
Fake municipal receipt : 8 महीने में पालिका की फर्जी रसीद पर अधिशासी अधिकारी के कूटरचित हस्ताक्षर कर लोगों को गुमराह करता रहा, लेकिन पालिका को पता तक नहीं चला। अब कुछ लोगों की शिकायत मिलने पर मामले का खुलासा हुआ है। इस पर अधिशासी अधिकारी अक्षय राजपुरोहित की रिपोर्ट पर पुलिस ने आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज किया है।
रिपोर्ट के अनुसार पालिका ने गृह कर के सर्वे का काम ‘कर्म परम सेवा समिति’ को सौंपा था जो पूरा हो गया था। इसके दस्तावेज भी जमा हो चुके। फिर भी राजसमंद निवासी ओम शर्मा पुत्र पुष्कर शर्मा फर्जी लेटरपैड और अधिशासी अधिकारी के हस्ताक्षर का इस्तेमाल कर लोगों से जबरन वसूली कर रहा था। आरोपी खुद को नगर पालिका कर्मचारी बताकर आमजन को गुमराह करता रहा और उनसे पैसे ऐंठता रहा। शिकायत मिलने पर पालिका प्रशासन ने जांच कराई, जिसमें मामला सही पाया गया। थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई गई। Fake tax receipt case
पालिका को दें अवैध वसूली की सूचना
officer fake signature : पट्टा बनाने, गृह कर की रसीद काट कर वसूली की जा रही थी। फिलहाल वसूली गई की राशि की जानकारी नहीं है। नगरवासियों को किसी भी प्रकार की राशि जमा करानी हो तो नगर पालिका कार्यालय में आकर ही जमा कराएं। संदिग्ध वसूली की जानकारी प्रशासन को दें।
अक्षय राजपुरोहित, ईओ, मसूदा नगर पालिका
40 हजार तक की रसीद काटी
Property tax fraud : पालिका ने ओम शर्मा को गृह कर का केवल सर्वे का काम सौंपा, लेकिन उसने लोगों से 40 हजार तक की वसूली कर ली। बताया जा रहा है कि उसने 20 से अधिक लोगों की रसीदें काट 5 लाख से ज्यादा की अवैध वसूली की। मौके पर जितना बड़ा क्षेत्रफल देखता, खुद ही राशि तय कर वसूल लेता। टेंडर मिलने पर पालिका में आने जाने से उसकी अन्य कर्मचारियों से भी पहचान हो गई। वह पहले से फर्जी रसीद पर ईओ के हस्ताक्षर कर मौके पर पहुंचता, फिर वहीं लोगों के नाम व अन्य जानकारी भरता। इससे लोग आसानी से शिकार होते गए। House tax scam



