
आचार्य महाश्रमण को आह्वान पर जैन समाज के प्रतिनिधि मण्डल ने कलक्टर को पत्र सौंप बताया- सड़क पर अब नहीं चाहते कोई विवाद, सड़क का नाम अहिंसा मार्ग की बजाय पूर्ववत ही रखा जाए
Road naming controversy : राजसमंद न्यूज, 22 दिसंबर। आचार्य श्री महाश्रमण के नाम पर टीवीएस चौराहे से पानी की टंकी तक 50 फीट रोड के नामकरण विवाद का पटाक्षेप सोमवार देर शाम हो गया जब जैन समाज के प्रतिनिधि मण्डल ने आचार्य महाश्रमण की आज्ञा, आदेश एवं स्वीकृति के पश्चात एक लिखित पत्र जिला कलक्टर अरुण कुमार हसीजा के निवास पर पहुंच कर सौंप किया। पत्र के माध्यम से जैन समाज द्वारा चर्चित व विवादित 50 फीट रोड के संदर्भ में आचार्य श्री महाश्रमण का नाम पुनः जिला प्रशासन एवं नगर परिषद को समर्पित किया। जैन समाज ने एकजुट होकर कहा कि वे अब इस प्रकरण में कोई विवाद नहीं चाहते, 50 फीट रोड का नाम आचार्य श्री महाश्रमण के नाम पर न रख नगरपरिषद पूर्ववर्ती नाम ही अपनाएं, जैन समाज को पूर्ववर्ती स्थिति स्वीकार्य है। जिला कलक्टर अरुण कुमार हसीजा ने शहर में शांति और सद्भाव की दिशा में जैन समाज की इस पहल की मुक्तकंठ से प्रशंसा की।
Acharya Mahashraman : तेरापंथ धर्मसंघ के आचार्य महाश्रमण के राजसमंद आगमन पर 30 नवंबर 2025 को पचास फीट रोड के नाम से फेमस सड़क का नामकरण आचार्य महाश्रमण अहिंसा मार्ग किया गया। आचार्य महाश्रमण के साथ राजसमंद विधायक दीप्ति माहेश्वरी व नगरपरिषद के सभापति अशोक टांक सहित बड़ी तादाद में जैन समाज के प्रतिनिधि, पार्षदगण व अन्य लोग शामिल हुए। उसके बाद इसी मार्ग का निर्माण होते हुए शिलान्यास पटि्टका पर इस मार्ग का नामकरण महाराणा राजसिंह होने की बात सामने आई, जिसके बारे में तत्कालीन नगरपालिका के अध्यक्ष महेश पालीवाल द्वारा भी मीडिया को बताई गई। मीडिया में खबरे सामने आने के बाद समाज व शहर में विवाद उपज गया। इसके बाद शहरवासियों में तनाव और समाजों में टकराव के हालात उत्पन्न हो गए। कुछ हिंसात्मक घटनाएं भी घटने लगी। इसमें खास तौर से नगरपरिषद कार्यालय पर विरोध प्रदर्शन हुआ। उसके बाद गत दिनों बालकृष्ण स्टेडियम में आयुक्त ब्रजेश राय पर स्याही फेंकी, जिसके छींटे सभापति अशोक टांक पर भी पहुंचे। भाजपा आईटीसेल संयोजक भरत दवे व कुछ अन्य युवकों द्वारा स्याही फेंकी गई। इससे हिंसात्मक स्थिति उत्पन्न हुई, जिसकी वजह से कांकरोली थाने में मुकदमे और गिरफ्तारी हुई। यह बात जब आचार्य महाश्रमण तक पहुंची, तो वे काफी आहत हुए और राजसमंद के जैन समाज को पाली बुलाया। फिर आचार्य महाश्रमण ने जैन समाज से कहा कि सड़क के नामकरण की वजह से पूरे शहर में हिंसा फैल रही है, तो ऐसी स्थिति नहीं होनी चाहिए और तत्काल उस सड़क का नाम पूर्ववत ही रखने के लिए जिला कलक्टर और नगरपरिषद को आग्रह पत्र सौंपा जाए, ताकि राजसमंद शहर में उपजा विवाद खत्म हो सके और सर्वसमाज में शांति व्यवस्था और अहिंसा का वातावरण कायम हो सकें। इसके तहत जैन समाज का प्रतिनिधि मंडल सोमवार शाम को जिला कलक्टर के आवास पर पहुंचा और सड़क के नामकरण सरेंडर पत्र कलक्टर अरुण कुमार हसीजा को सौंपा गया। कलक्टर ने भी अहिंसा मार्ग नामकरण पत्र को स्वीकार कर लिया।


आचार्य महाश्रमण की तरफ से जैन समाज यह है पत्र
Disputed road naming : पत्र में जैन समाज के प्रतिनिधि मण्डल ने लिखा कि आचार्य श्री महाश्रमण कभी भी किसी भी रूप में कुछ भी प्राप्त करने की आकांक्षा भी नहीं रखते। कांकरोली में आचार्य श्री महाश्रमण 30 नवंबर, 2025 को पधारे थे, इसी दिन राजसमंद के सर्व समाज जनों ने आचार्य प्रवर का श्रद्धा से अभिनंदन स्वागत किया। इसी दौरान 50 फीट रोड का नामकरण 2023 के प्रस्ताव के आधार पर आचार्य श्री महाश्रमण अहिंसा मार्ग का लोकार्पण भी हुआ, जिससे पूरा जन मन पुलकित भी था। परन्तु उसके बाद मार्ग को लेकर कुछ विषम परिस्थितियाँ उत्पन्न हुई, परन्तु आत्मतोष हैं कि सर्व समाज ने एक मत से बडे मन का भाव प्रकट कर आचार्य श्री महाश्रमण के प्रति श्रद्धा प्रकट कर मार्ग का नाम परिवर्तन नहीं करने का आह्वान भी किया हैं और केवल प्रक्रिया को आक्षेपित किया हैं। विशेष तौर से राजपूत समाज ने जो महानता, परिपक्वता, सद्भाव और सामंजस्य का जो भाव प्रकट किया हैं, वह काबिले प्रशंसनीय हैं। पूरा जैन समाज राजपूत समाज के इस सद्भाव के प्रति अहोभाव व्यक्त करता हैं। राजसमन्द क्षेत्र के संस्थापक महाराणा राजसिंह हमारे पूज्य हैं और जैन समाज क्या, कोई भी समाज और जैन समाज का व्यक्ति क्या, कोई व्यक्ति विशेष भी उनके अपमान का चिंतन भी अपने दिमाग में नहीं ला सकता, तो अपमान करना और अपमान का भाव भी मन में लाना असंभव हैं। यह कोई विषय ही नहीं होना चाहिए कि पूज्यवरों के नाम लगाने के संबंध में कोई विवाद होगा, दोनों ही आराध्य हैं और दोनो ही श्रेष्ठता की प्रतिमूर्ति हैं। परन्तु मन आज कुछ आहत हैं, यह लिखते हुए भी और बयानबाजी को सुनते हुए भी की अहिंसा का उपदेश देने वाले जैन तेरापंथ समाज के आचार्य श्री महाश्रमण जी के नाम पर आचार्य श्री महाश्रमण अहिंसा मार्ग के नामकरण मात्र से हिंसा का माहौल निर्मित हो रहा है, जो कि जैन समाज का कोई भी सदस्य कदापि कभी भी नहीं चाहेगा। पत्र में लिखा कि राजसमन्द क्षेत्र एक शान्त, सुदृढ एवं सभ्य छवि वाला नगर हैं, यहां हिंसा के लिए कोई स्थान नहीं हो सकता और न है, इसलिए केवल नामकरण मात्र से अगर कोई विवाद होता है, कोई हिंसा होती है और जैन समाज के ऋषि परम्परा के संवाहक आचार्य श्री महाश्रमण का नाम उसमें आता जाता है तो पूरा जैन समाज उससे अपने आप को आहत महसूस करता है। जैन समाज ऐसा विवाद नहीं चाहते है और न ऐसा नाम ही चाहते है, जिसमें कोई विवाद हो। इसलिए जैन तेरापंथ समाज एक सरल मार्ग आप सर्व समाज के समक्ष प्रस्तुत करता है कि जैन समाज सर्व समाज के हित में और अहिंसा के समाचरण के लिए, उक्त इस हुए नामकरण को पुनः सर्व समाज, राज्य सरकार, माननीय सांसद, माननीय विधायक, नगर परिषद आदि को समर्पित करता है।
कलक्टर से मुलाकात के वक्त ये थे मौजूद
IAS Arun Kumar Hasija : कलक्टर निवास पर जैन समाज के लाभ चंद बोहरा (सभाध्यक्ष कांकरोली), धनेन्द्र मेहता (सभा मंत्री), शांतिलाल कोठारी (वरिष्ठ श्रावक), तनसुख तुकलिया (सभा उपाध्यक्ष), लक्ष्मीलाल बाफना (उपाध्यक्ष कांकरोली), कमलेश बोहरा (सह मंत्री), मदन धोका (संगठन मंत्री), महेन्द्र कोठारी (मुख्य संरक्षक मेवाड़ कॉन्फ्रेंस), हिम्मत मेहता, मीडिया प्रभारी बाबूलाल बाबेल सरदारगढ़ आदि मौजूद थे।

नगरपरिषद और जनप्रतिनिधियों को भेजा पत्र
राजसमंद शहर में विवादित सड़क का का नाम “आचार्य महाश्रमण अहिंसा मार्ग” हटाने के लिए सरेंडर पत्र जैन समाज द्वारा जिला कलक्टर अरुण कुमार हसीजा को सौंपा। साथ ही सरेंड पत्र की प्रतिलिपि नगरपरिषद राजसमंद के सभापति, नगरपरिषद आयुक्त, राजसमंद विधायक दीप्ति माहेश्वरी, राजसमंद सांसद महिमा कुमारी मेवाड़ के अलावा मीडियाकर्मियों को भी प्रतिपिलिप दी गई है।
पुलिस ने की शांति व्यवस्था बनाए रखने की अपील
राजसमंद शहर में सड़क के नामकरण को लेकर उपजे विवाद के बीच जैन समाज द्वारा जिला कलक्टर को सड़क नामकरण का ज्ञापन देने के बाद जिला पुलिस अधीक्षक ममता गुप्ता ने आमजन से शांति व्यवस्था बनाए रखने की अपील की है। एसपी ने स्पष्ट किया कि कोई व्यक्ति बेवजह अफवाह न उड़ाए और न ही किसी व्यक्ति या समाज को हिंसा के लिए उकसाए। शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए आमजन से खास अपील की गई है।


