरकारी अस्पताल में जगह और जरूरी इंफ्रास्ट्रक्चर सरकार उपलब्ध कराती है, जबकि मशीनरी और तकनीकी संचालन की जिम्मेदारी निजी फर्म की होती है। मुख्यमंत्री आयुष्मान आरोग्य योजना और आरजीएचएस के तहत जिला अस्पताल को स्वास्थ्य सेवाओं के संचालन के लिए हर महीने औसतन करीब 1.5 करोड़ रुपए का बजट मिलता है। Rajsamand CT Scan tender extension



