
West Bengal election violence : पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के नतीजे आने के बाद राज्य में एक बार फिर राजनीतिक हिंसा की आग भड़क उठी है। कई जिलों से हत्या, आगजनी, तोड़फोड़, फायरिंग और राजनीतिक झड़पों की खबरें सामने आ रही हैं। हालात इतने तनावपूर्ण हो गए कि कई इलाकों में केंद्रीय सुरक्षाबलों की अतिरिक्त तैनाती करनी पड़ी है।
सबसे गंभीर घटना उत्तर 24 परगना जिले के संदेशखाली क्षेत्र के बामनघेरी इलाके में सामने आई, जहां मंगलवार रात गश्त कर रही पुलिस और केंद्रीय बलों की टीम पर हमला कर दिया गया। उपद्रवियों ने सुरक्षाबलों पर कथित तौर पर फायरिंग की, जिसमें पांच जवान घायल हो गए। घायलों में नाजाट थाने के ऑफिसर-इन-चार्ज, एक कांस्टेबल, एक महिला पुलिसकर्मी और केंद्रीय बलों के दो जवान शामिल बताए जा रहे हैं। घटना के बाद पूरे इलाके में भारी तनाव फैल गया और पुलिस ने सर्च ऑपरेशन शुरू कर दिया। सुरक्षा एजेंसियों ने बामनघेरी इलाके में तलाशी अभियान चलाया तो वहां से बम से भरा एक बैग भी बरामद हुआ। जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि हमले के पीछे कौन लोग शामिल थे और क्या हिंसा पहले से योजनाबद्ध थी। स्थानीय प्रशासन ने इलाके में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात कर दिया है। कई जगहों पर रातभर फ्लैग मार्च भी किया गया।
24 घंटे में 4 राजनीतिक हत्याएं
Bengal post poll violence 2026 : राज्य में पिछले 24 घंटों के भीतर अलग-अलग जिलों में चार लोगों की हत्या ने राजनीतिक माहौल को और गर्म कर दिया है। इन मृतकों में भाजपा और तृणमूल कांग्रेस (TMC) के दो-दो कार्यकर्ता शामिल बताए जा रहे हैं। भाजपा ने आरोप लगाया है कि उत्तर 24 परगना के न्यू टाउन और हावड़ा के उदयनारायणपुर में उसके दो कार्यकर्ताओं की हत्या TMC समर्थकों ने की। वहीं तृणमूल कांग्रेस ने दावा किया है कि कोलकाता के बेलेघाटा और बीरभूम जिले के नानूर में उसके दो पार्टी कार्यकर्ताओं की हत्या भाजपा समर्थकों ने की है। दोनों पार्टियां एक-दूसरे पर राजनीतिक बदले की कार्रवाई और हिंसा फैलाने का आरोप लगा रही हैं।
कोलकाता में TMC ऑफिस पर बुलडोजर
BJP TMC clash latest news : राजधानी कोलकाता में भी हालात बेहद तनावपूर्ण नजर आए। न्यू मार्केट इलाके के पास भाजपा समर्थकों की भीड़ ने कथित तौर पर दुकानों में तोड़फोड़ की और तृणमूल कांग्रेस के एक पार्टी कार्यालय पर बुलडोजर चला दिया। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। TMC ने वीडियो शेयर करते हुए भाजपा पर तीखा हमला बोला। पार्टी ने X (पूर्व ट्विटर) पर लिखा कि भाजपा का “परिवर्तन” अब बुलडोजर राजनीति के रूप में सामने आ रहा है। इस घटना के बाद इलाके में भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया। राज्य के कई हिस्सों से TMC दफ्तरों में तोड़फोड़ और आगजनी की खबरें सामने आई हैं।
जगतबल्लभपुर में आगजनी
Sandeshkhali violence today : जगतबल्लभपुर इलाके में तृणमूल कांग्रेस के कार्यालय में आग लगा दी गई। पार्टी ने आरोप लगाया कि भाजपा समर्थकों ने हमला कर दफ्तर को आग के हवाले किया। दक्षिण 24 परगना के आमतला इलाके में TMC महासचिव और ममता बनर्जी के भतीजे अभिषेक बनर्जी के कार्यालय में भी तोड़फोड़ की गई। पार्टी का आरोप है कि भाजपा समर्थकों ने पत्थरबाजी कर पोस्टर और बैनर फाड़ दिए। हावड़ा, सिलीगुड़ी और बहरामपुर में भी TMC कार्यालयों को निशाना बनाए जाने की खबरें सामने आई हैं। कई जगहों पर आगजनी और तोड़फोड़ हुई।
भाजपा कार्यकर्ता की मौत के बाद बढ़ा तनाव
Bengal political violence update : कोलकाता के न्यू टाउन इलाके में भाजपा कार्यकर्ता मधु मंडल की कथित पिटाई के बाद मौत हो गई। पुलिस के मुताबिक विजय जुलूस के दौरान किसी बात को लेकर विवाद हुआ, जिसके बाद हमला हुआ। भाजपा ने आरोप लगाया कि TMC कार्यकर्ताओं ने उनके कार्यकर्ता की पीट-पीटकर हत्या कर दी। इसके बाद भाजपा समर्थकों ने भी कई जगहों पर विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। स्थिति बिगड़ती देख प्रशासन को केंद्रीय बलों की मदद लेनी पड़ी।
बीरभूम में TMC नेता की गला रेतकर हत्या
बीरभूम जिले में TMC नेता अबीर शेख की बेरहमी से हत्या कर दी गई। उनका शव गला रेतकर फेंका गया मिला। इस घटना में एक अन्य व्यक्ति घायल भी हुआ है। TMC विधायक बिधान माझी ने आरोप लगाया कि हमला भाजपा समर्थकों द्वारा किया गया। हालांकि भाजपा ने इन आरोपों को राजनीति से प्रेरित बताया है।
लेनिन की प्रतिमा तोड़ी गई
मुर्शिदाबाद जिले के जियागंज में भीड़ ने रूस के क्रांतिकारी नेता व्लादिमीर लेनिन की प्रतिमा को क्षतिग्रस्त कर दिया। लेनिन को दुनिया भर में साम्यवादी विचारधारा के प्रमुख नेताओं में गिना जाता है। बंगाल में वामपंथी राजनीति के प्रभाव के कारण कई जगहों पर उनकी प्रतिमाएं स्थापित की गई थीं। इस घटना के बाद वामपंथी दलों ने भी नाराजगी जाहिर की है।
मुख्यमंत्री ममता के घर के बाहर सुरक्षा बढ़ी
राज्य में लगातार बढ़ती हिंसा को देखते हुए मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के कोलकाता स्थित आवास के बाहर सुरक्षा कड़ी कर दी गई है। राजभवन और महत्वपूर्ण सरकारी भवनों के आसपास भी सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी गई है।
चुनाव आयोग ने मांगी रिपोर्ट
चुनाव बाद हिंसा की घटनाओं पर चुनाव आयोग ने राज्य प्रशासन से विस्तृत रिपोर्ट तलब की है। आयोग ने सभी जिलों में कानून-व्यवस्था बनाए रखने और सख्त सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। राज्य के मुख्य निर्वाचन अधिकारी मनोज कुमार अग्रवाल मंगलवार को राजभवन पहुंचे और राज्यपाल को चुनाव परिणाम और सरकार गठन से जुड़ी रिपोर्ट सौंपी।

बंगाल में सरकार गठन की प्रक्रिया तेज
चुनाव आयोग द्वारा नई विधानसभा गठन की अधिसूचना जारी किए जाने के बाद राज्य में नई सरकार के गठन की प्रक्रिया तेज हो गई है। सूत्रों के मुताबिक आने वाले दिनों में सरकार गठन और शपथ ग्रहण की तैयारियां शुरू हो सकती हैं।
इधर तमिलनाडु में भी चुनाव नतीजों के बाद राजनीतिक समीकरण तेजी से बदल रहे हैं। अभिनेता विजय की पार्टी TVK ने शानदार प्रदर्शन करते हुए 108 सीटें जीत ली हैं। 234 सदस्यीय विधानसभा में बहुमत के लिए 118 सीटों की जरूरत है। विजय दो सीटों से जीते हैं, ऐसे में एक सीट छोड़ने के बाद पार्टी के पास 107 विधायक ही रह जाएंगे। ऐसे में सरकार बनाने के लिए TVK को 11 और विधायकों के समर्थन की जरूरत होगी।
कांग्रेस ने TVK को समर्थन देने का संकेत दिया
सूत्रों के मुताबिक तमिलनाडु कांग्रेस की Political Affairs Committee (PAC) की आपात बैठक में अभिनेता विजय की पार्टी TVK को समर्थन देने पर सहमति बनी है। कांग्रेस के पास राज्य में पांच सीटें हैं। वहीं PMK के चार विधायक और CPI तथा CPI(M) के दो-दो विधायक हैं। संभावित राजनीतिक जोड़तोड़ की आशंका के बीच TVK ने अपने सभी नवनिर्वाचित विधायकों को महाबलीपुरम स्थित एक रिसॉर्ट में शिफ्ट कर दिया है। सुबह से विधायकों के काफिले होटल पहुंचते देखे गए। राजनीतिक जानकार इसे सरकार गठन से पहले “संख्या बचाने की रणनीति” मान रहे हैं।
DMK ने कांग्रेस के फैसले पर उठाए सवाल
DMK ने कांग्रेस के TVK को समर्थन देने के फैसले की आलोचना की है। पार्टी प्रवक्ता सरवनन अन्नादुरई ने कहा कि विजय को AIADMK के 47 विधायक बिना शर्त समर्थन देने को तैयार हैं, ऐसे में वे केवल 5 सीटों वाली कांग्रेस की बात क्यों सुनेंगे। उन्होंने कांग्रेस के फैसले को “राजनीतिक भूल” करार दिया।
असम और केरल में भी हलचल
असम में मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने राज्यपाल को इस्तीफा सौंप दिया है। वहीं केरल में कांग्रेस गठबंधन की जीत के बाद मुख्यमंत्री पद को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं। केरल में वी.डी. सतीशन, केसी वेणुगोपाल और रमेश चेन्निथला जैसे नेताओं के नाम मुख्यमंत्री पद की दौड़ में बताए जा रहे हैं।
पांच राज्यों के चुनाव परिणामों ने बदला राजनीतिक माहौल
4 मई को पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु, असम, केरल और पुडुचेरी विधानसभा चुनाव के परिणाम आए थे। असम और पुडुचेरी में NDA ने सत्ता बरकरार रखी, जबकि बंगाल, तमिलनाडु और केरल में सत्ता परिवर्तन देखने को मिला। तमिलनाडु में विजय की दो साल पुरानी पार्टी TVK ने सबसे ज्यादा सीटें जीतकर सभी को चौंका दिया। वहीं बंगाल में चुनाव नतीजों के बाद शुरू हुई हिंसा ने राज्य की राजनीति को फिर से तनावपूर्ण मोड़ पर ला खड़ा किया है।



