
Rajsamand village survey : राजसमंद जिले की चारभुजा तहसील के दुर्गम पहाड़ी इलाके में स्थित रूपनगर गांव में मकान सूचीकरण सर्वे टीम ने कठिन परिस्थितियों के बीच पहुंचकर सर्वे कार्य पूरा किया। घने जंगलों, ऊबड़-खाबड़ पहाड़ी रास्तों और जंगली जानवरों के खतरे के बावजूद टीम ने करीब 10 किलोमीटर पैदल सफर तय किया और सात घंटे तक अभियान चलाकर गांव के मकानों का सूचीकरण किया।
ग्राम पंचायत मानावतों का गुड़ा के अंतर्गत आने वाला रूपनगर गांव पहाड़ों और घने जंगलों के बीच बसा हुआ है। यह क्षेत्र ऐतिहासिक गढ़ इलाके में आता है और मुख्य सड़क से लगभग 10 किलोमीटर अंदर स्थित है। गांव तक पहुंचने के लिए कोई आसान मार्ग नहीं होने के कारण सर्वे टीम को पैदल ही कठिन रास्तों से गुजरना पड़ा। हाउस लिस्टिंग ब्लॉक (एचएलबी)-74 के तहत आने वाले इस क्षेत्र में अकेले कर्मचारियों का पहुंचना मुश्किल था। ऐसे में अन्य शिक्षकों और सहयोगी कर्मचारियों ने भी सर्वे दल का साथ दिया। पीईईओ इंचार्ज महावीर प्रसाद ने बताया कि सर्वे कार्य सुपरवाइजर रूप सिंह मीणा के नेतृत्व में किया गया। टीम में खुशहाल दास वैष्णव, कमलपुरी गोस्वामी, वकू सिंह परमार और सिद्धार्थ सांदु सहित अन्य सदस्य शामिल रहे। सुबह शुरू हुआ अभियान शाम तक चलता रहा। करीब सात घंटे तक चले इस सर्वे में गांव के लगभग 60 मकानों का सूचीकरण किया गया। कई मकान बंद मिले, जबकि कुछ लंबे समय से खाली पड़े पाए गए।
अधिकांश परिवार कच्चे मकानों में रह रहे

remote village house listing survey : सर्वे के दौरान टीम ने ग्रामीणों की जीवनशैली और मकानों की स्थिति का भी जायजा लिया। अधिकतर परिवार कच्चे मकानों में निवास करते पाए गए। इलाके में मूलभूत सुविधाओं की कमी भी साफ दिखाई दी। पथरीले रास्तों और पहाड़ी क्षेत्र के कारण यहां आवागमन बेहद कठिन है। ग्रामीणों को रोजमर्रा की जरूरतों के लिए भी लंबी दूरी तय करनी पड़ती है।

34 सवालों के आधार पर किया सत्यापन
Rajsamand rural survey news : तहसीलदार तोलाराम देवासी सरकारी व्यस्तता के चलते मौके पर नहीं पहुंच सके। उनके निर्देश पर तहसील स्तर से प्रतिनिधि टीम भेजी गई। टीम ने ग्रामीण सजना देवी गमेती के घर पहुंचकर 34 बिंदुओं वाली प्रश्नावली के आधार पर मकान की स्थिति और उपलब्ध सुविधाओं का सत्यापन किया। इस दौरान मकानों की संरचना, पानी-बिजली की उपलब्धता, शौचालय, निर्माण सामग्री और अन्य सुविधाओं से संबंधित जानकारी जुटाई गई।
जंगल और पहाड़ों के बीच चुनौतीपूर्ण रहा सफर

Charbhuja Rupnagar village survey : सर्वे टीम को रास्ते में घने जंगलों और कठिन पहाड़ी चढ़ाई का सामना करना पड़ा। कई जगहों पर रास्ते बेहद संकरे और पथरीले थे। टीम को पैदल चलते हुए सावधानी बरतनी पड़ी। जंगली जानवरों के खतरे के बीच कर्मचारियों ने जिम्मेदारी निभाते हुए पूरा अभियान सफलतापूर्वक पूरा किया। टीम ने बीच रास्ते में स्थित नृसिंहद्वारा अखाड़े पर भोजन कर थोड़ी देर विश्राम भी किया।
ग्रामीणों ने टीम का किया सहयोग
Rajsamand hilly area news : गांव पहुंचने पर ग्रामीणों ने सर्वे दल का सहयोग किया और मकानों से जुड़ी जानकारी उपलब्ध कराई। हालांकि कई घरों में लोग मौजूद नहीं थे, जिससे कुछ मकानों का सत्यापन करना मुश्किल रहा। सर्वे टीम ने कहा कि दुर्गम क्षेत्रों में इस तरह के अभियान प्रशासन के लिए चुनौतीपूर्ण जरूर होते हैं, लेकिन इससे गांवों की वास्तविक स्थिति सामने आती है और योजनाओं का लाभ सही लोगों तक पहुंचाने में मदद मिलती है।
कलक्टर भी पहुंच चुके इस गांव
राजसमंद कलेक्टर अरुण कुमार हसीजा भी इससे पहले दुर्गम पहाड़ियों के बीच बसे रूपनगर गांव पहुंचे थे। कलेक्टर के दौरे के दौरान सामने आया कि आजादी के इतने वर्षों बाद भी गांव मूलभूत सुविधाओं से वंचित है। पहली बार किसी जिला कलेक्टर को अपने बीच देखकर ग्रामीणों ने खुलकर अपनी समस्याएं बताईं। करीब 20 से 30 भील जनजाति परिवारों वाले इस गांव में पानी, शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार जैसी जरूरी सुविधाओं की भारी कमी है। कलेक्टर हसीजा कठिन पहाड़ी रास्तों से पैदल गांव पहुंचे और घर-घर जाकर लोगों से बातचीत की। उन्होंने मौके पर ही जिला परिषद सीईओ को मनरेगा कार्य शुरू करवाने, सीएमएचओ को स्वास्थ्य सुविधाएं विकसित करने और सीडीईओ को शिक्षा व्यवस्था सुधारने के निर्देश दिए। साथ ही उपखंड अधिकारियों को ऐसे उपेक्षित गांवों की पहचान कर नियमित निरीक्षण करने के आदेश भी दिए। दौरे के दौरान कलेक्टर ने क्षेत्र के प्राचीन जर्जर दुर्ग का निरीक्षण कर यहां पर्यटन और विकास की संभावनाओं का भी जायजा लिया।



