
Weather Update Today : देशभर में मौसम का मिजाज लगातार बदल रहा है। नौतपा के बीच जहां कुछ दिनों पहले तक भीषण गर्मी और लू लोगों को परेशान कर रही थी, वहीं अब कई राज्यों में बारिश, तेज आंधी और ओलावृष्टि ने मौसम को पूरी तरह बदल दिया है। 30 मई को नौतपा का छठा दिन है और भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने देश के कई हिस्सों के लिए विशेष मौसम चेतावनी जारी की है। राजस्थान में राजसमंद, उदयपुर सहित 19 जिलों में तेज हवा के साथ बारिश और ओलावृष्टि भी हुई। एक तरफ बारिश से जहां मौसम में ठंडक गुल गई है, वहीं दूसरी तरफ नौपता के दौरान हुई बारिश को लेकर लोग अलग अलग तर्क लगा रहे हैं, कुछ लोग इसे शुभ बता रहे हैं, तो कुछ अशुभ की बात कह रहे हैं। इस मुद्दे पर खबर के आखिर में विस्तार से चर्चा करेंगे। फिलहाल फैक्ट पर आते हैं, तो आधी रात बाद आसमान में काले घने बादल छा गए और रात 2 बजे से तेज हवा चलने लगी और ठीक 3 बजे तेज हवा ने तूफान का रूप ले लिया और झमाझम बारिश भी शुरू हो गई। करीब एक घंटे बाद बारिश थम गई, लेकिन सुबह तक आसमान में काले बादल छाए हुए हैं और हवा के साथ रिमझिम बौछारें भी गिर रही है।
मौसम विभाग के अनुसार आज उत्तर भारत, पूर्वी भारत और मध्य भारत के कई राज्यों में तेज आंधी, गरज-चमक, बिजली गिरने और बारिश की संभावना है। कुछ क्षेत्रों में हवाओं की गति 80 से 85 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है। ऐसे में लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार दक्षिण-पश्चिम बंगाल की खाड़ी और तमिलनाडु तट के पास एक चक्रवाती परिसंचरण सक्रिय हो रहा है। इसके अलावा मध्य असम और आसपास के क्षेत्रों में भी निचले क्षोभमंडल स्तर पर साइक्लोनिक सर्कुलेशन बना हुआ है। इन दोनों प्रणालियों के प्रभाव से देश के विभिन्न हिस्सों में मौसम तेजी से बदल रहा है। हाल के दिनों में हुई बारिश और ओलावृष्टि के कारण कई राज्यों में तापमान में उल्लेखनीय गिरावट दर्ज की गई थी। हालांकि अब कुछ क्षेत्रों में फिर से तापमान बढ़ने लगा है, लेकिन पश्चिमी विक्षोभ और चक्रवाती गतिविधियों के चलते मौसम विभाग ने कई राज्यों में बारिश और आंधी की चेतावनी जारी की है।
तूफान, बारिश और ओले भी गिरे, देखिए
राजस्थान प्रदेश में शनिवार को 30 जिलों में मौसम विभाग द्वारा आंधी के साथ ओले और बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। वेस्टर्न डिस्टर्बेंस एक्टिव होने से मौसम बदल गया है। शुक्रवार आधी रात बाद तेज हवा के साथ बारिश हुई और कहीं जगह तूफानी बारिश भी हुई। उत्तर-पूर्वी जिलों में आंधी-बारिश कारण तापमान 10 डिग्री तक गिर गया है। चूरू, हनुमानगढ़, बीकानेर, सीकर, अलवर, जयपुर, भरतपुर, झुंझुनूं, करौली में बारिश के साथ ओले गिरे, जबकि राजसमंद, उदयपुर क्षेत्र में हवा के साथ बारिश हुई। सबसे ज्यादा बरसात झुंझुनूं जिले के मलसीसर में हुई। यहां 43 मिमी (करीब 2 इंच) पानी बरसा। दौसा जिले में अंधड़ के कारण हुए हादसे में एक महिला सहित दो लोगों की मौत हो गई। वहीं, शुक्रवार को मौसम विभाग दिल्ली ने मानसून का पूर्वानुमान जारी किया। इसके अनुसार राजस्थान में मानसून सीजन कमजोर रह सकता है।
सामान्य से कमजोर रहने के संकेत, अल नीनो का असर
राजस्थान में इस साल मानसून सीजन सामान्य से कमजोर रहने की संभावना जताई गई है। मौसम विशेषज्ञों के अनुसार प्रशांत महासागर में विकसित हो रही अल नीनो (El Niño) की स्थिति इसका प्रमुख कारण बन सकती है। जून महीने से अल नीनो का प्रभाव दिखाई देना शुरू हो सकता है, जबकि जुलाई और अगस्त में भी इसके कमजोर से मध्यम स्तर पर बने रहने की संभावना है। मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक अल नीनो के प्रभाव से मानसूनी हवाओं की ताकत प्रभावित हो सकती है, जिससे प्रदेश के कई हिस्सों में बारिश सामान्य से कम रहने के आसार हैं। हालांकि, मानसून पूरी तरह कमजोर रहेगा या नहीं, इसका स्पष्ट आकलन आगामी मौसमीय परिस्थितियों पर निर्भर करेगा।
वहीं, हिंद महासागर में इंडियन ओशन डायपोल (IOD) की स्थिति फिलहाल न्यूट्रल रहने की संभावना है। सामान्य तौर पर सकारात्मक IOD अच्छी बारिश में सहायक माना जाता है, लेकिन इस बार इसके न्यूट्रल रहने से मानसून को अतिरिक्त मजबूती मिलने की संभावना कम नजर आ रही है। इधर, 30 मई को प्रदेश के कई जिलों में बारिश, आंधी और बिजली गिरने की चेतावनी जारी की गई है। कुछ जिलों के लिए ऑरेंज और कुछ के लिए येलो अलर्ट घोषित किया गया है। मौसम विभाग का कहना है कि पश्चिमी विक्षोभ और स्थानीय मौसमीय तंत्र के प्रभाव से आगामी दिनों में भी कई क्षेत्रों में मौसम बदल सकता है। विशेषज्ञों का मानना है कि किसानों और आम लोगों को मौसम विभाग की ताजा अपडेट पर नजर बनाए रखनी चाहिए, क्योंकि मानसून की स्थिति में समय-समय पर बदलाव संभव है।
राजस्थान के किस जिले में बारिश का अलर्ट

देश के विभिन्न राज्यों में बारिश की स्थिति
राजस्थान में तेज आंधी और बारिश
Rajasthan ka Mosam : राजस्थान के कोटा, बूंदी, बारां, झालावाड़, टोंक, राजसमंद, उदयपुर, चित्तौड़गढ़ और सवाई माधोपुर जिलों में भारी बारिश और आंधी का अलर्ट जारी किया गया है। इन जिलों में तेज हवाओं के साथ बिजली गिरने की आशंका भी बनी हुई है। इन जिलों में रात से तेज हवा के साथ बारिश शुरू हो गई और सुबह तक मौसम खुशनुमा बना हुआ। आधी रात के बाद से सुबह तक तेज हवा का दौर जारी है।
हरियाणा का मौसम
Rain Alert Today : हरियाणा में मौसम विभाग ने बताया है कि राज्य के अधिकांश हिस्सों में आंशिक बादल छाए रह सकते हैं। कई जिलों में धूलभरी हवाएं चलने, गरज-चमक के साथ हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है। 1 जून तक मौसम में उतार-चढ़ाव बना रह सकता है। इससे दिन के तापमान में हल्की गिरावट भी देखने को मिल सकती है।
दिल्ली का मौसम
राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में मौसम तेजी से करवट लेने वाला है। मौसम विभाग के अनुसार अगले 24 घंटे में तेज हवाओं के साथ बारिश की संभावना है। कई इलाकों में गरज-चमक के साथ बारिश हो सकती है, जिससे लोगों को भीषण गर्मी से राहत मिलने की उम्मीद है।

उत्तर प्रदेश में मौसम का अलर्ट
IMD Weather Alert Today : उत्तर प्रदेश के मेरठ, नोएडा, गाजियाबाद, आगरा, अलीगढ़, बरेली, कानपुर, सीतापुर, बहराइच, गोंडा, अयोध्या, गोरखपुर, देवरिया, सिद्धार्थनगर, महाराजगंज और कुशीनगर समेत कई जिलों में भारी बारिश और तेज आंधी की चेतावनी जारी की गई है। मौसम विभाग का अनुमान है कि इन क्षेत्रों में 80 से 85 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं। लोगों को खुले स्थानों और कमजोर संरचनाओं से दूर रहने की सलाह दी गई है।
बिहार में तेज बारिश की संभावना
बिहार के पश्चिमी चंपारण, पूर्वी चंपारण, भोजपुर, सारण, गोपालगंज, गया, नवादा, पूर्णिया, कटिहार, किशनगंज और अररिया सहित कई जिलों में भारी बारिश और तेज आंधी की चेतावनी दी गई है। इन क्षेत्रों में 70 से 80 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं। बिजली गिरने की घटनाओं की आशंका को देखते हुए प्रशासन को सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं।
उत्तराखंड में भारी बारिश का अलर्ट
IMD Latest Weather Report : उत्तराखंड के देहरादून, हरिद्वार, चमोली, पिथौरागढ़, चंपावत, उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग और ऋषिकेश में भारी बारिश और तेज हवाओं की संभावना जताई गई है। यहां 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से हवाएं चल सकती हैं।
हिमाचल प्रदेश का मौसम
हिमाचल प्रदेश के चंबा, कुल्लू, मंडी, शिमला, सिरमौर, सोलन, कांगड़ा, ऊना और किन्नौर जिलों में बारिश और तेज हवाओं का अलर्ट जारी किया गया है। पर्वतीय क्षेत्रों में भूस्खलन और पेड़ गिरने की आशंका भी जताई गई है।
जम्मू-कश्मीर में भी बदलेगा मौसम
जम्मू, किश्तवाड़, अनंतनाग, डोडा, पुंछ, कठुआ, कुलगाम, कुपवाड़ा, बांदीपोरा, रामबन और राजौरी समेत कई जिलों में आंधी और बारिश की चेतावनी जारी की गई है। यहां 60 से 65 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं।
झारखंड में बारिश और तेज हवा
रांची, देवघर, धनबाद, बोकारो, गिरिडीह, दुमका, पाकुड़ और हजारीबाग सहित कई जिलों में भारी बारिश और तेज हवाओं का अनुमान लगाया गया है। मौसम विभाग ने लोगों को सुरक्षित स्थानों पर रहने की सलाह दी है।
छत्तीसगढ़ में येलो अलर्ट
छत्तीसगढ़ के रायपुर, बिलासपुर, जशपुर, महासमुंद, कोरबा, बलरामपुर और सूरजपुर जिलों में हल्की से मध्यम बारिश और तेज हवाओं की संभावना है। यहां 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवा चल सकती है।
पश्चिम बंगाल में भी बारिश का असर
पश्चिम बंगाल के मालदा, बर्दवान, पुरुलिया, झाड़ग्राम, दार्जिलिंग, अलीपुरद्वार, कूचबिहार और कालिम्पोंग जिलों में बारिश और आंधी की चेतावनी जारी की गई है।
पंजाब में मौसम रहेगा खराब
पंजाब के लुधियाना, फिरोजपुर, तरनतारन, गुरदासपुर, पठानकोट, कपूरथला, संगरूर और रूपनगर जिलों में भारी बारिश और तेज हवाओं की संभावना जताई गई है। यहां 60 से 65 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से हवा चल सकती है।
मध्य प्रदेश में भी बदलेगा मौसम
मध्य प्रदेश के पन्ना, छतरपुर, मुरैना, दतिया, सिवनी, बालाघाट, शहडोल, रीवा, सीधी, धार और देवास जिलों में मध्यम से भारी बारिश की संभावना जताई गई है। यहां 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से हवाएं चल सकती हैं।
असम में सबसे ज्यादा खतरा
असम के बारपेटा, धुबरी, कोकराझार, गोलाघाट, बोंगाईगांव और होजाई जिलों में भारी बारिश और तेज तूफान की चेतावनी जारी की गई है। मौसम विभाग ने यहां 80 से 90 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने की संभावना जताई है।
लोगों के लिए जरूरी सलाह
मौसम विभाग ने नागरिकों से अपील की है कि खराब मौसम के दौरान पेड़ों, बिजली के खंभों और कमजोर ढांचों से दूर रहें। किसानों को भी फसलों की सुरक्षा के लिए आवश्यक कदम उठाने की सलाह दी गई है। तेज आंधी और बिजली गिरने की स्थिति में खुले मैदानों में जाने से बचें। देशभर में मौसम का यह बदला हुआ मिजाज अगले कुछ दिनों तक जारी रह सकता है। ऐसे में स्थानीय प्रशासन और मौसम विभाग द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करना बेहद जरूरी है।
नौतपा में बारिश होना शुभ है या अशुभ?
हर साल ज्येष्ठ माह में पड़ने वाला नौतपा गर्मी का सबसे तीव्र दौर माना जाता है। इस दौरान सूर्य रोहिणी नक्षत्र में प्रवेश करता है और लगभग नौ दिनों तक भीषण गर्मी पड़ती है। लोक मान्यताओं के अनुसार नौतपा की गर्मी जितनी तेज होती है, आने वाले मानसून के लिए उतना ही अच्छा संकेत माना जाता है। लेकिन जब नौतपा के दौरान बारिश, आंधी या ओलावृष्टि हो जाती है, तब लोगों के मन में सवाल उठता है कि यह शुभ संकेत है या अशुभ। धार्मिक और लोक मान्यताओं के अनुसार नौतपा में तेज धूप और गर्मी का विशेष महत्व होता है। ग्रामीण क्षेत्रों में कहा जाता है कि नौतपा के नौ दिन यदि पूरी तरह गर्म रहें तो वर्षा ऋतु में अच्छी बारिश होती है, जिससे खेती-बाड़ी को लाभ मिलता है। वहीं नौतपा के दौरान बारिश होने पर कुछ लोग इसे मानसून के लिए कम अनुकूल संकेत मानते हैं। हालांकि यह केवल पारंपरिक मान्यता है और इसका कोई वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है।
ज्योतिष शास्त्र में नौतपा के दौरान मौसम में बदलाव को प्रकृति के संकेत के रूप में देखा जाता है। कई ज्योतिषाचार्य मानते हैं कि इस समय होने वाली बारिश को अशुभ नहीं कहा जा सकता, क्योंकि वर्षा स्वयं में जीवनदायिनी मानी जाती है। यदि बारिश से जनजीवन प्रभावित न हो और किसानों की फसलों को नुकसान न पहुंचे तो इसे सामान्य प्राकृतिक घटना माना जाता है। वैज्ञानिक दृष्टिकोण से देखें तो नौतपा के दौरान बारिश, आंधी या ओलावृष्टि पश्चिमी विक्षोभ, स्थानीय मौसम प्रणालियों और वायुमंडलीय बदलावों के कारण होती है। मौसम विशेषज्ञों के अनुसार इसका शुभ या अशुभ होने से कोई संबंध नहीं है। यह केवल मौसम की प्राकृतिक प्रक्रिया का हिस्सा है। आधुनिक मौसम विज्ञान मानसून और वर्षा का आकलन तापमान, समुद्री परिस्थितियों और वायुमंडलीय दबाव जैसे कारकों के आधार पर करता है।
विशेषज्ञों का मानना है कि नौतपा में बारिश होने पर लोगों को अंधविश्वासों से बचना चाहिए और मौसम विभाग की आधिकारिक जानकारी पर भरोसा करना चाहिए। बारिश से गर्मी से राहत मिल सकती है, लेकिन कहीं-कहीं तेज आंधी या ओलावृष्टि नुकसान भी पहुंचा सकती है। इसलिए इसे शुभ या अशुभ मानने के बजाय प्राकृतिक घटना के रूप में समझना अधिक उचित है। कुल मिलाकर, नौतपा में बारिश को लेकर अलग-अलग मान्यताएं प्रचलित हैं, लेकिन वैज्ञानिक रूप से इसे न तो शुभ और न ही अशुभ माना जाता है। यह प्रकृति और मौसम के बदलते स्वरूप का एक सामान्य हिस्सा है।



