
Rajasthan History : राजस्थान, भारत के उत्तरी-पश्चिमी भाग में स्थित एक ऐसा राज्य है, जो अपनी समृद्ध सांस्कृतिक विरासत, ऐतिहासिक किलों, रंग-बिरंगे त्योहारों और विशाल थार रेगिस्तान के लिए विश्वविख्यात है। यह राज्य 23°3′ से 30°12′ उत्तरी अक्षांश और 69°30′ से 78°17′ पूर्वी देशान्तर के मध्य फैला हुआ है, जिसका कुल क्षेत्रफल 342,239 वर्ग किलोमीटर है। राजस्थान भारत का सबसे बड़ा राज्य है, जो अपनी भौगोलिक विविधता और ऐतिहासिक महत्व के लिए जाना जाता है। इस लेख में, हम राजस्थान के परिचय, इतिहास, भूगोल, प्रशासन, और सांस्कृतिक विशेषताओं पर प्रकाश डालेंगे, जो इसे एक अनूठा पर्यटन स्थल बनाते हैं।
Introduction to Rajasthan : राजस्थान, भारत का सबसे बड़ा राज्य, अपनी समृद्ध संस्कृति, ऐतिहासिक किलों, और थार रेगिस्तान के लिए प्रसिद्ध है। राजस्थान अपनी सांस्कृतिक धरोहर, ऐतिहासिक महत्व, और प्राकृतिक सौंदर्य के लिए जाना जाता है। यहाँ की रंग-बिरंगी संस्कृति, स्वादिष्ट व्यंजन, और मेहमाननवाजी हर पर्यटक का दिल जीत लेती है। चाहे आप इतिहास प्रेमी हों, प्रकृति प्रेमी हों, या सांस्कृतिक उत्सवों के शौकीन, राजस्थान में आपके लिए कुछ न कुछ खास जरूर है।
राजस्थान का भूगोल और जलवायु
Rajasthan Geography : राजस्थान का भूगोल विविधताओं से भरा हुआ है। यहाँ विशाल थार रेगिस्तान, अरावली पर्वतमाला, उपजाऊ मैदान और घने जंगल एक साथ देखने को मिलते हैं। राज्य की जलवायु मुख्य रूप से शुष्क और अर्ध-शुष्क है, जहाँ गर्मियाँ तीव्र और सर्दियाँ ठंडी होती हैं। थार रेगिस्तान, जिसे “ग्रेट इंडियन डेजर्ट” भी कहा जाता है, राजस्थान की पहचान है। इसके अलावा, उदयपुर की झीलें और माउंट आबू की हरी-भरी पहाड़ियाँ इस राज्य को और भी आकर्षक बनाती हैं।
प्रमुख भौगोलिक विशेषताएँ
- थार रेगिस्तान: जैसलमेर और बाड़मेर जैसे क्षेत्रों में फैला यह रेगिस्तान राजस्थान की शान है।
- अरावली पर्वतमाला: यह भारत की सबसे पुरानी पर्वत श्रृंखला है, जो राजस्थान को प्राकृतिक सौंदर्य प्रदान करती है।
- जलस्रोत: चंबल, बनास, और लूनी जैसी नदियाँ राज्य के कुछ हिस्सों में जीवनदायिनी हैं।
राजस्थान का प्रशासन
2025 तक, राजस्थान में कुल 41 जिले और 7 संभाग (मंडल) हैं। इनका गठन समय-समय पर प्रशासनिक सुविधा और विकास के लिए किया गया है। प्रत्येक जिले का प्रशासन अखिल भारतीय सेवाओं के अधिकारियों जैसे जिला मजिस्ट्रेट (IAS), पुलिस अधीक्षक (IPS), और उप वन संरक्षक (IFS) द्वारा संचालित होता है। इसके साथ ही, राज्य द्वारा नियुक्त अधिकारी शिक्षा, स्वास्थ्य, और अन्य प्राथमिक सुविधाओं का प्रबंधन करते हैं।
जिलों का गठन और इतिहास
17 मार्च 2023 को तत्कालीन मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने 17 नए जिलों और 3 नए संभागों की घोषणा की थी, जिसकी अधिसूचना 7 अगस्त 2023 को जारी हुई। बाद में, 6 अक्टूबर 2023 को तीन और जिलों (मालपुरा, सुजानगढ़, और कुचामन सिटी) की घोषणा की गई, लेकिन इनकी अधिसूचना जारी न होने के कारण ये स्वतः निरस्त हो गए। इसके बाद, मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा की सरकार ने 30 दिसंबर 2024 को 9 जिलों और 3 संभागों को निरस्त कर दिया, जिसके परिणामस्वरूप राजस्थान में अब 41 जिले और 7 संभाग हैं।
प्रमुख संभाग और उनके जिले
- अजमेर संभाग: अजमेर, भीलवाड़ा, नागौर, टोंक, ब्यावर, डीडवाना-कुचामन
- जयपुर संभाग: जयपुर, अलवर, दौसा, झुंझुनू, सीकर, खैरथल-तिजारा, कोटपुतली-बहरोड़
- जोधपुर संभाग: जोधपुर, बाड़मेर, जैसलमेर, जालौर, पाली, सिरोही, बालोतरा, फलोदी
- उदयपुर संभाग: उदयपुर, बांसवाड़ा, चित्तौड़गढ़, डूंगरपुर, प्रतापगढ़, राजसमंद, सलुम्बर
- कोटा संभाग: कोटा, बाराँ, बूंदी, झालावाड़
- भरतपुर संभाग: भरतपुर, धौलपुर, करौली, सवाई माधोपुर, डीग
- बीकानेर संभाग: बीकानेर, चुरु, श्रीगंगानगर, हनुमानगढ़
राजस्थान परिचय : संक्षिप्त जानकारी
| श्रेणी | विवरण |
|---|---|
| भौगोलिक स्थिति | भारत के उत्तर-पश्चिम में; सबसे बड़ा राज्य (क्षेत्रफल: ~3,42,239 वर्ग किमी) |
| प्रमुख भू-आकृति | थार रेगिस्तान, अरावली पर्वतमाला, उपजाऊ मैदान |
| जलवायु | शुष्क और अर्ध-शुष्क; गर्म ग्रीष्म, ठंडी सर्दियाँ |
| प्रशासन | 41 जिले, 7 संभाग (2025 तक); जिला मजिस्ट्रेट, पुलिस अधीक्षक द्वारा प्रबंधन |
| सांस्कृतिक विशेषताएँ | घूमर नृत्य, पुष्कर मेला, दाल-बाटी-चूरमा, रंग-बिरंगे परिधान |
| पर्यटन | किले (मेहरानगढ़, आमेर), महल (उदयपुर), रेगिस्तानी सफारी, पुष्कर मेला |
| अर्थव्यवस्था | कृषि (बाजरा, गेहूँ), खनन (सीसा, जस्ता), पर्यटन, हस्तशिल्प |
| ऐतिहासिक महत्व | राजपूत शौर्य, हल्दीघाटी युद्ध, प्राचीन किले और महल |
| प्रमुख शहर | जयपुर, उदयपुर, जोधपुर, जैसलमेर, बीकानेर |
| भाषा | राजस्थानी, हिंदी; समृद्ध साहित्य और लोककथाएँ |
राजस्थान की सांस्कृतिक विरासत
Rajasthan Culture : राजस्थान की संस्कृति रंगों, परंपराओं, और आतिथ्य की मिसाल है। यहाँ की लोक कला, संगीत, नृत्य, और हस्तशिल्प विश्व भर में प्रसिद्ध हैं।

प्रमुख सांस्कृतिक विशेषताएँ
- लोक नृत्य और संगीत: घूमर, कालबेलिया, और भवई जैसे नृत्य राजस्थानी संस्कृति की जान हैं।
- हस्तशिल्प: बंधेज, ब्लॉक प्रिंटिंग, और जयपुरी रजाइयाँ यहाँ की कला का प्रतीक हैं।
- त्योहार: पुष्कर मेला, गणगौर, और तीज जैसे त्योहार यहाँ की जीवंतता को दर्शाते हैं।
- खानपान: दाल-बाटी-चूरमा, गट्टे की सब्जी, और केर-सांगरी जैसे व्यंजन राजस्थानी थाली की शान हैं।
राजस्थान में पर्यटन
Rajasthan Tourism : राजस्थान भारत का एक प्रमुख पर्यटन स्थल है, जो हर साल लाखों देशी-विदेशी पर्यटकों को आकर्षित करता है। यहाँ के किले, महल, मंदिर, और प्राकृतिक सौंदर्य पर्यटकों को मंत्रमुग्ध कर देते हैं।
प्रमुख पर्यटन स्थल
- जयपुर: गुलाबी नगरी के नाम से मशहूर, जहाँ हवा महल, सिटी पैलेस, और आमेर किला प्रमुख आकर्षण हैं।
- उदयपुर: झीलों की नगरी, जहाँ सिटी पैलेस, लेक पिचोला, और सज्जनगढ़ पैलेस देखने योग्य हैं।
- जैसलमेर: स्वर्ण नगरी, जो अपने रेगिस्तानी किले और सम सैंड ड्यून्स के लिए प्रसिद्ध है।
- जोधपुर: नीली नगरी, जहाँ मेहरानगढ़ किला और उम्मेद भवन पैलेस आकर्षण का केंद्र हैं।
- पुष्कर: यहाँ का पवित्र सरोवर और विश्व प्रसिद्ध पुष्कर मेला पर्यटकों को लुभाता है।
- राजसमंद : कुंभलगढ़ दुर्ग, श्रीनाथजी मंदिर, चारभुजानाथ मंदिर, हल्दीघाटी स्मारक, राजसमंद झील, द्वारकाधीश मंदिर
- चित्तौड़गढ़ : चित्तौड़गढ़ दुर्ग, सांवलियाजी मंदिर मंडफिया
राजस्थान के जिले: एक व्यवस्थित सूची
how many districts in rajasthan : राजस्थान राज्य के 41 जिलों की सूची एक सुंदर और व्यवस्थित तालिका के रूप में प्रस्तुत की गई है। यह तालिका क्रम संख्या, जिला नाम, मुख्यालय, क्षेत्रफल (वर्ग किलोमीटर में), जनसंख्या (2011 की जनगणना के अनुसार) और संभाग को दर्शाती है।
| क्र. सं. | जिला | मुख्यालय | क्षेत्र (किमी²) | जनसंख्या (2011) | संभाग |
|---|---|---|---|---|---|
| 1 | अजमेर जिला | अजमेर | 8,481 | 25,83,052 | अजमेर |
| 2 | अलवर जिला | अलवर | 8,380 | 36,74,179 | जयपुर |
| 3 | बालोतरा ज़िला | बालोतरा | N/A | N/A | जोधपुर |
| 4 | बांसवाड़ा जिला | बांसवाड़ा | 5,037 | 17,97,485 | उदयपुर |
| 5 | बाराँ जिला | बारां | 6,955 | 12,23,755 | कोटा |
| 6 | बाड़मेर जिला | बाड़मेर | 28,387 | 26,03,751 | जोधपुर |
| 7 | ब्यावर जिला | ब्यावर | N/A | N/A | अजमेर |
| 8 | भरतपुर जिला | भरतपुर | 5,066 | 14,75,707 | भरतपुर |
| 9 | भीलवाड़ा जिला | भीलवाड़ा | 10,455 | 24,08,523 | अजमेर |
| 10 | बीकानेर जिला | बीकानेर | 30,247 | 23,63,937 | बीकानेर |
| 11 | बूंदी जिला | बूंदी | 5,550 | 11,10,906 | कोटा |
| 12 | चित्तौड़गढ़ जिला | चित्तौड़गढ़ | 10,856 | 15,44,338 | उदयपुर |
| 13 | चुरु जिला | चुरु | 16,830 | 20,39,547 | बीकानेर |
| 14 | दौसा जिला | दौसा | 3,432 | 16,34,409 | जयपुर |
| 15 | डीग जिला | डीग | N/A | N/A | भरतपुर |
| 16 | डीडवाना-कुचामन ज़िला | डीडवाना | N/A | N/A | अजमेर |
| 17 | धौलपुर जिला | धौलपुर | 3,034 | 12,06,516 | भरतपुर |
| 18 | डूंगरपुर जिला | डूंगरपुर | 3,770 | 13,88,552 | उदयपुर |
| 19 | हनुमानगढ़ जिला | हनुमानगढ़ | 12,645 | 17,74,692 | बीकानेर |
| 20 | जयपुर जिला | जयपुर | 14,068 | 66,26,178 | जयपुर |
| 21 | जैसलमेर जिला | जैसलमेर | 38,401 | 6,69,919 | जोधपुर |
| 22 | जालौर जिला | जालौर | 10,640 | 18,28,730 | जोधपुर |
| 23 | झालावाड़ जिला | झालावाड़ | 6,219 | 14,11,129 | कोटा |
| 24 | झुंझुनू जिला | झुंझुनू | 5,928 | 21,37,045 | जयपुर |
| 25 | जोधपुर जिला | जोधपुर | 22,850 | 36,87,165 | जोधपुर |
| 26 | करौली जिला | करौली | 5,530 | 14,58,248 | भरतपुर |
| 27 | खैरथल-तिजारा ज़िला | खैरथल | N/A | N/A | जयपुर |
| 28 | कोटपुतली-बहरोड़ जिला | कोटपुतली | N/A | N/A | जयपुर |
| 29 | कोटा जिला | कोटा | 12,436 | 19,51,014 | कोटा |
| 30 | नागौर जिला | नागौर | 17,718 | 33,07,743 | अजमेर |
| 31 | पाली जिला | पाली | 12,387 | 20,37,573 | जोधपुर |
| 32 | फलोदी जिला | फलोदी | N/A | N/A | जोधपुर |
| 33 | प्रतापगढ़ जिला | प्रतापगढ़ | 4,117 | 8,67,848 | उदयपुर |
| 34 | राजसमंद जिला | राजसमंद | 4,768 | 11,56,597 | उदयपुर |
| 35 | सलुम्बर जिला | सलुम्बर | N/A | N/A | उदयपुर |
| 36 | सवाई माधोपुर जिला | सवाई माधोपुर | 10,527 | 13,35,551 | भरतपुर |
| 37 | सीकर जिला | सीकर | 7,732 | 26,77,333 | जयपुर |
| 38 | सिरोही जिला | सिरोही | 5,136 | 10,36,346 | जोधपुर |
| 39 | श्रीगंगानगर जिला | श्रीगंगानगर | 7,984 | 19,69,168 | बीकानेर |
| 40 | टोंक जिला | टोंक | 7,194 | 14,21,326 | अजमेर |
| 41 | उदयपुर जिला | उदयपुर | 17,279 | 30,68,420 | उदयपुर |
| कुल | राजस्थान | जयपुर | 3,42,239 | 6,85,48,437 | 7 |
नोट: कुछ नए जिलों (जैसे बालोतरा, ब्यावर, डीग, आदि) के क्षेत्रफल और जनसंख्या के आँकड़े उपलब्ध नहीं हैं, क्योंकि ये हाल ही में गठित हुए हैं।
राजस्थान की अर्थव्यवस्था
राजस्थान की अर्थव्यवस्था मुख्य रूप से कृषि, खनन, और पर्यटन पर आधारित है। यहाँ के खनिज संसाधनों में सीसा, जस्ता, और अभ्रक शामिल हैं। इसके अलावा, हस्तशिल्प और कपड़ा उद्योग भी राज्य की अर्थव्यवस्था में महत्वपूर्ण योगदान देते हैं।
राजस्थान का इतिहास
Rajasthani Forts : राजस्थान का इतिहास राजपूतों की वीरता, बलिदान, और शौर्य से भरा हुआ है। यहाँ के किलों और महलों में मेवाड़, मारवाड़, और जयपुर जैसे राजवंशों की गाथाएँ बसी हैं। मध्यकाल में यहाँ कई युद्ध हुए, जिनमें हल्दीघाटी का युद्ध विशेष रूप से प्रसिद्ध है।
आजादी से पहले राजस्थान की प्रमुख विरासतें
आजादी से पहले राजस्थान की विरासतें उसकी रियासतों की समृद्धि, सांस्कृतिक विविधता, और स्थापत्य कौशल को दर्शाती हैं। ये किले, महल, हवेलियाँ, और मंदिर आज भी राजस्थान की शान हैं और पर्यटकों को उस युग की गौरवशाली कहानियाँ सुनाते हैं। राजस्थान में सैकड़ों किले, हजारों हवेलियाँ और असंख्य मंदिर आजादी से पहले मौजूद थे। भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI) के अनुसार, राजस्थान में 54 प्रमुख किले और सैकड़ों अन्य स्मारक हैं, जिनमें से अधिकांश प्री-इंडिपेंडेंस युग के हैं। इसके अलावा, शेखावाटी क्षेत्र में अकेले हजारों हवेलियाँ हैं।
| विरासत का नाम | स्थान | निर्माण काल | प्रकार | विशेषता | यूनेस्को स्थिति |
|---|---|---|---|---|---|
| चित्तौड़गढ़ किला | चित्तौड़गढ़ | 7वीं सदी से | किला | राजपूत शौर्य, विजय स्तंभ, पानी के 22 कुंड | विश्व धरोहर |
| कुंभलगढ़ किला | राजसमंद | 15वीं सदी | किला | 36 किमी दीवार, महाराणा प्रताप का जन्मस्थान | विश्व धरोहर |
| रणथंभौर किला | सवाई माधोपुर | 10वीं सदी | किला | रणथंभौर नेशनल पार्क में, शिव और विष्णु मंदिर | विश्व धरोहर |
| गागरोन किला | झालावाड़ | 12वीं सदी | जल किला | तीन ओर से पानी से घिरा, जौहर की कहानियाँ | विश्व धरोहर |
| आमेर किला | जयपुर | 16वीं सदी | किला | शीश महल, राजपूत-मुगल स्थापत्य, चील का टीला पर | विश्व धरोहर |
| जैसलमेर किला | जैसलमेर | 12वीं सदी | किला | सोने का किला, जीवंत किला, जैन मंदिर | विश्व धरोहर |
| जंतर मंतर | जयपुर | 18वीं सदी | खगोलीय वेधशाला | विश्व का सबसे बड़ा पत्थर का सूर्यघड़ी, 19 उपकरण | विश्व धरोहर |
| केवलादेव नेशनल पार्क | भरतपुर | प्राचीन शिकारगाह | प्राकृतिक धरोहर | प्रवासी पक्षियों का निवास, जल-आर्द्रभूमि | विश्व धरोहर |
| नीमराना किला | अलवर | 15वीं सदी | किला | चौहान राजवंश, अब हेरिटेज होटल | – |
| मेहरानगढ़ किला | जोधपुर | 15वीं सदी | किला | राजस्थानी स्थापत्य, संग्रहालय | – |
| जूनागढ़ किला | बीकानेर | 15वीं सदी | किला | राजपूत और पश्चिमी स्थापत्य का मिश्रण | – |
| शेखावाटी हवेलियाँ | मंडावा, नवलगढ़ | 18वीं-19वीं सदी | हवेलियाँ | भित्ति चित्रकला, व्यापारियों की समृद्धि | – |
| ओसियां जैन मंदिर | जोधपुर | 8वीं-12वीं सदी | मंदिर | खजुराहो ऑफ राजस्थान, प्राचीन जैन स्थापत्य | – |
| सिटी पैलेस | उदयपुर | 16वीं सदी से | महल | मेवाड़ राजवंश, पिचोला झील के किनारे | – |
| हवा महल | जयपुर | 1799 | महल | हनीकॉम्ब संरचना, राजपूत महिलाओं के लिए खिड़कियाँ | – |
नोट:
- उपरोक्त तालिका में केवल कुछ प्रमुख विरासतें शामिल हैं। आजादी से पहले राजस्थान में सैकड़ों छोटे-बड़े किले, मंदिर, और हवेलियाँ थीं, जिनमें से कई आज भी संरक्षित हैं।
- यूनेस्को विश्व धरोहर स्थलों की मान्यता 2013 और बाद में दी गई, लेकिन ये सभी संरचनाएँ आजादी से पहले की हैं।
- कुछ विरासतें, जैसे मेहरानगढ़ किला, यूनेस्को सूची में नहीं हैं क्योंकि वे शहरी बस्तियों के साथ नहीं हैं, जो यूनेस्को के मापदंडों में से एक है।

विशेषताएँ और महत्व
- किले: राजस्थान के किले राजपूत शौर्य, रणनीति, और स्थापत्य कला के प्रतीक हैं। ये पहाड़ी, जल, या रेगिस्तानी किले के रूप में बनाए गए थे। उदाहरण: चित्तौड़गढ़ में जौहर और कुंभलगढ़ की दीवार।
- महल और हवेलियाँ: ये राजसी वैभव और व्यापारियों की समृद्धि को दर्शाते हैं। शेखावाटी की हवेलियाँ अपनी चित्रकला के लिए अनूठी हैं।
- मंदिर: जैन और हिंदू मंदिर, जैसे ओसियां और दिलवाड़ा, धार्मिक और कलात्मक महत्व रखते हैं।
- खगोलीय और प्राकृतिक विरासत: जंतर मंतर वैज्ञानिक उन्नति का प्रतीक है, जबकि केवलादेव नेशनल पार्क प्राकृतिक धरोहर को दर्शाता है।
संदर्भ:
- यूनेस्को विश्व धरोहर स्थल: चित्तौड़गढ़, कुंभलगढ़, रणथंभौर, गागरोन, आमेर, जैसलमेर किले।
- जंतर मंतर और केवलादेव नेशनल पार्क।
- शेखावाटी हवेलियाँ और अन्य स्मारक।
- राजस्थान की रियासतें।
राजस्थान में कब कौन मुख्यमंत्री
List of Chief Ministers of Rajasthan : देश की आजादी के बाद, राजस्थान, जिसे पहले राजपूताना के नाम से जाना जाता था, ने 30 मार्च 1949 को औपचारिक रूप से एकीकृत राज्य का स्वरूप लिया। इस प्रक्रिया में विभिन्न रियासतों का विलय हुआ, और 7 अप्रैल 1949 को हीरालाल शास्त्री राजस्थान के पहले मुख्यमंत्री बने। तब से, राजस्थान ने अपने सामाजिक, आर्थिक और सांस्कृतिक विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले कई नेताओं को देखा है। भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (INC) और भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने मुख्य रूप से राज्य की सत्ता संभाली है, जिसमें वसुंधरा राजे सिंधिया एकमात्र महिला मुख्यमंत्री रहीं। 1949 से 2025 तक, राज्य में 14 अलग-अलग मुख्यमंत्री और तीन बार राष्ट्रपति शासन देखा गया। यह सूची राजस्थान के राजनीतिक इतिहास और इसके नेतृत्व की विविधता को दर्शाती है।
| क्र. सं. | मुख्यमंत्री | कार्यकाल | पार्टी |
|---|---|---|---|
| 1 | हीरालाल शास्त्री | 7 अप्रैल 1949 – 5 जनवरी 1951 | भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस |
| 2 | सी.एस. वेंकटाचार | 6 जनवरी 1951 – 25 अप्रैल 1951 | भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस |
| 3 | जय नारायण व्यास | 26 अप्रैल 1951 – 3 मार्च 1952 | भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस |
| 4 | टीकाराम पालीवाल | 3 मार्च 1952 – 31 अक्टूबर 1952 | भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस |
| 5 | जय नारायण व्यास | 1 नवंबर 1952 – 12 नवंबर 1954 | भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस |
| 6 | मोहनलाल सुखाड़िया | 13 नवंबर 1954 – 11 अप्रैल 1957 | भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस |
| 7 | मोहनलाल सुखाड़िया | 11 अप्रैल 1957 – 11 मार्च 1962 | भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस |
| 8 | मोहनलाल सुखाड़िया | 12 मार्च 1962 – 13 मार्च 1967 | भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस |
| 9 | मोहनलाल सुखाड़िया | 26 अप्रैल 1967 – 9 जुलाई 1971 | भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस |
| 10 | बरकतुल्लाह खान | 9 जुलाई 1971 – 11 अगस्त 1973 | भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस |
| 11 | हरिदेव जोशी | 11 अगस्त 1973 – 29 अप्रैल 1977 | भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस |
| – | राष्ट्रपति शासन | 29 अप्रैल 1977 – 22 जून 1977 | – |
| 12 | भैरों सिंह शेखावत | 22 जून 1977 – 16 फरवरी 1980 | जनता पार्टी |
| 13 | जगन्नाथ पहाड़िया | 6 जून 1980 – 14 जुलाई 1981 | भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस |
| 14 | शिव चरण माथुर | 14 जुलाई 1981 – 23 फरवरी 1985 | भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस |
| 15 | हीरालाल देवपुरा | 23 फरवरी 1985 – 10 मार्च 1985 | भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस |
| 16 | हरिदेव जोशी | 10 मार्च 1985 – 20 जनवरी 1988 | भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस |
| 17 | शिव चरण माथुर | 20 जनवरी 1988 – 4 दिसंबर 1989 | भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस |
| 18 | हरिदेव जोशी | 4 दिसंबर 1989 – 4 मार्च 1990 | भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस |
| 19 | भैरों सिंह शेखावत | 4 मार्च 1990 – 15 दिसंबर 1992 | भारतीय जनता पार्टी |
| – | राष्ट्रपति शासन | 15 दिसंबर 1992 – 4 दिसंबर 1993 | – |
| 20 | भैरों सिंह शेखावत | 4 दिसंबर 1993 – 29 नवंबर 1998 | भारतीय जनता पार्टी |
| 21 | अशोक गहलोत | 1 दिसंबर 1998 – 8 दिसंबर 2003 | भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस |
| 22 | वसुंधरा राजे | 8 दिसंबर 2003 – 11 दिसंबर 2008 | भारतीय जनता पार्टी |
| 23 | अशोक गहलोत | 12 दिसंबर 2008 – 13 दिसंबर 2013 | भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस |
| 24 | वसुंधरा राजे | 13 दिसंबर 2013 – 16 दिसंबर 2018 | भारतीय जनता पार्टी |
| 25 | अशोक गहलोत | 17 दिसंबर 2018 – 15 दिसंबर 2023 | भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस |
| 26 | भजनलाल शर्मा | 15 दिसंबर 2023 – वर्तमान (2025) | भारतीय जनता पार्टी |
| – | राष्ट्रपति शासन | 16 मार्च 1980 – 6 जून 1980 | – |

नोट:
- राजस्थान में 1949 से 2025 तक कुल 14 अलग-अलग व्यक्ति मुख्यमंत्री रहे, जिनमें मोहनलाल सुखाड़िया ने सबसे लंबे समय (लगभग 17 वर्ष) तक सेवा की।
- वसुंधरा राजे सिंधिया राजस्थान की एकमात्र महिला मुख्यमंत्री रहीं।
- राज्य में तीन बार राष्ट्रपति शासन लागू हुआ: 1980, 1977, और 1992 में।



