
Shrimad Bhagwat Katha Rajsamand : राजसमंद जिले के मोही कस्बे में ठिकाना परिवार मोही के तत्वावधान में राजपूत सामुदायिक भवन में आयोजित सात दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा महोत्सव के तीसरे दिन श्रद्धा, भक्ति और आध्यात्मिक चेतना का अद्भुत संगम देखने को मिला। कथा स्थल पर दोपहर से ही श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी । भगवान श्रीकृष्ण के जयघोष, भजन-कीर्तन और धार्मिक वातावरण से पूरा परिसर भक्तिमय हो गया। आसपास के गांवों और कस्बों से भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु कथा सुनने के लिए पहुंचे।
Mohi Shrimad Bhagwat Katha : कथा वाचक पंडित विष्णुकांत शास्त्री ने श्रीमद्भागवत के विभिन्न पावन प्रसंगों का भावपूर्ण वर्णन करते हुए कहा कि मानव जीवन का वास्तविक उद्देश्य प्रभु भक्ति, सेवा और सदाचार के मार्ग पर चलना है। उन्होंने कहा कि श्रीमद्भागवत केवल एक धार्मिक ग्रंथ नहीं, बल्कि जीवन को सही दिशा देने वाला दिव्य ज्ञान का भंडार है। कथा के माध्यम से व्यक्ति अपने जीवन को संस्कारित बनाकर समाज और राष्ट्र निर्माण में महत्वपूर्ण योगदान दे सकता है। अपने प्रवचन में शास्त्री ने कहा कि आधुनिक युग में मनुष्य भौतिक सुख-सुविधाओं की दौड़ में मानसिक शांति से दूर होता जा रहा है। ऐसे समय में भगवान की कथा, सत्संग और भक्ति मनुष्य को आत्मिक शांति, संतोष और सकारात्मक ऊर्जा प्रदान करते हैं। उन्होंने श्रद्धालुओं को संदेश दिया कि भगवान के प्रति अटूट श्रद्धा और विश्वास रखने वाला व्यक्ति जीवन की कठिन से कठिन परिस्थितियों का भी सहजता से सामना कर सकता है।

भगवत कथा में भक्ति रस में डूबे श्रद्धालु
Bhagwat Katha Mahotsav Mohi : कथा के दौरान भगवान की लीलाओं, भक्त चरित्रों तथा धर्म से जुड़े प्रेरणादायक प्रसंगों का वर्णन किया गया। प्रवचन सुनकर श्रद्धालु भाव-विभोर हो उठे। कई भक्त भजन-कीर्तन में शामिल होकर प्रभु भक्ति में लीन दिखाई दिए। महिलाओं ने मंगल गीतों और भजनों की प्रस्तुति देकर वातावरण को और अधिक भक्तिमय बना दिया। आयोजन स्थल को आकर्षक सजावट से सजाया गया था। आयोजन समिति की ओर से श्रद्धालुओं के लिए बैठने, पेयजल एवं अन्य आवश्यक सुविधाओं की समुचित व्यवस्था की गई थी। पूरे आयोजन के दौरान अनुशासन, श्रद्धा और सेवा भाव का सुंदर समन्वय देखने को मिला। Shrimad Bhagwat Katha

भक्ति, ज्ञान और अध्यात्म का प्रेरणादायक संगम
Religious Program in Mohi : ठिकाना परिवार के सदस्यों ने बताया कि श्रीमद्भागवत कथा महोत्सव 12 जून तक प्रतिदिन दोपहर 2 बजे से शाम 5 बजे तक आयोजित किया जा रहा है। आगामी दिनों में भगवान श्रीकृष्ण की दिव्य लीलाओं, महान भक्तों के चरित्रों तथा धर्म और अध्यात्म से जुड़े महत्वपूर्ण प्रसंगों का विस्तृत वर्णन किया जाएगा। कथा के समापन पर भगवान की आरती उतारी गई और श्रद्धालुओं ने जयघोष के साथ क्षेत्र की सुख-समृद्धि, शांति और खुशहाली की कामना की। तीसरे दिन का आयोजन भक्तों के लिए आध्यात्मिक ऊर्जा, भक्ति और ज्ञान का प्रेरणादायक केंद्र बन गया।



