
किसी ने सच ही कहा है कि “हजार मील की यात्रा भी एक पहले कदम से शुरू होती है। राजसमंद जिले में एक ऐसी ही यात्रा 18 अप्रैल, 2022 को शुरू हुई, जिसका नाम है— नई जिंदगी एजुकेशन एंड वेलफेयर फाउंडेशन (NJ Foundation)। यह सिर्फ एक गैर-लाभकारी संस्था (NGO) नहीं है, बल्कि उन हजारों ग्रामीण युवाओं और महिलाओं के लिए आशा की एक किरण है, जो अवसरों के अभाव में अपने सपनों को दम तोड़ते देख रहे थे। शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार के त्रिकोणीय संगम पर खड़ी यह संस्था आज पूरे राजस्थान में ‘आत्मनिर्भरता’ का नया पर्याय बन चुकी है।
संस्था का उद्भव और विजन: अंत्योदय से सर्वोदय तक
Skill development center : NJ फाउंडेशन की स्थापना इस मूल मंत्र के साथ की गई थी कि विकास की अंतिम कतार में खड़े व्यक्ति तक शिक्षा और कौशल का प्रकाश पहुँचे। ग्रामीण भारत में अक्सर प्रतिभा की कमी नहीं होती, बल्कि उसे निखारने वाले मंच की कमी होती है। संस्था का विजन एक ऐसा समाज बनाना है जहाँ गरीबी, अशिक्षा और बेरोजगारी किसी के विकास में बाधा न बने। फाउंडेशन न केवल युवाओं को किताबी ज्ञान देता है, बल्कि उन्हें बाजार की मांग के अनुरूप ‘स्किल’ (कौशल) प्रदान कर सीधे रोजगार से जोड़ता है।
नेतृत्व की विचारधारा: जिनके कंधों पर टिकी है जिम्मेदारी

Job placement training : किसी भी संस्था की पहचान उसके नेतृत्व की सोच से होती है। NJ फाउंडेशन को तीन प्रमुख स्तंभों का मार्गदर्शन प्राप्त है:
- प्रशांत भारद्वाज (अध्यक्ष): भारद्वाज का मानना है कि बदलाव की शुरुआत सहानुभूति से नहीं, बल्कि सशक्तिकरण से होती है। उनके शब्दों में, “हमारा लक्ष्य सिर्फ कौशल सिखाना नहीं, बल्कि व्यक्ति के भीतर सोए हुए आत्मविश्वास को जगाना है।”
- चंद्र किरण भारद्वाज (बोर्ड सचिव): उन्होंने संस्था को एक ‘परिवार’ का रूप दिया है। उनका मानना है कि जब किसी महिला को शिक्षा और कौशल मिलता है, तो वह पूरे समाज के लिए बदलाव की लहर बन जाती है।
- संगीता कुमावत (निदेशक – HR): युवाओं के बीच बेहद लोकप्रिय संगीता कुमावत का संदेश स्पष्ट है— सीखने की कोई उम्र नहीं होती। उन्होंने युवाओं को नौकरी पाने वाले (Job Seekers) से नौकरी देने वाले (Job Creators) बनने की प्रेरणा दी है।
- शारदा कुमावत (प्रोजेक्ट हेड) : शारदा कुमावत फाउंडेशन की विभिन्न स्किल डेवलपमेंट और सामाजिक विकास परियोजनाओं के संचालन एवं समन्वय की जिम्मेदारी निभाती हैं। उनका मानना है कि सही मार्गदर्शन, गुणवत्तापूर्ण प्रशिक्षण और अवसरों की उपलब्धता से युवाओं एवं महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाया जा सकता है।
राजस्थान के कोने-कोने तक पहुँच
Women empowerment NGO in Rajasthan : राजसमंद की गलियों से शुरू हुई यह संस्था आज राजस्थान के 7 प्रमुख जिलों में अपनी गहरी पैठ बना चुकी है। 33 सब-सेंटर्स के माध्यम से संस्था ने जयपुर, अजमेर, चित्तौड़गढ़, भीलवाड़ा और उदयपुर जैसे शहरों में अपनी उपस्थिति दर्ज कराई है।
प्रमुख शाखाएँ और संपर्क सूत्र:
| शाखा (Branch) | पता |
| राजसमंद (H.O.) | जल चक्की चौराहा, IDBI बैंक के ऊपर, प्रथम तल |
| आमेट | एसबीआई बैंक के सामने, गांधी चबूतरा |
| मावली | नवोदय स्कूल के पास, रायका होटल के सामने |
| चित्तौड़गढ़ | 33. किदवई नगर, ICICI बैंक के पास, रोडवेज बस डिपो वाली गली, चितौड़गढ़ |
| जयपुर | सेक्टर 12, मालवीय नगर, जयपुर |
| अजमेर | हरिभाऊ उपाध्याय नगर, प्राइवेट बस स्टेंड के पास, नोसर घाटी, पुष्कर रोड |
प्रमुख पाठ्यक्रम और प्रशिक्षण

NJ फाउंडेशन ने अपने पाठ्यक्रमों को इस तरह डिजाइन किया है कि प्रशिक्षण पूरा होते ही युवा रोजगार के लिए तैयार हो जाएं।
BPO (बिजनेस प्रोसेस आउटसोर्सिंग)
इस प्रशिक्षण कार्यक्रम के अंतर्गत युवाओं को कम्युनिकेशन स्किल्स, कस्टमर सर्विस, टेलीफोन एटीकेट, डेटा हैंडलिंग एवं प्रशासनिक कार्यों का प्रशिक्षण दिया जाता है। यह कोर्स विशेष रूप से उन युवाओं के लिए उपयोगी है जो कॉर्पोरेट सेक्टर, कॉल सेंटर एवं मल्टीनेशनल कंपनियों में अपना करियर बनाना चाहते हैं।
रिटेल एवं सेल्स
इस कोर्स में ग्राहकों से संवाद करने की कला, मर्चेंडाइजिंग, स्टोर मैनेजमेंट, प्रोडक्ट डिस्प्ले एवं सेल्स तकनीकों का प्रशिक्षण दिया जाता है। रिलायंस स्मार्ट बाज़ार, वेस्टसाइड सहित कई प्रतिष्ठित कंपनियों में इस प्रशिक्षण प्राप्त युवाओं की लगातार मांग बनी हुई है।
RS-CIT
डिजिटल युग में कंप्यूटर साक्षरता को बढ़ावा देने के उद्देश्य से राजस्थान सरकार द्वारा मान्यता प्राप्त RS-CIT कोर्स संचालित किया जाता है। इसके माध्यम से विद्यार्थियों को कंप्यूटर संचालन, इंटरनेट, ई-मेल, ऑनलाइन सेवाओं एवं डिजिटल कार्यों की जानकारी प्रदान की जाती है।
नर्सिंग एवं हेल्थकेयर (GDA)
स्वास्थ्य क्षेत्र में रोजगार की बढ़ती संभावनाओं को देखते हुए युवाओं को नर्सिंग एवं हेल्थकेयर का प्रशिक्षण दिया जाता है। इस कोर्स में प्राथमिक चिकित्सा, रोगी देखभाल, स्वास्थ्य प्रबंधन एवं अस्पतालों में कार्य करने से संबंधित व्यावहारिक ज्ञान प्रदान किया जाता है।
सिलाई एवं फैशन डिजाइनिंग
महिलाओं एवं युवतियों को आत्मनिर्भर बनाने के उद्देश्य से सिलाई, कटिंग, परिधान निर्माण एवं बेसिक फैशन डिजाइनिंग का प्रशिक्षण दिया जाता है, जिससे वे स्वरोजगार या रोजगार के अवसर प्राप्त कर सकें।
टैली अकाउंटिंग (Tally Accounting)
इस कोर्स में विद्यार्थियों को लेखांकन, जीएसटी, बिलिंग, वित्तीय रिकॉर्ड प्रबंधन एवं टैली सॉफ्टवेयर का प्रशिक्षण दिया जाता है। यह प्रशिक्षण युवाओं को अकाउंटेंट एवं कार्यालय सहायक के रूप में रोजगार प्राप्त करने में मदद करता है।

ग्राफिक डिजाइनिंग
आधुनिक डिजिटल मीडिया और विज्ञापन क्षेत्र की मांग को ध्यान में रखते हुए युवाओं को पोस्टर डिजाइन, सोशल मीडिया क्रिएटिव, लोगो डिजाइन, फोटो एडिटिंग एवं अन्य डिज़ाइनिंग सॉफ्टवेयर का प्रशिक्षण दिया जाता है।
फाइनेंस मैनेजमेंट
इस प्रशिक्षण के माध्यम से विद्यार्थियों को वित्तीय प्रबंधन, बचत, निवेश, बजट निर्माण, बैंकिंग प्रक्रियाओं एवं वित्तीय योजना से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारियां दी जाती हैं।
सेल्फ डिफेंस ट्रेनिंग
महिलाओं एवं युवतियों की सुरक्षा और आत्मविश्वास बढ़ाने के लिए आत्मरक्षा प्रशिक्षण आयोजित किया जाता है। इसमें विभिन्न परिस्थितियों में स्वयं की सुरक्षा के व्यावहारिक तरीके सिखाए जाते हैं।
साइबर सुरक्षा एवं साइबर जागरूकता प्रशिक्षण
डिजिटल युग में बढ़ते साइबर अपराधों को देखते हुए युवाओं को ऑनलाइन सुरक्षा, साइबर फ्रॉड से बचाव, सोशल मीडिया सुरक्षा, डिजिटल प्राइवेसी एवं साइबर जागरूकता से संबंधित प्रशिक्षण प्रदान किया जाता है।
ऐतिहासिक एवं शैक्षणिक भ्रमण
नई जिंदगी फाउंडेशन द्वारा युवाओं के सर्वांगीण विकास के लिए समय-समय पर ऐतिहासिक, सांस्कृतिक एवं शैक्षणिक स्थलों का भ्रमण भी कराया जाता है। इन भ्रमण कार्यक्रमों का उद्देश्य विद्यार्थियों को पुस्तकीय ज्ञान के साथ-साथ व्यावहारिक एवं ऐतिहासिक जानकारी प्रदान करना है। भ्रमण के दौरान युवाओं को राजस्थान की गौरवशाली विरासत, ऐतिहासिक धरोहरों, संग्रहालयों, प्रेरणादायक स्थलों तथा विभिन्न संस्थानों की जानकारी दी जाती है। इससे उनमें नेतृत्व क्षमता, आत्मविश्वास, टीम भावना और सामाजिक जागरूकता का विकास होता है। ऐसे शैक्षणिक भ्रमण विद्यार्थियों के व्यक्तित्व निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं तथा उन्हें अपने इतिहास, संस्कृति और समाज को बेहतर तरीके से समझने का अवसर प्रदान करते हैं।

उपलब्धियां और प्रभाव

संस्था की सफलता का अंदाजा इन प्रभावशाली आंकड़ों से लगाया जा सकता है:
- 4097+ युवा: अब तक विभिन्न व्यावसायिक कार्यक्रमों में प्रशिक्षित किए जा चुके हैं।
- 3500+ प्लेसमेंट: प्रशिक्षण के बाद छात्रों ने नामी कंपनियों में सम्मानजनक नौकरियां हासिल की हैं।
- 508 गाँव: जहाँ तक फाउंडेशन की पहुँच हो चुकी है और जहाँ के निवासी प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से लाभान्वित हो रहे हैं।
- 33 सब-सेंटर्स: पूरे राजस्थान में फैला हुआ नेटवर्क।
सफलता की कहानियाँ: सपनों को मिले पंख

- मनिषा कुंवर (राजसमंद): 12वीं के बाद अनिश्चित भविष्य के बीच मनिषा ने NJ फाउंडेशन से ‘रिटेल और सेल्स’ का कोर्स किया। आज वह ‘रिलायंस स्मार्ट बाज़ार’ में कार्यरत हैं और ₹10,000 प्रति माह कमाकर अपने परिवार का संबल बनी हैं।
- जसराज गमेती (उदयपुर): एक साधारण मध्यमवर्गीय परिवार से ताल्लुक रखने वाले जसराज ने रिटेल कोर्स के बाद ‘Yahoo’ जैसी प्रतिष्ठित कंपनी में सेल्स एग्जीक्यूटिव की नौकरी हासिल की।
- रंजना कुमारी: आर्थिक तंगी के बावजूद हार न मानते हुए रंजना ने प्रशिक्षण लिया और आज ‘Barbeque Nation’ में शेफ के तौर पर अपनी सेवाएँ दे रही हैं।
- दीपिका कुंवर: टोंक जिले के मालपुरा गाँव की रहने वाली दीपिका कुवर ने ग्रेजुएशन के बाद रोजगार की चुनौतियों का सामना किया। इस दौरान उन्हें नई जिंदगी फाउंडेशन के ‘बीपीओ’ (BPO) कोर्स के बारे में जानकारी मिली। दिसंबर 2024 में जयपुर सेंटर से विधिवत ट्रेनिंग प्राप्त कर उन्होंने अपने कम्युनिकेशन स्किल्स और कस्टमर सर्विस को बेहतर बनाया। आज दीपिका आत्मविश्वास के साथ अपने करियर की नई राह पर सफलतापूर्वक आगे बढ़ रही हैं।
- लक्ष्मी लोहार: चित्तौड़गढ़ जिले के कीरखेड़ा गांव के एक साधारण और आर्थिक रूप से कमजोर परिवार से आने वाली लक्ष्मी लोहार ने अपने संघर्ष और मेहनत के दम पर सफलता की नई मिसाल कायम की है। नई जिंदगी फाउंडेशन से रिटेल एवं सेल्स का प्रशिक्षण प्राप्त करने के बाद उन्हें जयपुर के वेस्टसाइड मॉल में प्रतिष्ठित नौकरी मिली। आज वे प्रतिमाह लगभग ₹15,000 की आय अर्जित कर अपने परिवार की आर्थिक जिम्मेदारियों में महत्वपूर्ण योगदान दे रही हैं। लक्ष्मी की सफलता यह साबित करती है कि सही मार्गदर्शन और दृढ़ संकल्प से कोई भी सपना साकार किया जा सकता है।
- टीना भानावत: चित्तौड़गढ़ निवासी टीना भानावत, जो प्रेम सिंह भानावत की पुत्री हैं, एक साधारण परिवार से संबंध रखती हैं। नई जिंदगी फाउंडेशन से रिटेल एवं सेल्स का प्रशिक्षण प्राप्त करने के बाद उन्हें जयपुर के वैषाली नगर स्थित वेस्टसाइड मॉल में रोजगार का अवसर मिला। आज टीना अपनी मेहनत और लगन के बल पर न केवल परिवार का आर्थिक सहयोग कर रही हैं, बल्कि अपने परिवार का नाम भी गौरवान्वित कर रही हैं। उनकी सफलता उन युवाओं के लिए प्रेरणा है जो सीमित संसाधनों के बावजूद बड़े सपने देखने का साहस रखते हैं।
- डिल्लू कवर: आमेट निवासी डिल्लू कवर की सफलता की कहानी भी बेहद प्रेरणादायक है। नई जिंदगी फाउंडेशन से GDA नर्सिंग प्रशिक्षण प्राप्त करने के बाद उन्हें श्री रामचंद्र मेमोरियल हॉस्पिटल, आमेट में नर्सिंग क्षेत्र में रोजगार प्राप्त हुआ। वर्तमान में वे लगभग ₹12,000 प्रतिमाह वेतन प्राप्त कर आत्मनिर्भर जीवन जी रही हैं। उनकी मेहनत, समर्पण और साहस ने उन्हें सफलता की ऊंचाइयों तक पहुंचाया है और वे क्षेत्र की अन्य युवतियों के लिए प्रेरणा का स्रोत बनी हुई हैं।
- सोनू डंडोरिया: मुकुंदा गांव की निवासी सोनू डंडोरिया ने विपरीत परिस्थितियों के बीच भी हार नहीं मानी। परिवार की आर्थिक स्थिति कमजोर होने और पिता की खराब तबीयत के कारण जिम्मेदारियां उनके कंधों पर आ गई थीं। ऐसे समय में नई जिंदगी फाउंडेशन से GDA Nursing का प्रशिक्षण प्राप्त कर उन्होंने अपने जीवन को नई दिशा दी। आज वे GBH हॉस्पिटल, उदयपुर में कार्यरत हैं और प्रतिमाह लगभग ₹15,000 की आय अर्जित कर अपने परिवार का सहारा बनी हुई हैं। उनका संघर्ष और सफलता हर बेटी के लिए प्रेरणा का संदेश है।
भविष्य की राह: ‘NJ’ के नए आयाम

फाउंडेशन अब केवल शिक्षा तक सीमित नहीं है। संस्था ने अपनी सेवाओं का विस्तार करते हुए कई नए वर्टिकल्स शुरू किए हैं:
- NJ फाइनेंस: छोटे उद्योगों और जरूरतमंदों के लिए वित्तीय सहायता।
- NJ फैशन: स्थानीय कला और कपड़ों को बढ़ावा देना।
- NJ सेवा केंद्र (E-Mitra): सरकारी योजनाओं को आम जनता तक पहुँचाना।
- NJ स्कूल्स: बुनियादी शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार के लिए नए शैक्षणिक संस्थान।
आत्मनिर्भरता की नई सुबह

नई जिंदगी फाउंडेशन ने यह सिद्ध कर दिया है कि यदि नीयत साफ हो और प्रयास ईमानदार हों, तो संसाधनों की कमी कभी आड़े नहीं आती। राजसमंद से शुरू हुई यह मशाल आज पूरे राजस्थान को रोशन कर रही है। यह संस्था न केवल डिग्रियां बांट रही है, बल्कि युवाओं को उनके ‘हुनर’ पर नाज करना सिखा रही है। आज NJ फाउंडेशन सिर्फ एक नाम नहीं, बल्कि आत्मनिर्भर भारत के सपने को साकार करने वाला एक सशक्त मंच बन गया है।
संपर्क जानकारी:
- मुख्यालय: ऊपर IDBI बैंक, कांकरोली, राजसमंद (राज.)
- ईमेल: njfoundation@gmail.com
- वेबसाइट: [http://www.njfoundation.org/contact.html]
- हेल्पलाइन: +91 8875206617



