
Retired army man murder : कोटा शहर के आरकेपुरम थाना क्षेत्र स्थित आंवली रोजड़ी इलाके में रिटायर्ड फौजी मनोज की हत्या का मामला लगातार सुर्खियों में बना हुआ है। इस सनसनीखेज हत्याकांड में पुलिस जांच तेजी से आगे बढ़ रही है। शुरुआती जांच के आधार पर पुलिस ने मृतक की पत्नी दीपिका और उसके सहयोगी विष्णु गर्ग को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि मामले का मुख्य आरोपी देवेश अभी भी फरार बताया जा रहा है। पुलिस का कहना है कि यह मामला केवल घरेलू विवाद तक सीमित नहीं दिख रहा, बल्कि इसमें गहरी साजिश, आपसी रिश्तों में अविश्वास और संभावित प्लानिंग के संकेत भी सामने आ रहे हैं।
जांच में सबसे चौंकाने वाली बात यह सामने आई है कि फरार आरोपी देवेश मृतक मनोज का सिर्फ परिचित नहीं, बल्कि बेहद करीबी दोस्त था। उसका मनोज के घर नियमित आना-जाना था और परिवार के लोग भी उसे जानते थे। पुलिस का मानना है कि इसी विश्वास का फायदा उठाकर आरोपी ने वारदात को अंजाम दिया। जिस व्यक्ति को परिवार अपना मानता था, वही घर के भीतर हत्या का आरोपी बन गया। प्रशिक्षु IPS सिद्धांत श्रीवास्तव के अनुसार, 30 अप्रैल की रात देवेश अपने एक साथी के साथ मनोज के घर पहुंचा था। घर पर देर रात तक तीनों के बीच शराब पार्टी चली। प्रारंभिक जांच में सामने आया कि शराब पार्टी के दौरान किसी बात को लेकर कहासुनी शुरू हुई, जो धीरे-धीरे बड़े विवाद में बदल गई। पुलिस के अनुसार इसी दौरान देवेश और उसके साथी ने कथित रूप से मनोज का गला दबाकर हत्या कर दी पोस्टमार्टम रिपोर्ट में भी गला दबाने के संकेत मिलने की बात सामने आई है।
पत्नी के सामने हुई हत्या!
RK Puram murder case : जांच एजेंसियों को संदेह है कि हत्या के समय पत्नी दीपिका घर में मौजूद थी। आरोप है कि घटना उसके सामने हुई और बाद में पूरे मामले को छिपाने की कोशिश की गई। पुलिस इस एंगल से भी जांच कर रही है कि पत्नी की भूमिका केवल घटना के बाद सहयोग तक सीमित थी या वह पहले से पूरी प्लानिंग में शामिल थी।

बच्चों को ऊपर भेजा, नीचे चली साजिश
Kota crime news : मामले में एक और चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। पुलिस को जानकारी मिली है कि वारदात के दौरान बच्चों को ऊपर के कमरे में भेज दिया गया था, ताकि वे घटना के बारे में कुछ न जान सकें। इसके बाद नीचे कथित तौर पर हत्या की वारदात को अंजाम दिया गया। यह तथ्य पुलिस के लिए अहम माना जा रहा है, क्योंकि इससे घटना के अचानक हुए विवाद या Pre-planned Murder होने की दिशा में जांच आगे बढ़ रही है।
सुबह होते ही अंतिम संस्कार की तैयारी
Kota wife husband murder case : हत्या के बाद आरोपियों ने मामले को सामान्य मौत दिखाने की कोशिश की। आरोप है कि सुबह होते ही अंतिम संस्कार की तैयारियां शुरू कर दी गईं। स्थानीय लोगों के अनुसार, बिना मोहल्ले को जानकारी दिए शव को जल्दी से ले जाने का प्रयास किया जा रहा था। यही जल्दबाजी पड़ोसियों के शक की वजह बनी।
पड़ोसियों की सतर्कता से खुला मामला
Retired soldier murder Rajasthan : मोहल्ले वालों ने बताया कि घटना के बाद घर से सामान्य शोक जैसा माहौल नजर नहीं आ रहा था। न रोने-धोने की आवाज थी और न ही आसपास के लोगों को जानकारी दी गई। जब कुछ लोगों ने पूछताछ की तो संतोषजनक जवाब नहीं मिला। केवल सीमित लोगों की मौजूदगी में शव ले जाने की कोशिश ने संदेह और बढ़ा दिया। इसके बाद पड़ोसियों ने मृतक के परिजनों और पुलिस को सूचना दी। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और शव को अंतिम संस्कार से पहले ही रोक लिया। अगर पड़ोसी सतर्कता नहीं दिखाते, तो मामला शायद दब भी सकता था।
पत्नी पर पहले से थे शक के आरोप
मृतक मनोज की बहन उर्मिला ने मीडिया से बातचीत में पत्नी दीपिका पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उर्मिला के अनुसार दीपिका का व्यवहार लंबे समय से संदिग्ध था। वह अक्सर मनोज के साथ झगड़ा करती थी और कई बार मारपीट तक की नौबत आ जाती थी। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि दीपिका दहेज प्रताड़ना जैसे झूठे आरोप लगाने की धमकी देती थी।
एटीएम कार्ड और पैसों को लेकर विवाद
परिवार के अनुसार मनोज और दीपिका के बीच लंबे समय से पारिवारिक विवाद चल रहा था। बताया जा रहा है कि मनोज नौकरी के कारण अधिकतर बाहर रहते थे और सप्ताहांत में ही घर आते थे। उर्मिला का आरोप है कि दीपिका ने मनोज का ATM कार्ड अपने पास रख लिया था। जब मनोज ने कार्ड वापस मांगा तो पत्नी और बेटे के साथ विवाद हुआ। यहां तक कि मारपीट की घटनाएं भी हुईं।
गायब मोबाइल बना जांच की अहम कड़ी
पुलिस के अनुसार मृतक मनोज का मोबाइल फोन फिलहाल गायब है। जांच अधिकारियों का मानना है कि मोबाइल में Financial Transactions, Calls, Chats और अन्य महत्वपूर्ण रिकॉर्ड हो सकते हैं, जो पूरे केस की सच्चाई सामने ला सकते हैं। इसी कारण मोबाइल की तलाश तेज कर दी गई है।
पत्नी ने भी लगाए पति पर आरोप
वहीं दूसरी ओर आरोपी पत्नी दीपिका ने अपना पक्ष रखते हुए कहा है कि मनोज शराब पीने के बाद अक्सर घर में विवाद करते थे और मारपीट भी करते थे। उसका कहना है कि घटना वाले दिन भी झगड़े की शुरुआत मनोज ने ही की थी। हालांकि पुलिस फिलहाल दोनों पक्षों के दावों की जांच कर रही है।
मुख्य आरोपी अब भी फरार
पुलिस ने पत्नी दीपिका और सहयोगी विष्णु गर्ग को गिरफ्तार कर लिया है। दोनों से पूछताछ जारी है। मामले का मुख्य आरोपी देवेश अब भी फरार है। उसकी तलाश में पुलिस लगातार संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि देवेश की गिरफ्तारी के बाद पूरे घटनाक्रम की तस्वीर और साफ हो सकेगी।
कई एंगल से जांच जारी
फिलहाल पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि यह हत्या अचानक हुए विवाद का परिणाम थी या पहले से रची गई सुनियोजित साजिश। इसके अलावा पुलिस सबूत मिटाने, शव को जल्द अंतिम संस्कार के लिए ले जाने और परिवार के भीतर लंबे समय से चल रहे विवाद जैसे पहलुओं की भी जांच कर रही है। कोटा का यह मामला रिश्तों में विश्वासघात, घरेलू तनाव और अपराध की खतरनाक परतों को उजागर करता नजर आ रहा है। आने वाले दिनों में इस केस में और बड़े खुलासे होने की संभावना है।



