
राजसमंद : Rajsamand diesel sale ban protest : रसद विभाग की ओर से खुले पात्रों में डीजल बिक्री नहीं करने संबंधी जारी आदेश का जिले के पेट्रोलियम डीलर्स ने विरोध जताया है। राजसमंद पेट्रोलियम डीलर्स वेलफेयर संस्थान ने इस आदेश को अव्यावहारिक और जमीनी परिस्थितियों के विपरीत बताते हुए जिला प्रशासन को ज्ञापन सौंपकर राहत देने की मांग की।
संस्थान अध्यक्ष कैलाश चौधरी और महामंत्री हेमंत लढ्ढा के नेतृत्व में बुधवार को जिलेभर के पेट्रोलियम डीलर्स कलेक्ट्रेट पहुंचे। उन्होंने जिला कलक्टर अरूण कुमार हसीजा, जिला पुलिस अधीक्षक और जिला रसद अधिकारी को ज्ञापन सौंपकर समस्या से अवगत कराया। ज्ञापन में बताया कि हाल ही में रसद विभाग ने वर्तमान भू-राजनीतिक परिस्थितियों का हवाला देते हुए पेट्रोल और डीजल की जमाखोरी व कालाबाजारी रोकने के उद्देश्य से खुले पात्रों में बिक्री पर रोक लगाने के निर्देश जारी किए हैं। आदेश में कंटेनर, ड्रम और बोतलों में ईंधन देने पर कार्रवाई की चेतावनी भी दी गई है। डीलर्स ने कहा कि पेट्रोल खुले पात्रो में नहीं देने Fuel dealers demand relief पर उन्हें कोई आपत्ति नहीं है, लेकिन डीजल के मामले में ये आदेश व्यवहारिक नहीं है। उन्होंने बताया कि कृषि कार्य, खनन, डीजी सेट, मोबाइल टावर, फैक्ट्रियों और क्रेन संचालन जैसे कई आवश्यक कार्यों में डीजल का उपयोग होता है, जहां ड्रम या केन में डीजल ले जाना मजबूरी होती है। पंप संचालकों ने प्रशासन को बताया कि खुले पात्रों में डीजल लेने वाले अधिकांश लोग नियमित ग्राहक और स्थानीय सेवा प्रदाता होते हैं। ऐसे लोगों की पहचान पहले से होती है और किसी भी संदिग्ध व्यक्ति को डीजल नहीं दिया जाता। उन्होंने कहा कि नियमित ग्राहकों को मना करने पर विवाद और अशांति की स्थिति बन रही है।

Rajsamand petrol pump dealers protest : डीलर्स ने सरकार से जमीनी हालात को देखते हुए आदेश में व्यावहारिक राहत देने की मांग की। इस पर जिला कलेक्टर ने समस्या के समाधान के लिए उचित पहल का भरोसा दिलाया। इस दौरान पुष्कर पाटीदार, अनिरुद्ध सिंह कारोई, विनीष सोनी, शैलेन्द्र जोशी, जम्बू कुमार जैन, वैभव श्रीमाली, अनिल पारीक, महेश लक्षकार सहित कई पेट्रोल पंप संचालक मौजूद रहे।



