
Expired Medicine Case : नाथद्वारा के जिला चिकित्सालय में गंभीर लापरवाही का मामला सामने आया है। अस्पताल के दवा वितरण केंद्र (डीबीसी) से भर्ती मरीज को एक्सपायरी दवा दे दी। राहत की बात यह रही कि दवा देने से पहले परिजनों की नजर उस पर अंकित एक्सपायरी तिथि पर पड़ गई, जिससे संभावित बड़ा हादसा टल गया। घटना के बाद परिजनों और शहरवासियों में अस्पताल प्रशासन के प्रति नाराजगी देखने को मिली है।
Expired Medicine Incident : जानकारी के अनुसार, कल्लाखेड़ी निवासी घनश्यामसिंह चौहान को सोमवार को तबीयत बिगड़ने पर जिला चिकित्सालय में भर्ती कराया गया था। जांच में प्लेटलेट्स कम आने पर चिकित्सकों ने उन्हें वार्ड में भर्ती कर उपचार शुरू किया। डॉक्टरों द्वारा लिखी गई दवाएं लेने के लिए परिजन अस्पताल के दवा वितरण केंद्र पहुंचे, जहां से उन्हें दवा उपलब्ध कराई गई। जब परिजन दवा लेकर वार्ड में पहुंचे और दवा के पैकेट की जांच की तो पता चला कि दवा की एक्सपायरी अवधि मार्च 2026 में ही समाप्त हो चुकी है। यह देखकर परिजनों के होश उड़ गए। उनका कहना है कि यदि बिना जांचे मरीज को दवा दे दी जाती तो उसकी तबीयत और बिगड़ सकती थी।
पहले भी विवादों में रहा है जिला चिकित्सालय
Expired Medicine Controversy : जिला चिकित्सालय पिछले कुछ समय से लगातार विवादों में बना हुआ है। हाल ही में मेडिकल लैब जांच को लेकर भी अस्पताल चर्चा में रहा था। अब एक्सपायरी दवा देने का मामला सामने आने के बाद एक बार फिर अस्पताल की व्यवस्थाओं और निगरानी प्रणाली पर सवाल उठने लगे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि अस्पताल में आने वाले अधिकांश मरीज आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग से जुड़े होते हैं, ऐसे में इस तरह की लापरवाही किसी भी स्थिति में स्वीकार्य नहीं है। मामले को लेकर पीएमओ डॉ. अनिल शाह से संपर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन उनका पक्ष नहीं मिल सका। Nathdwara News

Expired Medicine Case : डीबीसी इंचार्ज ने कही यह बात
District Hospital News : जिला चिकित्सालय के डीबीसी इंचार्ज नितिन रजक ने कहा कि उन्हें इस मामले की जानकारी नहीं थी। उन्होंने बताया कि सुबह अस्पताल जाकर देखता हूं कि वहां कौन स्टाफ मौजूद था और एक्सपायरी दवा मरीज को कैसे दी गई। लगातार सामने आ रही ऐसी खामियों के कारण सरकारी स्वास्थ्य सेवाओं की कार्यप्रणाली और मरीजों की सुरक्षा को लेकर लोगों का भरोसा प्रभावित होता नजर आ रहा है।



