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Great Wall of India : राजस्थान में है दुनिया की दूसरी सबसे लंबी दीवार, नाम जानकर रह जाएंगे हैरान

Parmeshwar Singh Chundwat January 31, 2026 1 minute read

Great Wall of India : राजस्थान की वीरभूमि अपने किलों, महलों और अद्भुत स्थापत्य कला के लिए विश्वभर में प्रसिद्ध है। इन्हीं ऐतिहासिक धरोहरों में एक ऐसा किला भी है, जिसकी पहचान उसकी विशाल और अभेद्य दीवार से होती है। यह दीवार इतनी चौड़ी और लंबी है कि कहा जाता है, इस पर एक साथ आठ घोड़े दौड़ सकते हैं। जी हां, हम बात कर रहे हैं राजसमंद जिले में स्थित कुंभलगढ़ किले (Kumbhalgarh Fort) की, जिसे दुनिया में “The Great Wall of India” के नाम से जाना जाता है।

चीन की ग्रेट वॉल के बाद यदि किसी दीवार का नाम विश्व इतिहास में Great Wall of India Rajasthan दर्ज है, तो वह कुंभलगढ़ किले की यही दीवार है। यह दीवार न केवल किले की सुरक्षा का प्रमुख आधार रही, बल्कि आज भी यह भारत की अद्भुत इंजीनियरिंग और स्थापत्य कला (Architecture & Engineering Marvel) का जीवंत उदाहरण मानी जाती है।

राणा कुम्भा की दूरदर्शिता का परिणाम

कुंभलगढ़ किले का निर्माण मेवाड़ के पराक्रमी शासक महाराणा कुम्भा ने 1443 ई. से 1458 ई. के बीच करवाया था। करीब 15 वर्षों तक चले इस निर्माण कार्य में उस समय की श्रेष्ठ तकनीक, योजना और श्रम का उपयोग किया गया। यही कारण है कि यह किला आज भी मजबूती से खड़ा है। Great wall of india history यह किला समुद्र तल से लगभग 1,914 मीटर (6,280 फीट) की ऊंचाई पर स्थित है। अरावली की पहाड़ियों में बसा यह किला प्राकृतिक सुरक्षा से भी घिरा हुआ है, जो इसे और भी सुरक्षित बनाता था। यह किला UNESCO World Heritage Site की सूची में शामिल है, जो इसकी ऐतिहासिक महत्ता को दर्शाता है।

इतिहास के पन्नों में दर्ज है कि मुगल बादशाह Kumbhalgarh fort wall distance अकबर ने इस किले को जीतने की कई कोशिशें कीं, लेकिन वह इस दीवार को भेदने में असफल रहा। दीवार की मजबूती और किले की रणनीतिक बनावट ने इसे लगभग अभेद्य बना दिया था।

36 किमी लंबी दीवार — आज भी अद्भुत

Great Wall of India length : कुंभलगढ़ किले की दीवार की कुल लंबाई लगभग 36 किलोमीटर बताई जाती है, जो इसे दुनिया की दूसरी सबसे लंबी दीवार बनाती है। हालांकि समय और प्राकृतिक कारणों से अब इसका लगभग 10.8 किलोमीटर हिस्सा ही स्पष्ट रूप से मौजूद है, फिर भी इसकी भव्यता आज भी पर्यटकों को चकित कर देती है। Great Wall of India vs China दीवार की चौड़ाई अलग-अलग स्थानों पर 15 से 25 फीट तक है। इसी चौड़ाई के कारण इस पर घोड़ों से गश्त की जाती थी। दीवार पर 24 से अधिक बुर्ज (Watch Towers) बने हुए हैं, जहां से सैनिक दूर-दूर तक नजर रख सकते थे। Kumbhalgarh fort wall length

संत के बलिदान से जुड़ी रोचक कथा

Great Wall of India Udaipur : कुंभलगढ़ किले की दीवार के निर्माण से जुड़ी एक लोककथा भी प्रचलित है। कहा जाता है कि निर्माण के दौरान बार-बार बाधाएं आ रही थीं। तब एक संत ने स्वेच्छा से बलिदान दिया, जिसके बाद निर्माण कार्य बिना किसी रुकावट के आगे बढ़ सका। संत की स्मृति में किले में भैरव पोल बनाया गया।

किले के भीतर मौजूद ऐतिहासिक धरोहरें

Kumbhalgarh fort wall history : कुंभलगढ़ किला केवल अपनी दीवार के लिए ही नहीं, बल्कि अंदर स्थित अनेक महलों, मंदिरों और संरचनाओं के लिए भी प्रसिद्ध है। इनमें प्रमुख हैं:

  • महाराणा कुम्भा का जन्म स्थान
  • उदयसिंह का महल
  • महाराणा कुम्भा महल
  • झाली रानी का महल
  • फतह प्रकाश महल
  • तोपखाना और घुड़साला
  • यज्ञवेदी
  • सूर्यदेव मंदिर, नीलकंठ महादेव मंदिर
  • चारभुजा मंदिर, गणेश मंदिर, पाश्र्वनाथ मंदिर
  • पीतलिया शाह मंदिर, मामा देव मंदिर
  • गोलेराव मंदिर समूह

इन संरचनाओं से स्पष्ट होता है कि यह किला केवल सैन्य दृष्टि से ही नहीं, बल्कि धार्मिक और सांस्कृतिक दृष्टि से भी अत्यंत महत्वपूर्ण रहा है।

बादल महल और ऐतिहासिक पोल (दरवाजे)

किले के शीर्ष पर स्थित बादल महल से अरावली की पर्वतमालाओं का अद्भुत दृश्य दिखाई देता है। यहां तक पहुंचने के लिए कई ऐतिहासिक पोल (गेट) पार करने होते हैं, जैसे — भैरव पोल, निम्बो पोल, पागड़ा पोल आदि।

इतिहास, रोमांच और सौंदर्य का संगम

कुंभलगढ़ किला इतिहास प्रेमियों, Kumbhalgarh photos वास्तुकला के विद्यार्थियों, पर्यटकों और शोधकर्ताओं के लिए एक अनमोल धरोहर है। यहां की दीवार पर खड़े होकर जब आप दूर तक फैली अरावली को देखते हैं, तो लगता है मानो इतिहास आज भी सांस ले रहा हो। यह किला केवल पत्थरों की संरचना नहीं, बल्कि मेवाड़ की वीरता, रणनीति, संस्कृति और आस्था का प्रतीक है।

क्यों कहा जाता है इसे “Great Wall of India”

  • 36 किमी लंबी विशाल दीवार
  • 15–25 फीट चौड़ाई
  • 24 से अधिक बुर्ज
  • पहाड़ी क्षेत्र में अभेद्य निर्माण
  • ऐतिहासिक युद्धों का साक्षी
  • UNESCO World Heritage Site का दर्जा

इन्हीं विशेषताओं के कारण कुंभलगढ़ की दीवार को विश्वभर में Great Wall of India के नाम से पहचान मिली है।

कुंभलगढ़ घूमने आए तो ये जगह देखना ना भूलें

यदि आप राजस्थान के राजसमंद जिले में स्थित ऐतिहासिक कुंभलगढ़ दुर्ग को देखने की योजना बना रहे हैं, तो आसपास मौजूद कुछ और दर्शनीय स्थल आपकी यात्रा को और भी यादगार बना सकते हैं। कुंभलगढ़ के साथ-साथ आप राजसमंद शहर में स्थित प्रसिद्ध नौ-चौकी अवश्य देखें। यह राजसमंद झील की पाल पर बनी अद्भुत शिल्पकला का नमूना है, जहां पत्थरों पर की गई बारीक नक्काशी और कलात्मक अभिलेख देखकर आप सचमुच हतप्रभ रह जाएंगे। शांत वातावरण और झील का सौंदर्य इस स्थान को बेहद आकर्षक बनाता है।

नौ-चौकी के समीप ही स्थित द्वारिकाधीश मंदिर भी आस्था का प्रमुख केंद्र है, जहां श्रद्धालु दर्शन के लिए दूर-दूर से आते हैं। इसके बाद आप नजदीक के नाथद्वारा नगर में स्थित विश्वविख्यात श्रीनाथजी मंदिर में भी दर्शन लाभ ले सकते हैं। यह मंदिर देशभर में अपनी भव्यता, परंपरा और धार्मिक महत्व के लिए प्रसिद्ध है। इस तरह कुंभलगढ़ यात्रा के साथ राजसमंद, नौ-चौकी, द्वारिकाधीश मंदिर और नाथद्वारा का श्रीनाथजी मंदिर आपकी यात्रा को इतिहास, कला और आस्था के अद्भुत संगम में बदल देते हैं।

अक्सर पुछे जाने वाले प्रश्न

भारत की महान दीवार कहां है?
राजस्थान के राजसमंद जिले में स्थित कुंभलगढ़ किले के चारों ओर बनी विशाल परकोटा दीवार को “भारत की महान दीवार” कहा जाता है।

भारत की महान दीवार किसने बनाई थी?
इस दीवार और किले का निर्माण मेवाड़ के शासक महाराणा कुम्भा ने 15वीं शताब्दी (लगभग 1443–1458 ई.) में करवाया था।

विश्व की दूसरी सबसे बड़ी दीवार कौन सी है?
चीन की महान दीवार के बाद कुंभलगढ़ किले की परकोटा दीवार को विश्व की दूसरी सबसे बड़ी/लंबी दीवार माना जाता है।

Who built the Great Wall of India?
भारत की महान दीवार (कुंभलगढ़ की दीवार) का निर्माण मेवाड़ के महाराणा कुम्भा ने करवाया था।

Which is the 2nd largest wall in the world?
विश्व की दूसरी सबसे बड़ी दीवार राजस्थान के कुंभलगढ़ किले की दीवार मानी जाती है।

Kumbhalgarh fort in which district
कुंभलगढ़ किला राजस्थान के राजसमंद जिले में स्थित है।

कुंभलगढ़ किले की दीवार कितनी लंबी है?
कुंभलगढ़ किले की दीवार लगभग 36 किलोमीटर लंबी है।

सबसे लंबी दीवार कौन सी दीवार है?
विश्व की सबसे लंबी दीवार चीन की महान दीवार (ग्रेट वॉल ऑफ चाइना) है।

विश्व की तीसरी सबसे लंबी दीवार कौन सी है?
विश्व की तीसरी सबसे लंबी दीवार के रूप में ईरान की गोरगन दीवार (Gorgan Wall) का उल्लेख किया जाता है।

How long is the wall of Kumbhalgarh Fort?
कुंभलगढ़ किले की दीवार लगभग 36 किलोमीटर लंबी है।

Which is the second longest wall in the world?
विश्व की दूसरी सबसे लंबी दीवार राजस्थान के कुंभलगढ़ किले की दीवार है।

क्या कुंभलगढ़ के लिए 1 दिन काफी है?
हाँ, कुंभलगढ़ किले के प्रमुख दर्शनीय स्थलों को देखने के लिए एक दिन पर्याप्त माना जाता है। यदि इतिहास में गहरी रुचि हो तो अधिक समय भी दिया जा सकता है।

About the Author

Parmeshwar Singh Chundwat

Editor

Parmeshwar Singh Chundwat ने डिजिटल मीडिया में कॅरियर की शुरुआत Jaivardhan News के कुशल कंटेंट राइटर के रूप में की है। फोटोग्राफी और वीडियो एडिटिंग में उनकी गहरी रुचि और विशेषज्ञता है। चाहे वह घटना, दुर्घटना, राजनीतिक, सामाजिक या अपराध से जुड़ी खबरें हों, वे SEO आधारित प्रभावी न्यूज लिखने में माहिर हैं। साथ ही सोशल मीडिया पर फेसबुक, इंस्टाग्राम, एक्स, थ्रेड्स और यूट्यूब के लिए छोटे व बड़े वीडियो कंटेंट तैयार करने में निपुण हैं।

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जयपुर के प्रताप नगर इलाके में हुए नीरज शर्मा हत्याकांड में पुलिस जांच के बाद चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। पुलिस के अनुसार, 45 वर्षीय नीरज शर्मा की हत्या उनकी बेटी आयुषी शर्मा ने प्रॉपर्टी और सरकारी नौकरी पाने के लालच में करवाई। आरोप है कि आयुषी ने अपने ताऊ मोहन स्वरूप और चचेरे भाई बलराम उर्फ रवि के साथ मिलकर पूरी साजिश रची। हत्या के लिए 7 लाख रुपए की सुपारी दी गई और कई दिनों तक महिला की रेकी की गई। 3 जुलाई को जब नीरज शर्मा अपने बेटे को कोचिंग छोड़कर घर लौट रही थीं, तभी करीब 130 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से आई स्कॉर्पियो ने उन्हें टक्कर मार दी, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई। पुलिस जांच में सामने आया कि आयुषी अपने पिता की मृत्यु के बाद उनकी सरकारी नौकरी चाहती थी, लेकिन नीरज शर्मा ने स्वयं अनुकंपा नियुक्ति स्वीकार कर ली। इसी के साथ संपत्ति को लेकर भी परिवार में विवाद चल रहा था।#Jaipurneerajsharmacase #JAivardhannewsJaivardhan News : यह चैनल राजस्थान सहित देश-दुनिया की ताजा, विश्वसनीय और निष्पक्ष खबरों के लिए समर्पित है।Owner & Editor: Laxman Singh Rathore (Journalist)🌐 Website: http://www.jaivardhannews.com
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