Skip to content
June 13, 2026
  • Home
  • तकनीकी
    • ऑटो
    • मोबाइल
  • क्राइम/हादसे
    • अजब गजब
  • फाइनेंस
    • बैंक
    • कमाई टिप्स
  • मौसम
    • स्वास्थ्य
  • बायोग्राफी
  • सरकारी योजना
    • शिक्षा
    • भर्ती
  • विविध
    • देश-दुनिया
    • इतिहास / साहित्य
    • Jaivardhan TV
  • धार्मिक
  • दिन विशेष
  • कानून
  • वेब स्टोरी
  • Privacy Policy
jaivardhannews.com

jaivardhannews.com

Jaivardhan news

Nai Jindagi education Foundation

Connect with Us

  • Home
  • तकनीकी
    • ऑटो
    • मोबाइल
  • क्राइम/हादसे
    • अजब गजब
  • फाइनेंस
    • बैंक
    • कमाई टिप्स
  • मौसम
    • स्वास्थ्य
  • बायोग्राफी
  • सरकारी योजना
    • शिक्षा
    • भर्ती
  • विविध
    • देश-दुनिया
    • इतिहास / साहित्य
    • Jaivardhan TV
  • धार्मिक
  • दिन विशेष
  • कानून
  • वेब स्टोरी
  • Privacy Policy
Primary Menu
  • Home
  • तकनीकी
    • ऑटो
    • मोबाइल
  • क्राइम/हादसे
    • अजब गजब
  • फाइनेंस
    • बैंक
    • कमाई टिप्स
  • मौसम
    • स्वास्थ्य
  • बायोग्राफी
  • सरकारी योजना
    • शिक्षा
    • भर्ती
  • विविध
    • देश-दुनिया
    • इतिहास / साहित्य
    • Jaivardhan TV
  • धार्मिक
  • दिन विशेष
  • कानून
  • वेब स्टोरी
  • Privacy Policy
  • इतिहास / साहित्य

karni mata history in hindi : बीकानेर का वो मंदिर जहां हजारों चूहे हैं ‘देवी के दूत’, जानकर रह जाएंगे हैरान

Parmeshwar Singh Chundwat May 22, 2026 1 minute read

karni mata history in hindi : राजस्थान की पावन धरती पर स्थित मां करणी का नाम केवल एक देवी के रूप में नहीं, बल्कि शक्ति, तपस्या, चमत्कार और लोकआस्था के सबसे बड़े प्रतीकों में लिया जाता है। बीकानेर जिले के देशनोक में स्थित विश्व प्रसिद्ध करणी माता मंदिर देश-विदेश में अपनी अनोखी पहचान रखता है। यह मंदिर लाखों श्रद्धालुओं की आस्था का केंद्र है, जहां हजारों की संख्या में विचरण करने वाले चूहों यानी “काबा” को देवी का स्वरूप मानकर पूजा जाता है।

हिंदू मान्यताओं के अनुसार मां करणी देवी हिंगलाज का अवतार मानी जाती हैं। चारण समाज में जन्मी करणी माता को “दाढ़ाली डोकरी”, “करणीजी महाराज” और “महाई” जैसे श्रद्धापूर्ण नामों से भी पुकारा जाता है। बीकानेर और जोधपुर के शाही परिवारों की वे आराध्य देवी रही हैं और राजपूताना इतिहास में उनका विशेष स्थान माना जाता है। लोक परंपराओं के अनुसार मां करणी का जन्म 2 अक्टूबर 1387 को जोधपुर क्षेत्र के सुवाप गांव में मेहाजी किनिया और देवल देवी के घर हुआ था। कहा जाता है कि बचपन से ही उनमें दिव्य शक्तियों के संकेत दिखाई देने लगे थे। उनके चमत्कारों और अलौकिक घटनाओं की चर्चाएं दूर-दूर तक फैलने लगी थीं। गांव और आसपास के लोग उन्हें साधारण बालिका नहीं, बल्कि देवी का अवतार मानने लगे थे।

विवाह के बाद भी चुना तपस्या का मार्ग

Karni mata ka janm : जब मां करणी 27 वर्ष की हुईं तो उनका विवाह साटिका के जागीरदार देपाजी से हुआ। हालांकि उन्होंने विवाह के बाद सांसारिक जीवन को स्वीकार नहीं किया। कहा जाता है कि उन्होंने अपने पति से स्पष्ट कहा था कि यह विवाह केवल सामाजिक परंपराओं और माता-पिता की इच्छा का सम्मान करने के लिए किया गया है। बाद में उन्होंने अपनी छोटी बहन गुलाब बाई का विवाह देपाजी से करवा दिया ताकि उनका पारिवारिक जीवन प्रभावित न हो। स्वयं मां करणी ने आजीवन ब्रह्मचर्य और तपस्या का मार्ग अपनाया। उनके पति ने भी उनके निर्णय का सम्मान किया और जीवनभर उनका साथ दिया।

400 गायें और 200 ऊंटों के साथ किया लंबा प्रवास

Karni Mata mandir : मां करणी को उनके पिता की ओर से 400 गायें और 200 ऊंट उपहार में मिले थे। साटिका गांव में पानी की कमी के कारण इतने बड़े पशुधन को संभालना कठिन हो गया। धीरे-धीरे गांव वालों में असंतोष बढ़ने लगा। तब मां करणी ने गांव छोड़ने का निर्णय लिया। उन्होंने कहा कि जहां उनकी गायों को पर्याप्त पानी और चारा मिलेगा, वहीं वे निवास करेंगी। इसके बाद वे अपने अनुयायियों और पशुधन के साथ राजस्थान के विभिन्न क्षेत्रों में घूमती रहीं।

जांगलू गांव की घटना और भविष्यवाणी

कहा जाता है कि जब मां करणी अपने अनुयायियों के साथ जांगलू गांव पहुंचीं, तब वहां के शासक राव कान्हा के एक सेवक ने उन्हें और उनके पशुओं को पानी देने से इनकार कर दिया। इस घटना से नाराज होकर मां करणी ने अपने अनुयायी चांदसर के राव रिदमल को भविष्य का शासक घोषित कर दिया। कुछ समय बाद राव कान्हा की मृत्यु हो गई और वही हुआ जो मां करणी ने कहा था। इसके बाद उन्होंने बीकानेर के पास देशनोक में स्थायी रूप से निवास करना शुरू किया।

समुद्री तूफान में भक्त की रक्षा का चमत्कार

मां करणी से जुड़ी एक प्रसिद्ध कथा गुजरात के व्यापारी झगड़ू शाह की भी है। बताया जाता है कि वह समुद्र में यात्रा के दौरान भीषण तूफान में फंस गया था। संकट में उसने मां करणी को याद किया। उसी समय मां करणी अपने घर में गाय दुह रही थीं, लेकिन उन्होंने भक्त की पुकार सुन ली। मान्यता है कि उनकी कृपा से व्यापारी सुरक्षित पोरबंदर पहुंच गया। इसके बाद झगड़ू शाह ने मां करणी के आदेश पर पोरबंदर में हरसिद्धि माता मंदिर का निर्माण करवाया।

लाखन को मृत्यु से वापस लाने की अद्भुत कथा

Karni Mata Temple Bikaner : मां करणी की सबसे प्रसिद्ध कथा उनके भांजे लाखन से जुड़ी हुई है। लाखन, उनकी बहन गुलाब बाई का पुत्र था। एक बार कार्तिक मेले के दौरान लाखन कपिल सरोवर में डूब गया और उसकी मृत्यु हो गई। जब उसकी मां विलाप करने लगी, तब मां करणी उसके शव को एक कमरे में ले गईं और स्वयं को अंदर बंद कर लिया। कुछ समय बाद जब वे बाहर आईं तो लाखन जीवित था। लोककथाओं के अनुसार मां करणी ने मृत्यु के देवता धर्मराज से संघर्ष किया और अपने वंशजों के लिए विशेष वरदान प्राप्त किया। तभी से यह मान्यता प्रचलित हुई कि उनके अनुयायी मृत्यु के बाद “काबा” यानी चूहों के रूप में जन्म लेते हैं और फिर दोबारा मानव योनि प्राप्त करते हैं। इसी वजह से देशनोक मंदिर में चूहों को अत्यंत पवित्र माना जाता है।

मेहरानगढ़ और बीकानेर किले की नींव से जुड़ीं मां करणी

Jai maa karni in hindi : इतिहास में मां करणी की भूमिका केवल धार्मिक नहीं, बल्कि राजनीतिक रूप से भी महत्वपूर्ण रही है। 1453 में उन्होंने राव जोधा को अजमेर, मेड़ता और मंडोर जीतने का आशीर्वाद दिया। इसके बाद 1457 में उनके अनुरोध पर जोधपुर के मेहरानगढ़ किले की आधारशिला रखी गई। बाद में राव बीका को नया राज्य स्थापित करने का आशीर्वाद दिया गया और 1485 में बीकानेर किले की नींव रखवाई गई। इस कारण बीकानेर और जोधपुर के राजघरानों में मां करणी को कुलदेवी के रूप में पूजा जाता है।

देशनोक का विश्व प्रसिद्ध करणी माता मंदिर

बीकानेर के पास स्थित देशनोक का करणी माता मंदिर दुनिया के सबसे अनोखे मंदिरों में गिना जाता है। यह मंदिर संगमरमर की भव्य नक्काशी, विशाल चांदी के दरवाजों और हजारों पवित्र चूहों के लिए प्रसिद्ध है। यहां रहने वाले चूहों को “काबा” कहा जाता है। श्रद्धालु इन्हें भोजन कराते हैं और इनके बीच बैठकर प्रसाद ग्रहण करते हैं। मान्यता है कि सफेद काबा का दर्शन बेहद शुभ माना जाता है और इससे मनोकामनाएं पूरी होती हैं।

मंदिर की विशेष संरचना और इतिहास

देशनोक मंदिर के गर्भगृह का निर्माण स्वयं मां करणी ने करवाया था। बाद में बीकानेर के शासकों ने इसे भव्य स्वरूप दिया। महाराजा सूरत सिंह ने मंदिर को मजबूत संरचना में परिवर्तित करवाया, जबकि महाराजा गंगा सिंह ने इसका व्यापक जीर्णोद्धार कराया। मंदिर का स्वर्ण द्वार अलवर के महाराजा बख्तावर सिंह द्वारा भेंट किया गया था।

सुवाप: मां करणी का जन्मस्थान

सुवाप गांव को मां करणी का जन्मस्थान माना जाता है। यहां उनका भव्य मंदिर स्थित है, जहां प्रतिदिन आरती और पूजा-अर्चना की जाती है। यह स्थान जोधपुर से करीब 113 किलोमीटर दूर स्थित है। यहां आवड़ माता का मंदिर भी है, जिसके बारे में कहा जाता है कि इसे स्वयं मां करणी ने अपने हाथों से बनाया था।

मथानिया में बना पहला करणी माता मंदिर

करणी माता का पहला मंदिर मथानिया में बनाया गया था। इसे अमराजी बारहठ ने बनवाया था, जिन्हें मथानिया जागीर के रूप में मिली थी।यहां आज भी मां करणी की पादुकाओं की पूजा की जाती है।

उदयपुर का करणी माता मंदिर बना पर्यटन का बड़ा केंद्र

बीकानेर की तरह उदयपुर का करणी माता मंदिर भी श्रद्धा और पर्यटन का बड़ा केंद्र बन चुका है। यह मंदिर माछला मगरा पहाड़ी पर स्थित है। इतिहास के अनुसार महाराणा प्रताप के पौत्र महाराणा कर्ण सिंह की रानी बीकानेर राजघराने से थीं। उनका नियम था कि वे मां करणी के दर्शन किए बिना भोजन नहीं करती थीं। रानी की इच्छा पूरी करने के लिए बीकानेर से पवित्र ज्योत लाई गई और उदयपुर में मंदिर की स्थापना की गई।

375 सीढ़ियां और 360 डिग्री व्यू

उदयपुर स्थित करणी माता मंदिर तक पहुंचने के लिए करीब 375 सीढ़ियां चढ़नी पड़ती हैं। हालांकि अब यहां रोपवे सुविधा भी उपलब्ध है। मंदिर से पिछोला झील, फतेहसागर झील और अरावली पर्वतमाला का अद्भुत दृश्य दिखाई देता है। सूर्यास्त के समय यहां का नजारा बेहद आकर्षक माना जाता है।

ट्रैकिंग और विदेशी पर्यटकों की पसंद

करणी माता मंदिर केवल धार्मिक स्थल ही नहीं, बल्कि ट्रैकिंग और पर्यटन का प्रमुख केंद्र भी बन चुका है। हर दिन बड़ी संख्या में देशी और विदेशी पर्यटक यहां पहुंचते हैं। खासकर ट्रैकिंग प्रेमियों के लिए यह स्थान बेहद लोकप्रिय माना जाता है।

अलवर और नागौर में भी प्रसिद्ध मंदिर

करणी माता के मंदिर राजस्थान के कई अन्य हिस्सों में भी स्थित हैं। अलवर शहर में सागर पैलेस और बाला किला के पास उनका प्रसिद्ध मंदिर है। इसके अलावा नागौर जिले के खुर्द गांव में भी मां करणी को समर्पित विशाल मंदिर मौजूद है, जिसका निर्माण बीकानेर के महाराजा गंगा सिंह ने करवाया था।

History of Shrinathji Temple Nathdwara : आखिर क्यों औरंगजेब भी नहीं तोड़ पाया श्रीनाथजी की मूर्ति? जानिए रहस्य

श्री करणी माता मंदिर ट्रस्ट का संचालन

देशनोक स्थित मंदिर का संचालन “श्री करणी माता मंदिर ट्रस्ट” द्वारा किया जाता है। ट्रस्ट में देपावत परिवार के सदस्य शामिल होते हैं। यह परंपरा पीढ़ियों से चली आ रही है। ट्रस्ट मंदिर की व्यवस्था, धार्मिक आयोजन और श्रद्धालुओं की सुविधाओं का संचालन करता है।

आज भी अटूट है श्रद्धालुओं की आस्था

राजस्थान ही नहीं, बल्कि पूरे देश में मां करणी के प्रति गहरी आस्था देखने को मिलती है। श्रद्धालुओं का मानना है कि सच्चे मन से मां करणी की पूजा करने पर मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं और जीवन की बाधाएं दूर होती हैं। देशनोक हो या उदयपुर, मां करणी के मंदिरों में हर दिन हजारों श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंचते हैं। शक्ति, चमत्कार और लोकविश्वास का यह अद्भुत संगम आज भी राजस्थान की सांस्कृतिक पहचान बना हुआ है।

pm kisan latest update : PM किसान योजना में बड़ा बदलाव! इन किसानों को नहीं मिलेगी 23वीं किस्त

About the Author

Parmeshwar Singh Chundwat

Editor

Parmeshwar Singh Chundwat ने डिजिटल मीडिया में कॅरियर की शुरुआत Jaivardhan News के कुशल कंटेंट राइटर के रूप में की है। फोटोग्राफी और वीडियो एडिटिंग में उनकी गहरी रुचि और विशेषज्ञता है। चाहे वह घटना, दुर्घटना, राजनीतिक, सामाजिक या अपराध से जुड़ी खबरें हों, वे SEO आधारित प्रभावी न्यूज लिखने में माहिर हैं। साथ ही सोशल मीडिया पर फेसबुक, इंस्टाग्राम, एक्स, थ्रेड्स और यूट्यूब के लिए छोटे व बड़े वीडियो कंटेंट तैयार करने में निपुण हैं।

Visit Website View All Posts
Visitor Views : 224

Post navigation

Previous: Low investment business : कम लागत में शुरू करें यह बिजनेस, सरकार दे रही 25 लाख तक की मदद
Next: Intel vs AMD Processor: लैपटॉप खरीदने से पहले समझ लें ये बात, गेमिंग और एडिटिंग के लिए कौन-सा प्रोसेसर है सबसे पावरफुल?

Related Stories

Fathers Day Special Article
  • इतिहास / साहित्य

Fathers Day Special Article : फादर्स डे पर हर बेटे-बेटी को पढ़नी चाहिए ये भावुक बात, दिल छू जाएगी कहानी

Parmeshwar Singh Chundwat June 11, 2026
kuldhara village story
  • इतिहास / साहित्य

kuldhara village story : राजस्थान का रहस्यमयी गांव, जहां आज भी भटकती हैं 200 साल पुरानी कहानियां

Parmeshwar Singh Chundwat June 2, 2026
jaisalmer fort history in hindi
  • इतिहास / साहित्य

jaisalmer fort history in hindi : भारत का इकलौता ऐसा किला जहां आज भी रहते हैं हजारों लोग, जानिए इसका रहस्य

Parmeshwar Singh Chundwat May 30, 2026
  • Poltical
  • अजब गजब
  • इतिहास / साहित्य
  • ऑटो
  • कमाई टिप्स
  • कानून
  • क्राइम/हादसे
  • तकनीकी
  • दिन विशेष
  • देश-दुनिया
  • धार्मिक
  • फाइनेंस
  • बायोग्राफी
  • बैंक
  • बॉलीवुड
  • भर्ती
  • मोबाइल
  • मौसम
  • विविध
  • शिक्षा
  • समाचार
  • सरकारी योजना
  • स्वास्थ्य

Jaivardhan TV

YouTube Video UCkaBxhzSvuqEmluN5aAXxtA_iy8wpnp9ILA राजसमंद के आमेट में महादेव मंदिर के पास अवैध शराब बिक्री पर ग्रामीणों का विरोध #rajsamandnewsराजसमंद जिले के आमेट उपखंड स्थित आसन कोठेश्वरी गांव में कथित अवैध शराब बिक्री के विरोध में ग्रामीणों ने एसडीएम और थाना अधिकारी को ज्ञापन सौंपा है। ग्रामीणों का आरोप है कि प्रसिद्ध कोटेश्वर महादेव मंदिर के आसपास शराब और नशीले पदार्थों की बिक्री से सामाजिक माहौल प्रभावित हो रहा है। महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा को लेकर भी चिंता जताई गई है। ग्रामीणों ने 48 घंटे में कार्रवाई नहीं होने पर चक्का जाम की चेतावनी दी है। फिलहाल प्रशासन से मामले में उचित कार्रवाई की मांग की गई है।#Amet #Rajsamand #KoteshwarMahadev #RajasthanNews #JaivardhanNewsOwner : Laxman Singh Rathor, Senior JournalistFacebook Page : Jaivardhannews9
Facebook Page : Liverajsamand
Website: https://jaivardhannews.com
X : jaivardhannews
Instagram : jaivardhannews
Theards : jaivardhannews
Business Inquiry Email : businessjaivardhannews@gmail.com
Mobile : 9672980901
जयवर्द्धन E Paper (PDF) के लिए वेबसाइट विजिट jaivardhannews.comकिसी भी वीडियो से किसी व्यक्ति को आघात पहुंचाना ध्येय नहीं है। फिर भी कोई ऐसी तथ्यात्मक त्रुटि या गलती लगे, तो तत्काल ई मेल व कॉल करें। उचित सुधार व समाधान के प्रयास किए जाएंगे।
राजसमंद के आमेट में महादेव मंदिर के पास अवैध शराब बिक्री पर ग्रामीणों का विरोध #rajsamandnewsराजसमंद जिले के आमेट उपखंड स्थित आसन कोठेश्वरी गांव में कथित अवैध शराब बिक्री के विरोध में ग्रामीणों ने एसडीएम और थाना अधिकारी को ज्ञापन सौंपा है। ग्रामीणों का आरोप है कि प्रसिद्ध कोटेश्वर महादेव मंदिर के आसपास शराब और नशीले पदार्थों की बिक्री से सामाजिक माहौल प्रभावित हो रहा है। महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा को लेकर भी चिंता जताई गई है। ग्रामीणों ने 48 घंटे में कार्रवाई नहीं होने पर चक्का जाम की चेतावनी दी है। फिलहाल प्रशासन से मामले में उचित कार्रवाई की मांग की गई है।#Amet #Rajsamand #KoteshwarMahadev #RajasthanNews #JaivardhanNewsOwner : Laxman Singh Rathor, Senior JournalistFacebook Page : Jaivardhannews9
Facebook Page : Liverajsamand
Website: https://jaivardhannews.com
X : jaivardhannews
Instagram : jaivardhannews
Theards : jaivardhannews
Business Inquiry Email : businessjaivardhannews@gmail.com
Mobile : 9672980901
जयवर्द्धन E Paper (PDF) के लिए वेबसाइट विजिट jaivardhannews.comकिसी भी वीडियो से किसी व्यक्ति को आघात पहुंचाना ध्येय नहीं है। फिर भी कोई ऐसी तथ्यात्मक त्रुटि या गलती लगे, तो तत्काल ई मेल व कॉल करें। उचित सुधार व समाधान के प्रयास किए जाएंगे।
राजसमंद के आमेट में महादेव मंदिर के पास अवैध शराब बिक्री पर ग्रामीणों का विरोध #rajsamandnews
आत्मा में फंदे में फंसे जरख को रेस्क्यू कर जंगल में छोड़ा #rajsamandnews #forestdepartment  #jaivardhannews
#rajsamandग्राम पंचायत आत्मा में तार के फंदे में फंसे एक जरख का वन विभाग की रेस्क्यू टीम ने सफलतापूर्वक सुरक्षित बचाव किया। ग्रामीणों की सूचना पर रेंजर सत्यानंद गरासिया के निर्देशन में टीम तत्काल मौके पर पहुंची और सावधानीपूर्वक रेस्क्यू अभियान चलाकर वन्यजीव को सुरक्षित बाहर निकाला। अभियान में सुरेंद्र सिंह, हेमंत नागदा, पन्नालाल कुमावत और रीना झाला सहित टीम के सदस्यों ने अहम भूमिका निभाई। बाद में उच्च अधिकारियों के निर्देशानुसार जरख को उसके प्राकृतिक आवास में सुरक्षित छोड़ दिया गया। ग्रामीणों ने पूरी टीम के प्रयासों की सराहना की।#Rajsamand #AtmaGramPanchayat #ForestDepartment #WildlifeRescue #JaivardhanNewsOwner : Laxman Singh Rathor, Senior JournalistFacebook Page : Jaivardhannews9
Facebook Page : Liverajsamand
Website: https://jaivardhannews.com
X : jaivardhannews
Instagram : jaivardhannews
Theards : jaivardhannews
Business Inquiry Email : businessjaivardhannews@gmail.com
Mobile : 9672980901
जयवर्द्धन E Paper (PDF) के लिए वेबसाइट विजिट jaivardhannews.comकिसी भी वीडियो से किसी व्यक्ति को आघात पहुंचाना ध्येय नहीं है। फिर भी कोई ऐसी तथ्यात्मक त्रुटि या गलती लगे, तो तत्काल ई मेल व कॉल करें। उचित सुधार व समाधान के प्रयास किए जाएंगे।
आत्मा में फंदे में फंसे जरख को रेस्क्यू कर जंगल में छोड़ा #rajsamandnews #forestdepartment
अब सीखें सिलाई का हुनर बिल्कुल नि:शुल्क, रोजगार की ओर बढ़ाएं कदम!#NaijindagiFoundation #TailoringCourse #WomenEmpowerment #JaivardhanNews #TodayNewsनई जिंदगी एजुकेशन एंड वेलफेयर फाउंडेशन
📍 जलचक्की चौराहा, IDBI बैंक के ऊपर, राजसमंद
☎️ 70231-36617 | 77421-86617 | 70735-36617Owner : Laxman Singh Rathor, Senior JournalistFacebook Page : Jaivardhannews9
Facebook Page : Liverajsamand
Website: https://jaivardhannews.com
X : jaivardhannews
Instagram : jaivardhannews
Theards : jaivardhannews
Business Inquiry Email : businessjaivardhannews@gmail.com
Mobile : 9672980901
जयवर्द्धन E Paper (PDF) के लिए वेबसाइट विजिट jaivardhannews.comकिसी भी वीडियो से किसी व्यक्ति को आघात पहुंचाना ध्येय नहीं है। फिर भी कोई ऐसी तथ्यात्मक त्रुटि या गलती लगे, तो तत्काल ई मेल व कॉल करें। उचित सुधार व समाधान के प्रयास किए जाएंगे।
अब सीखें सिलाई का हुनर बिल्कुल नि:शुल्क, रोजगार की ओर बढ़ाएं कदम! #NaijindagiFoundation #Course
Subscribe

वेब स्टोरी

  • Home
  • तकनीकी
    • ऑटो
    • मोबाइल
  • क्राइम/हादसे
    • अजब गजब
  • फाइनेंस
    • बैंक
    • कमाई टिप्स
  • मौसम
    • स्वास्थ्य
  • बायोग्राफी
  • सरकारी योजना
    • शिक्षा
    • भर्ती
  • विविध
    • देश-दुनिया
    • इतिहास / साहित्य
    • Jaivardhan TV
  • धार्मिक
  • दिन विशेष
  • कानून
  • वेब स्टोरी
  • Privacy Policy