
AC Blast Reasons in Summer : गर्मियों के मौसम में एयर कंडीशनर (AC) लोगों के लिए राहत का सबसे बड़ा साधन बन चुका है। भीषण गर्मी और बढ़ते तापमान के बीच घर, ऑफिस और दुकानों में AC का इस्तेमाल लगातार बढ़ रहा है। हालांकि, जिस AC से लोगों को आराम और ठंडक मिलती है, वही कभी-कभी गंभीर हादसों की वजह भी बन सकता है। हाल के वर्षों में AC में आग लगने और ब्लास्ट होने की घटनाएं तेजी से बढ़ी हैं, जिनमें कई लोगों की जान तक जा चुकी है। हाल ही में दिल्ली के हौज खास इलाके में एक रिटायर्ड IAS अधिकारी की AC में आग लगने से मौत हो गई। इस घटना ने एक बार फिर लोगों को सोचने पर मजबूर कर दिया है कि आखिर AC में आग क्यों लगती है और इससे कैसे बचा जा सकता है। विशेषज्ञों के अनुसार, AC में ब्लास्ट या आग लगने के पीछे कई तकनीकी कारण होते हैं। यदि समय रहते इन कारणों पर ध्यान दिया जाए तो बड़े हादसों को आसानी से टाला जा सकता है।
1. गैस लीक और चिंगारी बन सकती है खतरनाक संयोजन
Air Conditioner Explosion Causes : विशेषज्ञ बताते हैं कि AC में इस्तेमाल होने वाली R32, R290 और R22 जैसी गैसें कूलिंग का काम करती हैं। इनमें से कुछ गैसें हल्की ज्वलनशील होती हैं। यदि AC की पाइपलाइन में किसी वजह से गैस का रिसाव हो जाए और उसी समय आसपास किसी प्रकार की चिंगारी पैदा हो जाए तो आग लगने या विस्फोट होने का खतरा बढ़ जाता है। इसलिए यह बेहद जरूरी है कि AC की पाइपलाइन और कनेक्शन नियमित रूप से जांचे जाएं। साथ ही AC के आसपास वेल्डिंग, कटिंग या आग से जुड़े अन्य कार्य करने से बचना चाहिए।

2. गलत या सस्ती गैस भरवाना पड़ सकता है भारी
AC Fire Safety Tips : कई लोग सर्विसिंग के दौरान पैसे बचाने के लिए स्थानीय या कम गुणवत्ता वाली गैस भरवा लेते हैं। कई बार कुछ तकनीशियन भी कम कीमत वाली गैस का इस्तेमाल कर देते हैं, जिससे AC के अंदर दबाव असामान्य रूप से बढ़ सकता है। ऐसी स्थिति में कंप्रेसर पर अतिरिक्त दबाव पड़ता है और ब्लास्ट का खतरा बढ़ जाता है। इसलिए हमेशा अधिकृत सर्विस सेंटर या प्रमाणित तकनीशियन से ही गैस भरवानी चाहिए और यह सुनिश्चित करना चाहिए कि AC में कंपनी द्वारा निर्धारित गैस ही इस्तेमाल हो।
3. कंप्रेसर का ओवरहीट होना भी है बड़ा कारण
AC Compressor Explosion Reasons : AC का कंप्रेसर पूरे सिस्टम का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा होता है। यदि एयर फिल्टर गंदे हो जाएं, कंडेंसर कॉइल जाम हो जाए या गैस की मात्रा कम हो जाए तो कंप्रेसर पर अतिरिक्त दबाव पड़ने लगता है।
लगातार अधिक लोड में चलने के कारण कंप्रेसर का तापमान 200 डिग्री सेल्सियस से भी ऊपर पहुंच सकता है। इससे अंदर का दबाव बढ़ता है और गंभीर स्थिति में कंप्रेसर फट सकता है।
इसलिए समय-समय पर AC की सफाई और सर्विसिंग कराना बेहद जरूरी है।
4. खराब वायरिंग और शॉर्ट सर्किट से लग सकती है आग
Air Conditioner Maintenance Tips : AC में आग लगने की सबसे आम वजहों में इलेक्ट्रिकल फॉल्ट भी शामिल है। यदि वायरिंग ढीली हो, कैपेसिटर खराब हो जाए या बिजली का वोल्टेज बार-बार ऊपर-नीचे हो रहा हो, तो शॉर्ट सर्किट का खतरा बढ़ जाता है। शॉर्ट सर्किट से पैदा हुई चिंगारी गैस लीक होने की स्थिति में आग को और भड़का सकती है। मानसून के मौसम में नमी बढ़ने के कारण यह खतरा और अधिक बढ़ जाता है। इसलिए AC की वायरिंग, सर्किट और बिजली सप्लाई सिस्टम की नियमित जांच करवाते रहना चाहिए।
5. वैक्यूमिंग न करना भी बन सकता है हादसे की वजह
AC में गैस भरने से पहले सिस्टम की वैक्यूमिंग करना जरूरी होता है। इस प्रक्रिया से पाइपलाइन के अंदर मौजूद हवा और नमी बाहर निकाल दी जाती है।
यदि वैक्यूमिंग सही तरीके से न की जाए तो ऑक्सीजन, गैस और बढ़ा हुआ दबाव मिलकर विस्फोट की स्थिति पैदा कर सकते हैं। इसलिए सर्विसिंग के दौरान इस प्रक्रिया को कभी नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।
AC ब्लास्ट से बचने के लिए अपनाएं ये जरूरी सावधानियां
- हमेशा अधिकृत कंपनी या प्रशिक्षित तकनीशियन से ही AC की सर्विस करवाएं।
- सर्विसिंग के बाद बिल और सर्विस रिकॉर्ड जरूर रखें।
- AC के आउटडोर यूनिट के आसपास ज्वलनशील पदार्थ, कचरा, तेल या सूखी घास न रखें।
- AC से जलने जैसी गंध, असामान्य आवाज या बर्फ जमने जैसी समस्या दिखाई दे तो तुरंत बंद कर दें।
- जरूरत पड़ने पर MCB से बिजली सप्लाई भी काट दें।
- हर 3 से 6 महीने में AC की सर्विसिंग करवाना बेहतर माना जाता है।
- AC का तापमान 24 से 26 डिग्री सेल्सियस के बीच रखना सबसे सुरक्षित और ऊर्जा-कुशल माना जाता है।
- लंबे समय तक लगातार AC चलाने से बचें और बीच-बीच में उसे आराम दें।
- बिजली के उतार-चढ़ाव वाले क्षेत्रों में स्टेबलाइजर का इस्तेमाल करें।
- किसी भी तकनीकी खराबी को नजरअंदाज न करें और तुरंत विशेषज्ञ की सलाह लें।



