Skip to content
April 1, 2026
  • Facebook
  • Twitter
  • Threads
  • Linkedin
  • Youtube
  • Instagram
jaivardhannews.com

jaivardhannews.com

Jaivardhan news

Nai Jindagi education Foundation

Connect with Us

  • Facebook
  • Twitter
  • Threads
  • Linkedin
  • Youtube
  • Instagram
Primary Menu
  • Home
  • तकनीकी
    • ऑटो
    • मोबाइल
  • क्राइम/हादसे
    • अजब गजब
  • फाइनेंस
    • बैंक
    • कमाई टिप्स
    • सोना चांदी भाव
  • मौसम
    • स्वास्थ्य
  • बायोग्राफी
  • सरकारी योजना
    • शिक्षा
    • खेल
    • भर्ती
  • विविध
    • देश-दुनिया
    • इतिहास / साहित्य
    • Jaivardhan TV
  • वेब स्टोरी
  • राशिफल
    • धार्मिक
    • दिन विशेष
  • Privacy Policy
  • इतिहास / साहित्य

प्रथम स्वतंत्रता संग्राम में अपने तलवार के तेज से स्वर्णिम अध्याय लिखने वाली महान विरांगना रानी लक्ष्मीबाई

Jaivardhan News June 18, 2021 1 minute read

भारत के स्वतंत्रता आंदोलन की बात हो तो रानी लक्ष्मीबाई का जिक्र जरूर होता है। दोनों हाथों में तलवार, मुंह में घोड़े की लगाम और पीठ पर अपने बेटे को बांधकर जब लक्ष्मीबाई मैदान में उतरीं तो अंग्रेजों ने साक्षात चंडी का रूप देखा। अंग्रेजों से लोहा लेते हुए आज ही के दिन साल 1858 में रानी लक्ष्मीबाई शहीद हुई थीं।

19 नवंबर 1828 को मोरोपंत तांबे और भागीरथी बाई के यहां एक बेटी का जन्म हुआ। मां-बाप ने बेटी का नाम मणिकर्णिका रखा और प्यार से मनु बुलाने लगे। मणिकर्णिका के बचपन में ही मां भागीरथी बाई का निधन हो गया। इसके बाद पिता मोरोपंत तांबे बेटी को लेकर झांसी आ गए।
यहां मणिकर्णिका ने घुड़सवारी और तलवारबाजी जैसी युद्ध कलाएं सीखीं। कम उम्र में ही उनकी शादी मराठा नरेश गंगाधर राव से हो गई और मणिकर्णिका का नाम लक्ष्मीबाई हो गया।

1851 में लक्ष्मीबाई को एक बेटा हुआ, लेकिन कुछ महीनों बाद ही उसका निधन हो गया। गंगाधर राव को अपने बेटे की मौत का गहरा सदमा लगा और उनकी तबीयत खराब रहने लगी। 20 नवंबर 1853 को गंगाधर राव ने एक बच्चे को गोद लिया जिसका नाम दामोदर राव रखा गया, लेकिन अगले ही दिन गंगाधर राव का निधन हो गया।

पति के निधन के बाद रानी लक्ष्मीबाई की मुसीबतें बढऩे लगीं। अंग्रेजों ने झांसी पर कब्जा करने के लिए एक चाल चली। लॉर्ड डलहौजी ने दामोदर राव को उत्तराधिकारी मानने से इनकार कर दिया और रानी को किला खाली करने का आदेश दिया। लक्ष्मीबाई ने अंग्रेजों का आदेश मानने से इनकार कर दिया और कहा- मैं झांसी नहीं दूंगी। लक्ष्मीबाई ने पहले कानूनी तरीके से कोई रास्ता निकालने की कोशिश की, लेकिन बात नहीं बनी तो अंग्रेजों से लडऩे की योजना तैयार करने लगीं।

अंग्रेजों ने झांसी पर हमला कर दिया तो लक्ष्मीबाई ने अपनी छोटी सी सेना के साथ अंग्रेजों का वीरता से मुकाबला किया। अपने बेटे को पीठ पर बांधकर रानी लड़ती रहीं। जब अंग्रेजों ने किले को पूरी तरह से घेर लिया तो रानी के हमदर्द ककुछ लोगों ने उन्हें कालपी जाने की सलाह दी।
रानी कालपी के लिए निकलीं और यहां उनका साथ देने के लिए तात्या टोपे तैयार थे। 22 मई 1858 को अंग्रेजी सेना और लक्ष्मीबाई के बीच कालपी में भी युद्ध हुआ, जिसमें रानी लक्ष्मीबाई की सेना को खासा नुकसान उठाना पड़ा। लक्ष्मीबाई, तात्या टोपे के साथ ग्वालियर की ओर चली गईं। यहां उन्होंने ग्वालियर पर कब्जा कर लिया और नाना साहेब को पेशवा बनाने की घोषणा की। रानी के पीछे-पीछे अंग्रेजी सेना भी ग्वालियर आ गई और हमला कर दिया।

18 जून 1858 को ग्वालियर के पास कोटा की सराय में भीषण युद्ध हुआ। रानी अपने दोनों हाथों में तलवार लेकर दुश्मनों का मुकाबला कर रही थीं। उनके सीने में अंग्रेजों ने बरछी मार दी थी जिस वजह से काफी खून बह रहा था। उसके बावजूद रानी घोड़े पर सवार होकर युद्ध करती रहीं। एक अंग्रेज ने लक्ष्मीबाई के सिर पर तलवार से जोरदार प्रहार किया जिससे रानी को गंभीर चोट आई और वह घोड़े से गिर गईं। रानी के सैनिक उन्हें पास के एक मंदिर में ले गए जहां उन्होंने दम तोड़ दिया। रानी ने वादा किया था कि उनका शव अंग्रेजों के हाथ न लगने पाए, इसलिए सैनिकों ने रानी के शव को इसी मंदिर में अग्नि के हवाले कर दिया।

1980 : शकुंतला देवी ने किया था कारनामा
18 जून 1980। लंदन का इंपीरियल कॉलेज। ह्यूमन कम्प्यूटर के नाम से मशहूर भारत की शकुंतला देवी इस कॉलेज में एक कारनामा करने जा रही थीं। डिपार्टमेंट ऑफ कम्प्यूटिंग की तरफ से उन्हें 13 अंकों की दो संख्याएं दी गईं। ये संख्याएं थीं 7, 686, 369, 774, 870 और 2, 465, 099, 745, 779। शकुंतला देवी को इन संख्याओं का आपस में गुणा करना था, वो भी बिना किसी कैलकुलेटर और पेन-कॉपी की मदद लिए। पूरे हॉल की नजरें शकुंतला देवी पर थीं। 28 सेकेंड में ही शकुंतला देवी ने दोनों संख्याओं का गुणा कर दिया। उनका जवाब एकदम सही था। उनके इस कारनामे से हॉल में बैठे लोग दंग रह गए। साल 1982 में उनके इस कारनामे को गिनीज बुक में जगह दी गई।
आज गोवा का क्रांति दिवस
वैसे तो 15 अगस्त 1947 को भारत अंग्रेजों से आजाद हो गया था, लेकिन इसके 14 साल बाद तक गोवा पर पुर्तगालियों का कब्जा रहा। गोवा की आजादी के लिए एक लंबा आंदोलन चला जिसका नींव आज ही के दिन 1946 में रखी गई थी। इसी दिन डॉ. राम मनोहर लोहिया ने गोवा जाकर वहां के लोगों को पुर्तगालियों के खिलाफ आंदोलन करने के लिए प्रेरित किया था। हजारों लोगों ने गोवा की आजादी के आंदोलन में भाग लिया और 14 साल के लंबे संघर्ष के बाद 19 दिसंबर 1961 को गोवा पुर्तगालियों से आजाद हुआ। हर साल इस दिन की याद में गोवा में क्रांति दिवस मनाया जाता है।

About the Author

Jaivardhan News

Administrator

जयवर्द्धन न्यूज डेस्क टीम। पांच से 15 वर्ष तक पत्रकारिता के अनुभवी एक्सपर्ट शामिल है, जो प्रत्येक कंटेंट का गहन अवलोकन के बाद मौजूदा स्थिति के अनुसार बेहतर, निष्पक्ष, सारगर्भित व पठनीय कंटेंट तैयार करते हैं। Jaivardhan News Desk Team

Visit Website View All Posts
Visitor Views : 187

Post navigation

Previous: रसोई व भोजन की थाली हुई जहरीली…
Next: किस तरह हुआ जीन्स पैंट का आविष्कार, देखिए पूरी खबर

Related Stories

Rajasthan tallest Hanuman statue
  • इतिहास / साहित्य

Rajasthan tallest Hanuman statue : राजस्थान में बन गई सबसे ऊंची हनुमान प्रतिमा, 30 KM दूर से दिखेगा दिव्य नजारा

Parmeshwar Singh Chundwat March 26, 2026
Statue of Belief Nathdwara
  • इतिहास / साहित्य

Statue of Belief Nathdwara : राजस्थान में विराजमान विश्व की सबसे ऊंची शिव प्रतिमा — 20 किमी दूर से होते हैं दर्शन

Parmeshwar Singh Chundwat February 15, 2026
Great Wall of India
  • इतिहास / साहित्य

Great Wall of India : राजस्थान में है दुनिया की दूसरी सबसे लंबी दीवार, नाम जानकर रह जाएंगे हैरान

Parmeshwar Singh Chundwat January 31, 2026
  • Poltical
  • Web Stories
  • अजब गजब
  • इतिहास / साहित्य
  • ऑटो
  • कमाई टिप्स
  • क्राइम/हादसे
  • खेल
  • तकनीकी
  • दिन विशेष
  • देश-दुनिया
  • धार्मिक
  • फाइनेंस
  • बायोग्राफी
  • बैंक
  • बॉलीवुड
  • भर्ती
  • मोबाइल
  • मौसम
  • राशिफल
  • विविध
  • शिक्षा
  • समाचार
  • सरकारी योजना
  • सोना चांदी भाव
  • स्वास्थ्य

Jaivardhan TV

YouTube Video UCkaBxhzSvuqEmluN5aAXxtA_k3OXEgRSFRE पड़ोसी से झगड़े में रिटायर्ड बैंककर्मी की मौत, धक्का मुक्की में रोड पर गिरे  #jaivardhannews #jaipurतंग गली में ट्रैवल टेम्पो लाने पर पड़ोसी से कुछ लोग झगड़ने लगे। बीच बचाव में गए रिटायर्ड बैंककर्मी मौत हो गई। घर के सामने संकरी गली से टेंपो ट्रैवलर निकालने पर विवाद हुआ। यह घटना जयपुर के पत्रकार कॉलोनी के पटेल मार्ग की है, जहां 68 वर्षीय विजेंद्रसिंह की मौत हो गई। उनके पड़ोस में ट्रैवल एजेंसी संचालक छोटे लाल सैनी का घर है, जिसने एक टेंपो ट्रैवलर मंगवाया, जिसे उज्जैन रवाना करना था। जब वाहन को गली में लाने की कोशिश की, तब विजेंद्रसिंह के परिवार ने संकरी गली में गाड़ी की एंट्री पर आपत्ति जताई। देखते ही देखते कहासुनी इतनी बढ़ गई कि दोनों पक्ष आमने-सामने आ गए। विवाद के बीच धक्का-मुक्की हुई और विजेंद्र सिंह सड़क पर गिर पड़े। बताया कि गिरने के बाद वे बेहोश हो गए। उन्हें इस हालत में देख पड़ोसी छोटे लाल और उसकी पत्नी रेखा मौके से भाग निकले। टेंपो ट्रैवलर चालक दिनेश जाट भी वाहन लेकर फरार हो गया। फिर परिजन तुरंत विजेंद्र सिंह को अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। इस पर पत्रकार कॉलोनी थाना पुलिस ने प्रकरण दर्ज करते हुए जांच शुरू कर दी।Owner : Laxman Singh Rathor, Senior JournalistFacebook Page : Jaivardhannews9
Facebook Page : Liverajsamand
Website: https://jaivardhannews.com
X : jaivardhannews
Instagram : jaivardhannews
Theards : jaivardhannews
Business Inquiry Email : businessjaivardhannews@gmail.com
Mobile : 9672980901
जयवर्द्धन E Paper (PDF) के लिए वेबसाइट विजिट jaivardhannews.comकिसी भी वीडियो से किसी व्यक्ति को आघात पहुंचाना ध्येय नहीं है। फिर भी कोई ऐसी तथ्यात्मक त्रुटि या गलती लगे, तो तत्काल ई मेल व कॉल करें। उचित सुधार व समाधान के प्रयास किए जाएंगे।
पड़ोसी से झगड़े में रिटायर्ड बैंककर्मी की मौत, धक्का मुक्की में रोड पर गिरे  #jaivardhannews #jaipurतंग गली में ट्रैवल टेम्पो लाने पर पड़ोसी से कुछ लोग झगड़ने लगे। बीच बचाव में गए रिटायर्ड बैंककर्मी मौत हो गई। घर के सामने संकरी गली से टेंपो ट्रैवलर निकालने पर विवाद हुआ। यह घटना जयपुर के पत्रकार कॉलोनी के पटेल मार्ग की है, जहां 68 वर्षीय विजेंद्रसिंह की मौत हो गई। उनके पड़ोस में ट्रैवल एजेंसी संचालक छोटे लाल सैनी का घर है, जिसने एक टेंपो ट्रैवलर मंगवाया, जिसे उज्जैन रवाना करना था। जब वाहन को गली में लाने की कोशिश की, तब विजेंद्रसिंह के परिवार ने संकरी गली में गाड़ी की एंट्री पर आपत्ति जताई। देखते ही देखते कहासुनी इतनी बढ़ गई कि दोनों पक्ष आमने-सामने आ गए। विवाद के बीच धक्का-मुक्की हुई और विजेंद्र सिंह सड़क पर गिर पड़े। बताया कि गिरने के बाद वे बेहोश हो गए। उन्हें इस हालत में देख पड़ोसी छोटे लाल और उसकी पत्नी रेखा मौके से भाग निकले। टेंपो ट्रैवलर चालक दिनेश जाट भी वाहन लेकर फरार हो गया। फिर परिजन तुरंत विजेंद्र सिंह को अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। इस पर पत्रकार कॉलोनी थाना पुलिस ने प्रकरण दर्ज करते हुए जांच शुरू कर दी।Owner : Laxman Singh Rathor, Senior JournalistFacebook Page : Jaivardhannews9
Facebook Page : Liverajsamand
Website: https://jaivardhannews.com
X : jaivardhannews
Instagram : jaivardhannews
Theards : jaivardhannews
Business Inquiry Email : businessjaivardhannews@gmail.com
Mobile : 9672980901
जयवर्द्धन E Paper (PDF) के लिए वेबसाइट विजिट jaivardhannews.comकिसी भी वीडियो से किसी व्यक्ति को आघात पहुंचाना ध्येय नहीं है। फिर भी कोई ऐसी तथ्यात्मक त्रुटि या गलती लगे, तो तत्काल ई मेल व कॉल करें। उचित सुधार व समाधान के प्रयास किए जाएंगे।
पड़ोसी से झगड़े में रिटायर्ड बैंककर्मी की मौत, धक्का मुक्की में रोड पर गिरे #jaivardhannews #jaipur
#jaivardhannews
#rajsamandमालेसरी डूंगरी का रहस्यमयी इतिहास | पत्थर चीरकर कैसे प्रकट हुए भगवान? Malaseri Dungri Ki History
.
भगवान विष्णु के कई मंदिर देश प्रदेश में देखें होंगे लेकिन आज हम आपको राजस्थान के भीलवाड़ा जिले के मालासेरी डूंगरी में स्थित एक ऐसे मंदिर के बारे में बताने जा रहे जो विष्णु भगवान के अवतार भगवान देवनारायण की जन्मस्थल है. यहां भगवान देवनारायण ने पहाड़ को चीरकर कमल के फूल में अवतार लिया था. भीलवाड़ा जिले के आसींद तहसील के मालासेरी ग्राम पंचायत के पास स्थित मालासेरी डूंगरी पर भगवान श्री देवनारायण का अवतार हुआ था उनका जन्मोत्सव माघ महा की सप्तमी को मनाया जाता है. भगवान देवनारायण के प्रति आस्था प्रदेश ही नहीं बल्कि पूरे देश में फैली हुई है. इतना ही नहीं यहां देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी अपना शीश झुकाया था.
.
#Malaseridungarihistory #Devnarayanmandirhistory #Historybook #JaivardhannewsOwner : Laxman Singh Rathor, Senior JournalistFacebook Page : Jaivardhannews9
Facebook Page : Liverajsamand
Website: https://jaivardhannews.com
X : jaivardhannews
Instagram : jaivardhannews
Theards : jaivardhannews
Business Inquiry Email : businessjaivardhannews@gmail.com
Mobile : 9672980901
जयवर्द्धन E Paper (PDF) के लिए वेबसाइट विजिट jaivardhannews.comकिसी भी वीडियो से किसी व्यक्ति को आघात पहुंचाना ध्येय नहीं है। फिर भी कोई ऐसी तथ्यात्मक त्रुटि या गलती लगे, तो तत्काल ई मेल व कॉल करें। उचित सुधार व समाधान के प्रयास किए जाएंगे।
मालेसरी डूंगरी का रहस्यमयी इतिहास | पत्थर चीरकर कैसे प्रकट हुए भगवान? Malaseri Dungri Ki History
आर्ट्स में राजसमंद नंबर-1,पूरे राजस्थान में प्रथम स्थान #rajsamandnews #artssubject #rbse12thresult  #jaivardhannews
#rajsamandOwner : Laxman Singh Rathor, Senior JournalistFacebook Page : Jaivardhannews9
Facebook Page : Liverajsamand
Website: https://jaivardhannews.com
X : jaivardhannews
Instagram : jaivardhannews
Theards : jaivardhannews
Business Inquiry Email : businessjaivardhannews@gmail.com
Mobile : 9672980901
जयवर्द्धन E Paper (PDF) के लिए वेबसाइट विजिट jaivardhannews.comकिसी भी वीडियो से किसी व्यक्ति को आघात पहुंचाना ध्येय नहीं है। फिर भी कोई ऐसी तथ्यात्मक त्रुटि या गलती लगे, तो तत्काल ई मेल व कॉल करें। उचित सुधार व समाधान के प्रयास किए जाएंगे।
आर्ट्स में राजसमंद नंबर-1,पूरे राजस्थान में प्रथम स्थान #rajsamandnews #artssubject #rbse12thresult
Subscribe

वेब स्टोरी

  • Facebook
  • Twitter
  • Threads
  • Linkedin
  • Youtube
  • Instagram
Go to mobile version