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Rajasthan History : राजस्थान के जिले, पर्यटन, संस्कृति व इतिहास के अनछुए पहलू | Introduction to Rajasthan

Laxman Singh Rathor May 3, 2025 1 minute read

Rajasthan History : राजस्थान, भारत के उत्तरी-पश्चिमी भाग में स्थित एक ऐसा राज्य है, जो अपनी समृद्ध सांस्कृतिक विरासत, ऐतिहासिक किलों, रंग-बिरंगे त्योहारों और विशाल थार रेगिस्तान के लिए विश्वविख्यात है। यह राज्य 23°3′ से 30°12′ उत्तरी अक्षांश और 69°30′ से 78°17′ पूर्वी देशान्तर के मध्य फैला हुआ है, जिसका कुल क्षेत्रफल 342,239 वर्ग किलोमीटर है। राजस्थान भारत का सबसे बड़ा राज्य है, जो अपनी भौगोलिक विविधता और ऐतिहासिक महत्व के लिए जाना जाता है। इस लेख में, हम राजस्थान के परिचय, इतिहास, भूगोल, प्रशासन, और सांस्कृतिक विशेषताओं पर प्रकाश डालेंगे, जो इसे एक अनूठा पर्यटन स्थल बनाते हैं।

Introduction to Rajasthan : राजस्थान, भारत का सबसे बड़ा राज्य, अपनी समृद्ध संस्कृति, ऐतिहासिक किलों, और थार रेगिस्तान के लिए प्रसिद्ध है। राजस्थान अपनी सांस्कृतिक धरोहर, ऐतिहासिक महत्व, और प्राकृतिक सौंदर्य के लिए जाना जाता है। यहाँ की रंग-बिरंगी संस्कृति, स्वादिष्ट व्यंजन, और मेहमाननवाजी हर पर्यटक का दिल जीत लेती है। चाहे आप इतिहास प्रेमी हों, प्रकृति प्रेमी हों, या सांस्कृतिक उत्सवों के शौकीन, राजस्थान में आपके लिए कुछ न कुछ खास जरूर है।

राजस्थान का भूगोल और जलवायु

Rajasthan Geography : राजस्थान का भूगोल विविधताओं से भरा हुआ है। यहाँ विशाल थार रेगिस्तान, अरावली पर्वतमाला, उपजाऊ मैदान और घने जंगल एक साथ देखने को मिलते हैं। राज्य की जलवायु मुख्य रूप से शुष्क और अर्ध-शुष्क है, जहाँ गर्मियाँ तीव्र और सर्दियाँ ठंडी होती हैं। थार रेगिस्तान, जिसे “ग्रेट इंडियन डेजर्ट” भी कहा जाता है, राजस्थान की पहचान है। इसके अलावा, उदयपुर की झीलें और माउंट आबू की हरी-भरी पहाड़ियाँ इस राज्य को और भी आकर्षक बनाती हैं।

प्रमुख भौगोलिक विशेषताएँ

  • थार रेगिस्तान: जैसलमेर और बाड़मेर जैसे क्षेत्रों में फैला यह रेगिस्तान राजस्थान की शान है।
  • अरावली पर्वतमाला: यह भारत की सबसे पुरानी पर्वत श्रृंखला है, जो राजस्थान को प्राकृतिक सौंदर्य प्रदान करती है।
  • जलस्रोत: चंबल, बनास, और लूनी जैसी नदियाँ राज्य के कुछ हिस्सों में जीवनदायिनी हैं।

राजस्थान का प्रशासन

2025 तक, राजस्थान में कुल 41 जिले और 7 संभाग (मंडल) हैं। इनका गठन समय-समय पर प्रशासनिक सुविधा और विकास के लिए किया गया है। प्रत्येक जिले का प्रशासन अखिल भारतीय सेवाओं के अधिकारियों जैसे जिला मजिस्ट्रेट (IAS), पुलिस अधीक्षक (IPS), और उप वन संरक्षक (IFS) द्वारा संचालित होता है। इसके साथ ही, राज्य द्वारा नियुक्त अधिकारी शिक्षा, स्वास्थ्य, और अन्य प्राथमिक सुविधाओं का प्रबंधन करते हैं।

जिलों का गठन और इतिहास

17 मार्च 2023 को तत्कालीन मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने 17 नए जिलों और 3 नए संभागों की घोषणा की थी, जिसकी अधिसूचना 7 अगस्त 2023 को जारी हुई। बाद में, 6 अक्टूबर 2023 को तीन और जिलों (मालपुरा, सुजानगढ़, और कुचामन सिटी) की घोषणा की गई, लेकिन इनकी अधिसूचना जारी न होने के कारण ये स्वतः निरस्त हो गए। इसके बाद, मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा की सरकार ने 30 दिसंबर 2024 को 9 जिलों और 3 संभागों को निरस्त कर दिया, जिसके परिणामस्वरूप राजस्थान में अब 41 जिले और 7 संभाग हैं।

प्रमुख संभाग और उनके जिले

  1. अजमेर संभाग: अजमेर, भीलवाड़ा, नागौर, टोंक, ब्यावर, डीडवाना-कुचामन
  2. जयपुर संभाग: जयपुर, अलवर, दौसा, झुंझुनू, सीकर, खैरथल-तिजारा, कोटपुतली-बहरोड़
  3. जोधपुर संभाग: जोधपुर, बाड़मेर, जैसलमेर, जालौर, पाली, सिरोही, बालोतरा, फलोदी
  4. उदयपुर संभाग: उदयपुर, बांसवाड़ा, चित्तौड़गढ़, डूंगरपुर, प्रतापगढ़, राजसमंद, सलुम्बर
  5. कोटा संभाग: कोटा, बाराँ, बूंदी, झालावाड़
  6. भरतपुर संभाग: भरतपुर, धौलपुर, करौली, सवाई माधोपुर, डीग
  7. बीकानेर संभाग: बीकानेर, चुरु, श्रीगंगानगर, हनुमानगढ़

राजस्थान परिचय : संक्षिप्त जानकारी

श्रेणीविवरण
भौगोलिक स्थितिभारत के उत्तर-पश्चिम में; सबसे बड़ा राज्य (क्षेत्रफल: ~3,42,239 वर्ग किमी)
प्रमुख भू-आकृतिथार रेगिस्तान, अरावली पर्वतमाला, उपजाऊ मैदान
जलवायुशुष्क और अर्ध-शुष्क; गर्म ग्रीष्म, ठंडी सर्दियाँ
प्रशासन41 जिले, 7 संभाग (2025 तक); जिला मजिस्ट्रेट, पुलिस अधीक्षक द्वारा प्रबंधन
सांस्कृतिक विशेषताएँघूमर नृत्य, पुष्कर मेला, दाल-बाटी-चूरमा, रंग-बिरंगे परिधान
पर्यटनकिले (मेहरानगढ़, आमेर), महल (उदयपुर), रेगिस्तानी सफारी, पुष्कर मेला
अर्थव्यवस्थाकृषि (बाजरा, गेहूँ), खनन (सीसा, जस्ता), पर्यटन, हस्तशिल्प
ऐतिहासिक महत्वराजपूत शौर्य, हल्दीघाटी युद्ध, प्राचीन किले और महल
प्रमुख शहरजयपुर, उदयपुर, जोधपुर, जैसलमेर, बीकानेर
भाषाराजस्थानी, हिंदी; समृद्ध साहित्य और लोककथाएँ

राजस्थान की सांस्कृतिक विरासत

Rajasthan Culture : राजस्थान की संस्कृति रंगों, परंपराओं, और आतिथ्य की मिसाल है। यहाँ की लोक कला, संगीत, नृत्य, और हस्तशिल्प विश्व भर में प्रसिद्ध हैं।

प्रमुख सांस्कृतिक विशेषताएँ

  • लोक नृत्य और संगीत: घूमर, कालबेलिया, और भवई जैसे नृत्य राजस्थानी संस्कृति की जान हैं।
  • हस्तशिल्प: बंधेज, ब्लॉक प्रिंटिंग, और जयपुरी रजाइयाँ यहाँ की कला का प्रतीक हैं।
  • त्योहार: पुष्कर मेला, गणगौर, और तीज जैसे त्योहार यहाँ की जीवंतता को दर्शाते हैं।
  • खानपान: दाल-बाटी-चूरमा, गट्टे की सब्जी, और केर-सांगरी जैसे व्यंजन राजस्थानी थाली की शान हैं।

राजस्थान में पर्यटन

Rajasthan Tourism : राजस्थान भारत का एक प्रमुख पर्यटन स्थल है, जो हर साल लाखों देशी-विदेशी पर्यटकों को आकर्षित करता है। यहाँ के किले, महल, मंदिर, और प्राकृतिक सौंदर्य पर्यटकों को मंत्रमुग्ध कर देते हैं।

प्रमुख पर्यटन स्थल

  • जयपुर: गुलाबी नगरी के नाम से मशहूर, जहाँ हवा महल, सिटी पैलेस, और आमेर किला प्रमुख आकर्षण हैं।
  • उदयपुर: झीलों की नगरी, जहाँ सिटी पैलेस, लेक पिचोला, और सज्जनगढ़ पैलेस देखने योग्य हैं।
  • जैसलमेर: स्वर्ण नगरी, जो अपने रेगिस्तानी किले और सम सैंड ड्यून्स के लिए प्रसिद्ध है।
  • जोधपुर: नीली नगरी, जहाँ मेहरानगढ़ किला और उम्मेद भवन पैलेस आकर्षण का केंद्र हैं।
  • पुष्कर: यहाँ का पवित्र सरोवर और विश्व प्रसिद्ध पुष्कर मेला पर्यटकों को लुभाता है।
  • राजसमंद : कुंभलगढ़ दुर्ग, श्रीनाथजी मंदिर, चारभुजानाथ मंदिर, हल्दीघाटी स्मारक, राजसमंद झील, द्वारकाधीश मंदिर
  • चित्तौड़गढ़ : चित्तौड़गढ़ दुर्ग, सांवलियाजी मंदिर मंडफिया
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राजस्थान के जिले: एक व्यवस्थित सूची

how many districts in rajasthan : राजस्थान राज्य के 41 जिलों की सूची एक सुंदर और व्यवस्थित तालिका के रूप में प्रस्तुत की गई है। यह तालिका क्रम संख्या, जिला नाम, मुख्यालय, क्षेत्रफल (वर्ग किलोमीटर में), जनसंख्या (2011 की जनगणना के अनुसार) और संभाग को दर्शाती है।

क्र. सं.जिलामुख्यालयक्षेत्र (किमी²)जनसंख्या (2011)संभाग
1अजमेर जिलाअजमेर8,48125,83,052अजमेर
2अलवर जिलाअलवर8,38036,74,179जयपुर
3बालोतरा ज़िलाबालोतराN/AN/Aजोधपुर
4बांसवाड़ा जिलाबांसवाड़ा5,03717,97,485उदयपुर
5बाराँ जिलाबारां6,95512,23,755कोटा
6बाड़मेर जिलाबाड़मेर28,38726,03,751जोधपुर
7ब्यावर जिलाब्यावरN/AN/Aअजमेर
8भरतपुर जिलाभरतपुर5,06614,75,707भरतपुर
9भीलवाड़ा जिलाभीलवाड़ा10,45524,08,523अजमेर
10बीकानेर जिलाबीकानेर30,24723,63,937बीकानेर
11बूंदी जिलाबूंदी5,55011,10,906कोटा
12चित्तौड़गढ़ जिलाचित्तौड़गढ़10,85615,44,338उदयपुर
13चुरु जिलाचुरु16,83020,39,547बीकानेर
14दौसा जिलादौसा3,43216,34,409जयपुर
15डीग जिलाडीगN/AN/Aभरतपुर
16डीडवाना-कुचामन ज़िलाडीडवानाN/AN/Aअजमेर
17धौलपुर जिलाधौलपुर3,03412,06,516भरतपुर
18डूंगरपुर जिलाडूंगरपुर3,77013,88,552उदयपुर
19हनुमानगढ़ जिलाहनुमानगढ़12,64517,74,692बीकानेर
20जयपुर जिलाजयपुर14,06866,26,178जयपुर
21जैसलमेर जिलाजैसलमेर38,4016,69,919जोधपुर
22जालौर जिलाजालौर10,64018,28,730जोधपुर
23झालावाड़ जिलाझालावाड़6,21914,11,129कोटा
24झुंझुनू जिलाझुंझुनू5,92821,37,045जयपुर
25जोधपुर जिलाजोधपुर22,85036,87,165जोधपुर
26करौली जिलाकरौली5,53014,58,248भरतपुर
27खैरथल-तिजारा ज़िलाखैरथलN/AN/Aजयपुर
28कोटपुतली-बहरोड़ जिलाकोटपुतलीN/AN/Aजयपुर
29कोटा जिलाकोटा12,43619,51,014कोटा
30नागौर जिलानागौर17,71833,07,743अजमेर
31पाली जिलापाली12,38720,37,573जोधपुर
32फलोदी जिलाफलोदीN/AN/Aजोधपुर
33प्रतापगढ़ जिलाप्रतापगढ़4,1178,67,848उदयपुर
34राजसमंद जिलाराजसमंद4,76811,56,597उदयपुर
35सलुम्बर जिलासलुम्बरN/AN/Aउदयपुर
36सवाई माधोपुर जिलासवाई माधोपुर10,52713,35,551भरतपुर
37सीकर जिलासीकर7,73226,77,333जयपुर
38सिरोही जिलासिरोही5,13610,36,346जोधपुर
39श्रीगंगानगर जिलाश्रीगंगानगर7,98419,69,168बीकानेर
40टोंक जिलाटोंक7,19414,21,326अजमेर
41उदयपुर जिलाउदयपुर17,27930,68,420उदयपुर
कुलराजस्थानजयपुर3,42,2396,85,48,4377

नोट: कुछ नए जिलों (जैसे बालोतरा, ब्यावर, डीग, आदि) के क्षेत्रफल और जनसंख्या के आँकड़े उपलब्ध नहीं हैं, क्योंकि ये हाल ही में गठित हुए हैं।

राजस्थान की अर्थव्यवस्था

राजस्थान की अर्थव्यवस्था मुख्य रूप से कृषि, खनन, और पर्यटन पर आधारित है। यहाँ के खनिज संसाधनों में सीसा, जस्ता, और अभ्रक शामिल हैं। इसके अलावा, हस्तशिल्प और कपड़ा उद्योग भी राज्य की अर्थव्यवस्था में महत्वपूर्ण योगदान देते हैं।

राजस्थान का इतिहास

Rajasthani Forts : राजस्थान का इतिहास राजपूतों की वीरता, बलिदान, और शौर्य से भरा हुआ है। यहाँ के किलों और महलों में मेवाड़, मारवाड़, और जयपुर जैसे राजवंशों की गाथाएँ बसी हैं। मध्यकाल में यहाँ कई युद्ध हुए, जिनमें हल्दीघाटी का युद्ध विशेष रूप से प्रसिद्ध है।

आजादी से पहले राजस्थान की प्रमुख विरासतें

आजादी से पहले राजस्थान की विरासतें उसकी रियासतों की समृद्धि, सांस्कृतिक विविधता, और स्थापत्य कौशल को दर्शाती हैं। ये किले, महल, हवेलियाँ, और मंदिर आज भी राजस्थान की शान हैं और पर्यटकों को उस युग की गौरवशाली कहानियाँ सुनाते हैं। राजस्थान में सैकड़ों किले, हजारों हवेलियाँ और असंख्य मंदिर आजादी से पहले मौजूद थे। भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI) के अनुसार, राजस्थान में 54 प्रमुख किले और सैकड़ों अन्य स्मारक हैं, जिनमें से अधिकांश प्री-इंडिपेंडेंस युग के हैं। इसके अलावा, शेखावाटी क्षेत्र में अकेले हजारों हवेलियाँ हैं।

विरासत का नामस्थाननिर्माण कालप्रकारविशेषतायूनेस्को स्थिति
चित्तौड़गढ़ किलाचित्तौड़गढ़7वीं सदी सेकिलाराजपूत शौर्य, विजय स्तंभ, पानी के 22 कुंडविश्व धरोहर
कुंभलगढ़ किलाराजसमंद15वीं सदीकिला36 किमी दीवार, महाराणा प्रताप का जन्मस्थानविश्व धरोहर
रणथंभौर किलासवाई माधोपुर10वीं सदीकिलारणथंभौर नेशनल पार्क में, शिव और विष्णु मंदिरविश्व धरोहर
गागरोन किलाझालावाड़12वीं सदीजल किलातीन ओर से पानी से घिरा, जौहर की कहानियाँविश्व धरोहर
आमेर किलाजयपुर16वीं सदीकिलाशीश महल, राजपूत-मुगल स्थापत्य, चील का टीला परविश्व धरोहर
जैसलमेर किलाजैसलमेर12वीं सदीकिलासोने का किला, जीवंत किला, जैन मंदिरविश्व धरोहर
जंतर मंतरजयपुर18वीं सदीखगोलीय वेधशालाविश्व का सबसे बड़ा पत्थर का सूर्यघड़ी, 19 उपकरणविश्व धरोहर
केवलादेव नेशनल पार्कभरतपुरप्राचीन शिकारगाहप्राकृतिक धरोहरप्रवासी पक्षियों का निवास, जल-आर्द्रभूमिविश्व धरोहर
नीमराना किलाअलवर15वीं सदीकिलाचौहान राजवंश, अब हेरिटेज होटल–
मेहरानगढ़ किलाजोधपुर15वीं सदीकिलाराजस्थानी स्थापत्य, संग्रहालय–
जूनागढ़ किलाबीकानेर15वीं सदीकिलाराजपूत और पश्चिमी स्थापत्य का मिश्रण–
शेखावाटी हवेलियाँमंडावा, नवलगढ़18वीं-19वीं सदीहवेलियाँभित्ति चित्रकला, व्यापारियों की समृद्धि–
ओसियां जैन मंदिरजोधपुर8वीं-12वीं सदीमंदिरखजुराहो ऑफ राजस्थान, प्राचीन जैन स्थापत्य–
सिटी पैलेसउदयपुर16वीं सदी सेमहलमेवाड़ राजवंश, पिचोला झील के किनारे–
हवा महलजयपुर1799महलहनीकॉम्ब संरचना, राजपूत महिलाओं के लिए खिड़कियाँ–

नोट:

  • उपरोक्त तालिका में केवल कुछ प्रमुख विरासतें शामिल हैं। आजादी से पहले राजस्थान में सैकड़ों छोटे-बड़े किले, मंदिर, और हवेलियाँ थीं, जिनमें से कई आज भी संरक्षित हैं।
  • यूनेस्को विश्व धरोहर स्थलों की मान्यता 2013 और बाद में दी गई, लेकिन ये सभी संरचनाएँ आजादी से पहले की हैं।
  • कुछ विरासतें, जैसे मेहरानगढ़ किला, यूनेस्को सूची में नहीं हैं क्योंकि वे शहरी बस्तियों के साथ नहीं हैं, जो यूनेस्को के मापदंडों में से एक है।

विशेषताएँ और महत्व

  1. किले: राजस्थान के किले राजपूत शौर्य, रणनीति, और स्थापत्य कला के प्रतीक हैं। ये पहाड़ी, जल, या रेगिस्तानी किले के रूप में बनाए गए थे। उदाहरण: चित्तौड़गढ़ में जौहर और कुंभलगढ़ की दीवार।
  2. महल और हवेलियाँ: ये राजसी वैभव और व्यापारियों की समृद्धि को दर्शाते हैं। शेखावाटी की हवेलियाँ अपनी चित्रकला के लिए अनूठी हैं।
  3. मंदिर: जैन और हिंदू मंदिर, जैसे ओसियां और दिलवाड़ा, धार्मिक और कलात्मक महत्व रखते हैं।
  4. खगोलीय और प्राकृतिक विरासत: जंतर मंतर वैज्ञानिक उन्नति का प्रतीक है, जबकि केवलादेव नेशनल पार्क प्राकृतिक धरोहर को दर्शाता है।

संदर्भ:

  • यूनेस्को विश्व धरोहर स्थल: चित्तौड़गढ़, कुंभलगढ़, रणथंभौर, गागरोन, आमेर, जैसलमेर किले।
  • जंतर मंतर और केवलादेव नेशनल पार्क।
  • शेखावाटी हवेलियाँ और अन्य स्मारक।
  • राजस्थान की रियासतें।
Nagnechi Mata Mandir : नागणेची माता मंदिर के इतिहास की कहानी : History of Nagnechi Mata Temple

राजस्थान में कब कौन मुख्यमंत्री

List of Chief Ministers of Rajasthan : देश की आजादी के बाद, राजस्थान, जिसे पहले राजपूताना के नाम से जाना जाता था, ने 30 मार्च 1949 को औपचारिक रूप से एकीकृत राज्य का स्वरूप लिया। इस प्रक्रिया में विभिन्न रियासतों का विलय हुआ, और 7 अप्रैल 1949 को हीरालाल शास्त्री राजस्थान के पहले मुख्यमंत्री बने। तब से, राजस्थान ने अपने सामाजिक, आर्थिक और सांस्कृतिक विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले कई नेताओं को देखा है। भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (INC) और भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने मुख्य रूप से राज्य की सत्ता संभाली है, जिसमें वसुंधरा राजे सिंधिया एकमात्र महिला मुख्यमंत्री रहीं। 1949 से 2025 तक, राज्य में 14 अलग-अलग मुख्यमंत्री और तीन बार राष्ट्रपति शासन देखा गया। यह सूची राजस्थान के राजनीतिक इतिहास और इसके नेतृत्व की विविधता को दर्शाती है।

क्र. सं.मुख्यमंत्रीकार्यकालपार्टी
1हीरालाल शास्त्री7 अप्रैल 1949 – 5 जनवरी 1951भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस
2सी.एस. वेंकटाचार6 जनवरी 1951 – 25 अप्रैल 1951भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस
3जय नारायण व्यास26 अप्रैल 1951 – 3 मार्च 1952भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस
4टीकाराम पालीवाल3 मार्च 1952 – 31 अक्टूबर 1952भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस
5जय नारायण व्यास1 नवंबर 1952 – 12 नवंबर 1954भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस
6मोहनलाल सुखाड़िया13 नवंबर 1954 – 11 अप्रैल 1957भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस
7मोहनलाल सुखाड़िया11 अप्रैल 1957 – 11 मार्च 1962भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस
8मोहनलाल सुखाड़िया12 मार्च 1962 – 13 मार्च 1967भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस
9मोहनलाल सुखाड़िया26 अप्रैल 1967 – 9 जुलाई 1971भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस
10बरकतुल्लाह खान9 जुलाई 1971 – 11 अगस्त 1973भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस
11हरिदेव जोशी11 अगस्त 1973 – 29 अप्रैल 1977भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस
–राष्ट्रपति शासन29 अप्रैल 1977 – 22 जून 1977–
12भैरों सिंह शेखावत22 जून 1977 – 16 फरवरी 1980जनता पार्टी
13जगन्नाथ पहाड़िया6 जून 1980 – 14 जुलाई 1981भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस
14शिव चरण माथुर14 जुलाई 1981 – 23 फरवरी 1985भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस
15हीरालाल देवपुरा23 फरवरी 1985 – 10 मार्च 1985भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस
16हरिदेव जोशी10 मार्च 1985 – 20 जनवरी 1988भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस
17शिव चरण माथुर20 जनवरी 1988 – 4 दिसंबर 1989भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस
18हरिदेव जोशी4 दिसंबर 1989 – 4 मार्च 1990भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस
19भैरों सिंह शेखावत4 मार्च 1990 – 15 दिसंबर 1992भारतीय जनता पार्टी
–राष्ट्रपति शासन15 दिसंबर 1992 – 4 दिसंबर 1993–
20भैरों सिंह शेखावत4 दिसंबर 1993 – 29 नवंबर 1998भारतीय जनता पार्टी
21अशोक गहलोत1 दिसंबर 1998 – 8 दिसंबर 2003भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस
22वसुंधरा राजे8 दिसंबर 2003 – 11 दिसंबर 2008भारतीय जनता पार्टी
23अशोक गहलोत12 दिसंबर 2008 – 13 दिसंबर 2013भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस
24वसुंधरा राजे13 दिसंबर 2013 – 16 दिसंबर 2018भारतीय जनता पार्टी
25अशोक गहलोत17 दिसंबर 2018 – 15 दिसंबर 2023भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस
26भजनलाल शर्मा15 दिसंबर 2023 – वर्तमान (2025)भारतीय जनता पार्टी
–राष्ट्रपति शासन16 मार्च 1980 – 6 जून 1980–

नोट:

  • राजस्थान में 1949 से 2025 तक कुल 14 अलग-अलग व्यक्ति मुख्यमंत्री रहे, जिनमें मोहनलाल सुखाड़िया ने सबसे लंबे समय (लगभग 17 वर्ष) तक सेवा की।
  • वसुंधरा राजे सिंधिया राजस्थान की एकमात्र महिला मुख्यमंत्री रहीं।
  • राज्य में तीन बार राष्ट्रपति शासन लागू हुआ: 1980, 1977, और 1992 में।
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About the Author

Laxman Singh Rathor

Administrator

Laxman Singh Rathor को पत्रकारिता के क्षेत्र में दो दशक का लंबा अनुभव है। 2005 में Dainik Bhakar से कॅरियर की शुरुआत कर बतौर Sub Editor कार्य किया। वर्ष 2012 से 2019 तक Rajasthan Patrika में Sub Editor, Crime Reporter और Patrika TV में Reporter के रूप में कार्य किया। डिजिटल मीडिया www.patrika.com पर भी 2 वर्ष कार्य किया। वर्ष 2020 से 2 वर्ष Zee News में राजसमंद जिला संवाददाता रहा। आज ETV Bharat और Jaivardhan News वेब पोर्टल में अपने अनुभव और ज्ञान से आमजन के दिल में बसे हैं। लक्ष्मण सिंह राठौड़ सिर्फ एक नाम नहीं, बल्कि खबरों की दुनिया में एक ब्रांड हैं। उनकी गहरी समझ, तथ्यात्मक रिपोर्टिंग, पाठक व दर्शकों से जुड़ने की क्षमता ने उन्हें पत्रकारिता का चमकदार सितारा बना दिया है। jaivardhanpatrika@gmail.com

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YouTube Video UCkaBxhzSvuqEmluN5aAXxtA_7AgOE2wvaQ8 राजसमंद में महिला की अधजली लाश... मौत के कारण स्पष्ट नहीं, रिश्ते पर सवाल #rajsamandnews #jaivardhannews  #rajsamandpolice
राजसमंद जिले में केलवाड़ा थाना क्षेत्र के दादर का भीलवाड़ा (कड़िया) गांव के एक मकान में महिला की अधजली लाश मिलने से सनसनी फैल गई। केलवाड़ा थाना पुलिस के बाद बुधवार दोपहर बाद उदयपुर से फोरेंसिक टीम व राजसमंद से एमओबी टीम ने घटना स्थल का मुआयना किया। महिला के पिता ने हत्या की रिपोर्ट दी। कमरे में कपड़ो व बिस्तर में लाश जलते मिली और धुआं उठता देख ग्रामवासी पहुंचे तो घटना का पता चला। पुष्पा (40) पत्नी हिम्मतलाल नंगारची का शव किराए के कमरे में जलता हुआ मिला। सूचना पर केलवाड़ा थाना प्रभारी मनमंथसिंह मौके पर पहुंचे।
Rajsamand police
Kumbhalgarh news
women death
kelwara police stationOwner : Laxman Singh Rathor, Senior JournalistFacebook Page : Jaivardhannews9
Facebook Page : Liverajsamand
Website: https://jaivardhannews.com
X : jaivardhannews
Instagram : jaivardhannews
Theards : jaivardhannews
Business Inquiry Email : businessjaivardhannews@gmail.com
Mobile : 9672980901
जयवर्द्धन E Paper (PDF) के लिए वेबसाइट विजिट jaivardhannews.comकिसी भी वीडियो से किसी व्यक्ति को आघात पहुंचाना ध्येय नहीं है। फिर भी कोई ऐसी तथ्यात्मक त्रुटि या गलती लगे, तो तत्काल ई मेल व कॉल करें। उचित सुधार व समाधान के प्रयास किए जाएंगे।
राजसमंद में महिला की अधजली लाश... मौत के कारण स्पष्ट नहीं, रिश्ते पर सवाल #rajsamandnews #jaivardhannews  #rajsamandpolice
राजसमंद जिले में केलवाड़ा थाना क्षेत्र के दादर का भीलवाड़ा (कड़िया) गांव के एक मकान में महिला की अधजली लाश मिलने से सनसनी फैल गई। केलवाड़ा थाना पुलिस के बाद बुधवार दोपहर बाद उदयपुर से फोरेंसिक टीम व राजसमंद से एमओबी टीम ने घटना स्थल का मुआयना किया। महिला के पिता ने हत्या की रिपोर्ट दी। कमरे में कपड़ो व बिस्तर में लाश जलते मिली और धुआं उठता देख ग्रामवासी पहुंचे तो घटना का पता चला। पुष्पा (40) पत्नी हिम्मतलाल नंगारची का शव किराए के कमरे में जलता हुआ मिला। सूचना पर केलवाड़ा थाना प्रभारी मनमंथसिंह मौके पर पहुंचे।
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राजसमंद में महिला की अधजली लाश... मौत के कारण स्पष्ट नहीं, रिश्ते पर सवाल #rajsamandnews
राजसमंद में कुंभलगढ़ के एक घर में महिला की अधजली लाश, मौत के कारण स्पष्ट नहीं
#kumbhalgarhnews #rajsamandpolice #womendeath #rajsamandnews  #jaivardhannews #rajsamand
राजसमंद जिले में केलवाड़ा थाना क्षेत्र के दादर का भीलवाड़ा (कड़िया) गांव के एक मकान में महिला की अधजली लाश मिलने से सनसनी फैल गई। केलवाड़ा थाना पुलिस के बाद बुधवार दोपहर बाद उदयपुर से फोरेंसिक टीम व राजसमंद से एमओबी टीम ने घटना स्थल का मुआयना किया। महिला के पिता ने हत्या की रिपोर्ट दी। कमरे में कपड़ो व बिस्तर में लाश जलते मिली और धुआं उठता देख ग्रामवासी पहुंचे तो घटना का पता चला।
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15 अप्रैल से पहले पंचायत चुनाव होंगे या नहीं? #electioncommission #rajasthanelections
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