
देवगढ़। railway project farmers protest ग्राम भुंडवास में रेलवे परियोजना के तहत चल रहे निर्माण कार्य को लेकर खातेदार किसानों की चिंता बढ़ती जा रही है। किसानों ने आरोप लगाया है कि रेलवे विभाग द्वारा पूर्व में अवाप्त की गई भूमि के अलावा उनकी निजी खातेदारी भूमि में भी बिना पूर्व सूचना, उचित सीमांकन और स्पष्ट प्रक्रिया के जेसीबी मशीनों से खुदाई एवं निर्माण कार्य शुरू किया जा रहा है। मामले को लेकर खातेदारों के एक प्रतिनिधिमंडल ने निर्भयनाथ योगी जोगेला, प्रदेश उपाध्यक्ष राजस्थान नाथ समाज एवं जिलाध्यक्ष गोरक्ष सेना राजसमंद के नेतृत्व में देवगढ़ उपखंड अधिकारी एवं भूमि अवाप्ति अधिकारी को ज्ञापन सौंपा। प्रतिनिधिमंडल ने प्रशासन से मामले में तत्काल हस्तक्षेप कर स्थिति स्पष्ट कराने की मांग की।
खातेदारों द्वारा सौंपे गए ज्ञापन में बताया गया कि ग्राम भुंडवास, पटवार हल्का स्वाड़ड़ी, तहसील देवगढ़ के खाता संख्या 148 एवं 181 में मावली–मारवाड़ रेलवे लाइन के आमान परिवर्तन से संबंधित कार्य के लिए रेलवे विभाग द्वारा पूर्व में निर्धारित भूमि का अधिग्रहण किया गया था। किसानों के अनुसार, पूर्व में किए गए सीमांकन और भूमि अवाप्ति की प्रक्रिया के तहत इसी भूमि पर रेलवे ट्रैक से संबंधित कार्य प्रस्तावित था। खातेदारों का आरोप है कि अब पूर्व में अवाप्त की गई भूमि से अलग उनकी शेष निजी खातेदारी भूमि में भी जेसीबी मशीनों से खुदाई और निर्माण कार्य शुरू कर दिया गया है। इससे किसानों के बीच असमंजस के साथ नाराजगी की स्थिति भी बन गई है। खातेदारों ने प्रशासन को बताया कि निजी खातेदारी भूमि में काम शुरू करने से पहले रेलवे विभाग की ओर से उन्हें कोई स्पष्ट पूर्व सूचना नहीं दी गई। किसानों का कहना है कि निजी भूमि में किसी भी प्रकार का निर्माण कार्य शुरू करने से पहले वास्तविक सीमांकन, संबंधित खातेदारों को सूचना और निर्धारित वैधानिक प्रक्रिया का पालन किया जाना आवश्यक है।
किसानों ने आशंका जताई है कि जेसीबी मशीनों से की जा रही खुदाई के कारण कृषि योग्य भूमि प्रभावित होने के साथ खेतों में खड़ी फसल, पेड़-पौधों और कृषि गतिविधियों को भी नुकसान पहुंच सकता है। ऐसे में उन्होंने प्रशासन से मौके की वास्तविक स्थिति का निरीक्षण करवाने और किसानों के हितों को ध्यान में रखते हुए उचित कार्रवाई की मांग की है।
सीमांकन और जांच के बाद ही हो निर्माण कार्य
Bhundwas Devgarh railway work ज्ञापन के माध्यम से खातेदारों ने रेलवे विभाग द्वारा किए जा रहे कार्य की प्रशासनिक स्तर पर जांच कराने की मांग की है। किसानों ने कहा कि मौके पर राजस्व एवं रेलवे अधिकारियों की मौजूदगी में पूर्व में अवाप्त भूमि और वर्तमान में किए जा रहे कार्य की वास्तविक स्थिति का संयुक्त सीमांकन कराया जाए।
खातेदारों का कहना है कि यदि परियोजना के लिए अतिरिक्त भूमि की आवश्यकता है तो उसके लिए नियमानुसार प्रक्रिया अपनाई जाए और संबंधित भूमि मालिकों को इसकी जानकारी दी जाए। किसानों ने मांग की कि उचित सीमांकन, पूर्व सूचना और वैधानिक प्रक्रिया के बिना निजी खातेदारी भूमि में किसी भी प्रकार की खुदाई या निर्माण कार्य तत्काल रोका जाए।
फसल और भूमि को हुए नुकसान का भी हो आकलन
Rajsamand railway land dispute किसानों ने प्रशासन से यह भी आग्रह किया कि खुदाई या अन्य निर्माण गतिविधियों के कारण यदि किसी खातेदार की फसल, पेड़-पौधों अथवा कृषि भूमि को नुकसान हुआ है या नुकसान की आशंका है, तो उसका मौका निरीक्षण कर उचित मूल्यांकन कराया जाए। किसानों का कहना है कि रेलवे जैसी महत्वपूर्ण परियोजना विकास की दृष्टि से जरूरी है, लेकिन इसका काम निर्धारित नियमों के अनुरूप और किसानों के हितों को ध्यान में रखते हुए होना चाहिए। इससे विकास कार्य के साथ-साथ भूमि मालिकों के अधिकार भी सुरक्षित रहेंगे।

प्रतिनिधिमंडल ने प्रशासन से मांगा हस्तक्षेप
Devgarh railway land acquisition ज्ञापन में पारसनाथ पुत्र हजारीनाथ एवं आनंदनाथ पुत्र गोपीनाथ, निवासी जोगेला सहित संबंधित खातेदारों के हस्ताक्षर बताए गए हैं। प्रतिनिधिमंडल ने प्रशासन से मामले को गंभीरता से लेते हुए रेलवे विभाग के संबंधित अधिकारियों को आवश्यक निर्देश देने और मौके की वास्तविक स्थिति स्पष्ट कराने की मांग की है।
नाथद्वारा–देवगढ़–मदारिया परियोजना से जुड़ा मामला
भुंडवास में सामने आया यह मामला नाथद्वारा–देवगढ़–मदारिया आमान परिवर्तन परियोजना से जुड़ा बताया जा रहा है। राजसमंद जिले में इस परियोजना के लिए भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया पहले से जारी है और रेलवे से संबंधित भूमि अधिग्रहण की अधिसूचनाएं भी जारी हो चुकी हैं।
ऐसे में किसानों की मांग है कि परियोजना के लिए आवश्यक भूमि और पूर्व में अवाप्त भूमि की स्थिति प्रशासन एवं रेलवे विभाग द्वारा स्पष्ट की जाए। किसानों का कहना है कि वे विकास कार्य के विरोध में नहीं हैं, लेकिन उनकी निजी खातेदारी भूमि में काम शुरू करने से पहले पारदर्शी सीमांकन, पूर्व सूचना और निर्धारित कानूनी प्रक्रिया का पालन किया जाना जरूरी है। Nathdwara Devgarh Madariya railway project



