
Lakshyaraj Singh Mewar Biography : राजस्थान की धरती सदियों से शौर्य, संस्कृति और राजसी परंपराओं के लिए जानी जाती रही है। इन्हीं गौरवशाली परंपराओं को आगे बढ़ाने वाले प्रमुख नामों में से एक हैं लक्ष्यराज सिंह मेवाड़। मेवाड़ राजघराने के उत्तराधिकारी और महाराणा प्रताप के वंशज लक्ष्यराज सिंह आज केवल शाही परिवार के प्रतिनिधि ही नहीं, बल्कि एक सफल व्यवसायी, समाजसेवी, शिक्षाविद और सांस्कृतिक विरासत के संरक्षक के रूप में भी पहचान रखते हैं।
हाल के वर्षों में लक्ष्यराज सिंह मेवाड़ लगातार चर्चा में रहे हैं। कभी सामाजिक कार्यों को लेकर, कभी शिक्षा के क्षेत्र में योगदान के कारण तो कभी मेवाड़ राजपरिवार की विरासत को आगे बढ़ाने की वजह से। उनके व्यक्तित्व की सबसे खास बात यह है कि राजघराने से संबंध रखने के बावजूद उन्होंने जीवन में संघर्ष और मेहनत को महत्व दिया। Lakshyaraj Singh Mewar father लक्ष्यराज सिंह मेवाड़ का जन्म 28 जनवरी 1985 को उदयपुर के प्रतिष्ठित मेवाड़ राजघराने में हुआ था। वे मेवाड़ राजपरिवार के प्रमुख अरविंद सिंह मेवाड़ और विजयराज कुमारी मेवाड़ के पुत्र हैं। उनके दादा महाराणा भगवत सिंह मेवाड़ थे, जिन्हें मेवाड़ राजवंश की विरासत को आधुनिक स्वरूप देने का श्रेय दिया जाता है। मेवाड़ राजवंश का इतिहास लगभग 1500 वर्षों से अधिक पुराना माना जाता है और यह राजवंश महाराणा प्रताप जैसे महान योद्धा की गौरवशाली परंपरा से जुड़ा हुआ है।

ओडिशा की राजकुमारी से विवाह

Lakshyaraj Singh Mewar wife : लक्ष्यराज सिंह मेवाड़ का विवाह ओडिशा के पूर्व राजघराने से संबंध रखने वाली निवृत्ति कुमारी से हुआ है। निवृत्ति कुमारी पूर्व मुख्यमंत्री राजेंद्र नारायण सिंह देव के परिवार से संबंध रखती हैं। Lakshyaraj Singh Mewar children दंपती के तीन बच्चे हैं और परिवार वर्तमान में उदयपुर से जुड़ी विभिन्न सामाजिक, सांस्कृतिक और व्यावसायिक गतिविधियों में सक्रिय भूमिका निभा रहा है।
लक्ष्यराजसिंह मेवाड़ का परिवार

Lakshyaraj Singh Mewar son लक्ष्यराज सिंह मेवाड़ और उनकी पत्नी निवृत्ति कुमारी मेवाड़ तीन संतानों के माता-पिता हैं। उनकी बड़ी पुत्री मोहलक्षिका कुमारी मेवाड़ हैं, जबकि दूसरी पुत्री प्राणेश्वरी कुमारी मेवाड़ हैं। परिवार के सबसे छोटे सदस्य और उत्तराधिकारी के रूप में हरितराज सिंह मेवाड़ (Haritraj Singh Mewar) को देखा जाता है। मेवाड़ राजपरिवार अपनी नई पीढ़ी को पारंपरिक राजपूत संस्कारों, सांस्कृतिक विरासत और आधुनिक शिक्षा के साथ आगे बढ़ाने पर विशेष जोर देता है।
देश-विदेश में प्राप्त की शिक्षा
लक्ष्यराज सिंह मेवाड़ ने प्रारंभिक शिक्षा उदयपुर और देश के प्रतिष्ठित शिक्षण संस्थानों से प्राप्त की। उन्होंने अजमेर के प्रसिद्ध मेयो कॉलेज में अध्ययन किया, जो देश के सबसे प्रतिष्ठित आवासीय विद्यालयों में गिना जाता है। स्कूली शिक्षा पूरी करने के बाद उन्होंने ऑस्ट्रेलिया के ब्लू माउंटेंस इंटरनेशनल होटल मैनेजमेंट स्कूल में दाखिला लिया और वहां से वाणिज्य (बीकॉम) की पढ़ाई की। इसके बाद उन्होंने सिंगापुर के नानयांग इंस्टीट्यूट ऑफ हॉस्पिटैलिटी मैनेजमेंट में प्रबंधन और होटल उद्योग से संबंधित उच्च शिक्षा प्राप्त की। विदेश में अध्ययन के दौरान उन्होंने केवल किताबों तक खुद को सीमित नहीं रखा, बल्कि व्यावहारिक अनुभव हासिल करने पर भी विशेष ध्यान दिया।
Lakshyaraj Singh Mewar net worth

लक्ष्यराज सिंह मेवाड़ मेवाड़ राजवंश की समृद्ध विरासत को आधुनिक सोच के साथ आगे बढ़ाने वाले प्रमुख व्यक्तित्वों में गिने जाते हैं। उदयपुर स्थित ऐतिहासिक महलों, विरासत संपत्तियों और प्रतिष्ठित हेरिटेज होटलों के संचालन एवं विकास में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका है। आतिथ्य, पर्यटन और सांस्कृतिक संरक्षण के क्षेत्र में सक्रिय लक्ष्यराज सिंह मेवाड़ ने पारंपरिक शाही विरासत को आधुनिक व्यावसायिक दृष्टिकोण से जोड़ने का प्रयास किया है। विभिन्न मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार उनकी कुल संपत्ति 10,000 करोड़ रुपये से अधिक आंकी जाती है, जिसमें शाही महल, लक्जरी होटल, मूल्यवान अचल संपत्तियां, ऐतिहासिक धरोहरें और दुर्लभ शाही संग्रह शामिल हैं। उनकी पहचान केवल एक राजवंशीय उत्तराधिकारी के रूप में ही नहीं, बल्कि सफल व्यवसायी, समाजसेवी और सांस्कृतिक विरासत के संरक्षक के रूप में भी स्थापित है।
वेटर के रूप में भी किया काम

लक्ष्यराज सिंह मेवाड़ की जीवन यात्रा का सबसे प्रेरणादायक पहलू यह है कि शाही परिवार से आने के बावजूद उन्होंने जमीन से जुड़कर काम करने में कभी संकोच नहीं किया। हॉस्पिटैलिटी क्षेत्र की पढ़ाई पूरी करने के बाद उन्होंने ऑस्ट्रेलिया के विभिन्न होटल और कैफे में वेटर के रूप में काम किया। इस दौरान उन्होंने ग्राहकों की सेवा से लेकर होटल संचालन तक की बारीकियों को नजदीक से समझा। उनका मानना रहा है कि किसी भी व्यवसाय को सफलतापूर्वक संचालित करने के लिए उसकी शुरुआत सबसे निचले स्तर से समझना जरूरी होता है। यही अनुभव आगे चलकर उनके व्यावसायिक जीवन में काफी उपयोगी साबित हुआ।
एचआरएच ग्रुप ऑफ होटल्स से जुड़ी जिम्मेदारियां
विदेश से शिक्षा और व्यावहारिक अनुभव प्राप्त करने के बाद लक्ष्यराज सिंह मेवाड़ उदयपुर लौटे। यहां उन्होंने परिवार के प्रतिष्ठित आतिथ्य व्यवसाय से जुड़कर जिम्मेदारियां संभालीं। वर्तमान में वे एचआरएच ग्रुप ऑफ होटल्स और द लेक पैलेस होटल्स एंड मोटल्स प्राइवेट लिमिटेड से जुड़े महत्वपूर्ण पदों पर कार्यरत हैं। उनके नेतृत्व में विरासत होटलों को आधुनिक सुविधाओं और वैश्विक मानकों के अनुरूप विकसित करने की दिशा में कई प्रयास किए गए हैं।
शिक्षा और समाजसेवा में विशेष योगदान
व्यवसाय के साथ-साथ लक्ष्यराज सिंह मेवाड़ शिक्षा और सामाजिक सेवा के क्षेत्र में भी सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं। वे महाराणा मेवाड़ पब्लिक स्कूल और महाराणा मेवाड़ विद्या मंदिर सहित विभिन्न शैक्षणिक संस्थानों के संचालन और विकास की निगरानी करते हैं। उनका उद्देश्य विद्यार्थियों को पारंपरिक शिक्षा के साथ आधुनिक तकनीक, नवाचार और कौशल विकास से जोड़ना है। उन्होंने आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों के विद्यार्थियों, विशेषकर बालिकाओं की शिक्षा के लिए कई योजनाओं का समर्थन किया है। वर्ष 2023 में उन्होंने उदयपुर के एक सरकारी बालिका विद्यालय की छात्राओं की पूरी ट्यूशन फीस प्रायोजित कर चर्चा बटोरी थी।
परोपकार और सामाजिक पहल
लक्ष्यराज सिंह मेवाड़ समय-समय पर विभिन्न सामाजिक अभियानों का नेतृत्व करते रहे हैं। कोविड-19 महामारी के दौरान जरूरतमंद परिवारों तक राहत सामग्री पहुंचाने में भी उन्होंने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। इसके अलावा पर्यावरण संरक्षण, महिला सशक्तिकरण, बालिका शिक्षा, सांस्कृतिक संरक्षण और धार्मिक सद्भाव जैसे विषयों पर भी वे लगातार कार्य कर रहे हैं। उनके नेतृत्व में वृक्षारोपण अभियानों और सामाजिक जागरूकता कार्यक्रमों का आयोजन किया गया है।
गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड और अंतरराष्ट्रीय पहचान
लक्ष्यराज सिंह मेवाड़ केवल राजस्थान ही नहीं, बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी अपनी पहचान बना चुके हैं। उनके नाम कई गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड दर्ज हैं और उन्हें विभिन्न राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय मंचों पर सम्मानित किया जा चुका है। वे TEDx जैसे प्रतिष्ठित कार्यक्रमों में वक्ता के रूप में भी भाग ले चुके हैं, जहां उन्होंने नेतृत्व, विरासत संरक्षण और सामाजिक उत्तरदायित्व जैसे विषयों पर अपने विचार साझा किए।
Lakshyaraj Singh Mewar car collection

लक्ष्यराज सिंह मेवाड़ को विंटेज और क्लासिक कारों का बेहद शौक है, जो उन्हें अपने पूर्वजों से विरासत में मिला है। मेवाड़ राजपरिवार का विंटेज कार संग्रह देश के सबसे समृद्ध और चर्चित संग्रहों में गिना जाता है। इस कलेक्शन में रोल्स-रॉयस फैंटम II, ब्यूक सुपर सेडान, कैडिलैक कन्वर्टिबल, फोर्ड ए, मॉरिस और वॉक्सहॉल जैसी कई दुर्लभ एवं ऐतिहासिक कारें शामिल हैं। इनमें से कुछ कारों का उपयोग कभी शाही समारोहों और विदेशी गणमान्य अतिथियों के स्वागत के लिए किया जाता था। लक्ष्यराज सिंह मेवाड़ आज भी इस अनमोल विरासत को संजोए रखने में विशेष रुचि रखते हैं। उनकी देखरेख में इन क्लासिक कारों का नियमित रखरखाव और संरक्षण किया जाता है, जिसके कारण दशकों पुरानी ये गाड़ियां आज भी शानदार स्थिति में हैं। विंटेज कारों के प्रति उनका लगाव मेवाड़ राजवंश की शाही जीवनशैली और ऐतिहासिक विरासत को जीवंत बनाए रखने का प्रतीक माना जाता है।



