
Rajasthan Cyber Police Station News : राजस्थान में बढ़ते साइबर अपराधों पर लगाम लगाने के लिए मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने बड़ा ऐलान किया है। मुख्यमंत्री ने कहा है कि वर्ष 2030 तक प्रदेश के सभी जिलों में अत्याधुनिक Cyber Police Station स्थापित किए जाएंगे, ताकि ऑनलाइन ठगी, Digital Arrest, फर्जी कॉल, बैंकिंग फ्रॉड और सोशल मीडिया अपराधों पर प्रभावी नियंत्रण किया जा सके।
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने यह घोषणा जयपुर के बिड़ला ऑडिटोरियम में आयोजित लोक अभियोजकों और विशेष लोक अभियोजकों की कार्यशाला को संबोधित करते हुए की। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार प्रदेशवासियों की Cyber Security को लेकर पूरी तरह गंभीर और सजग है तथा नई तकनीकों के जरिए अपराध नियंत्रण प्रणाली को मजबूत किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि आने वाले वर्षों में साइबर अपराध सबसे बड़ी चुनौती बन सकते हैं। ऐसे में राज्य सरकार ने अभी से व्यापक रणनीति तैयार करनी शुरू कर दी है। उन्होंने बताया कि प्रदेश के सभी पुलिस थानों में पहले ही Cyber Help Desk शुरू किए जा चुके हैं और अब अगले चरण में प्रत्येक जिले में अलग Cyber Police Station स्थापित किए जाएंगे। इन स्टेशनों में आधुनिक तकनीक, Digital Monitoring System और AI आधारित विश्लेषण की सुविधाएं उपलब्ध होंगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि आम लोगों को Online Fraud, Fake Loan App, OTP Scam, Digital Arrest और सोशल मीडिया ठगी से बचाने के लिए विशेष अभियान भी लगातार चलाए जा रहे हैं।
AI आधारित Cyber Crime Analysis System होगा तैयार
CM Bhajanlal Sharma Cyber Security Plan : मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि राज्य सरकार जल्द ही Rajasthan Cyber Crime Control Center की स्थापना भी करेगी। यह सेंटर पूरे प्रदेश में होने वाले साइबर अपराधों की निगरानी करेगा और AI Technology के माध्यम से अपराधियों की पहचान और ट्रैकिंग में मदद करेगा। उन्होंने कहा कि डिजिटल अपराधों की जांच के लिए अत्याधुनिक तकनीकों का इस्तेमाल किया जाएगा, ताकि अपराधियों के खिलाफ तेजी से कार्रवाई हो सके। इसके साथ ही Cyber Helpline Call Center भी शुरू किया जाएगा, जहां लोग साइबर ठगी या ऑनलाइन फ्रॉड की शिकायत तुरंत दर्ज करा सकेंगे।

10 हजार Cyber Awareness Programs से 12 लाख लोग हुए जागरूक
Rajasthan Cyber Crime Control Center : मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य सरकार ने अब तक लगभग 10 हजार Cyber Awareness Programs आयोजित किए हैं। इन अभियानों के माध्यम से 12 लाख से अधिक लोगों को साइबर सुरक्षा के प्रति जागरूक किया गया है। उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों से लेकर शहरों तक लोगों को यह समझाना बेहद जरूरी है कि किसी भी अनजान लिंक, OTP, वीडियो कॉल या फर्जी बैंक कॉल पर भरोसा न करें। सरकार स्कूलों, कॉलेजों और सरकारी संस्थानों में भी Cyber Awareness अभियान चला रही है।
नए आपराधिक कानूनों पर दिया जा रहा विशेष प्रशिक्षण
Cyber Police Station in Rajsamand : मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार तीनों नए आपराधिक कानूनों के सफल क्रियान्वयन के लिए प्रतिबद्ध है। पुलिस अधिकारियों, लोक अभियोजकों और जांच एजेंसियों को लगातार प्रशिक्षण दिया जा रहा है ताकि वे नए कानूनों की बेहतर समझ विकसित कर सकें। उन्होंने कहा कि बदलते समय के साथ न्याय व्यवस्था में तकनीक की भूमिका तेजी से बढ़ रही है। ऐसे में Law Enforcement Agencies को आधुनिक और तकनीकी रूप से सक्षम बनाना आवश्यक है।
राजस्थान में खुले नए न्यायालय
Rajasthan AI Based Cyber Security : मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि सरकार न्याय व्यवस्था को मजबूत करने के लिए लगातार नए न्यायालय स्थापित कर रही है। उन्होंने बताया कि फलौदी, डीडवाना-कुचामन, खैरथल-तिजारा, ब्यावर, बाड़मेर, डीग, कोटपूतली-बहरोड़ और सलूंबर में जिला एवं सेशन न्यायालय स्थापित किए गए हैं। इसके अलावा बड़ी सादड़ी और केशोरायपाटन में नियमित अतिरिक्त जिला एवं सेशन न्यायालय भी शुरू किए गए हैं।
POCSO और भ्रष्टाचार मामलों के लिए विशेष अदालतें
मुख्यमंत्री ने बताया कि झुंझुनूं, प्रतापगढ़, टोंक, राजसमंद, चित्तौड़गढ़, बारां और सीकर में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत विशेष न्यायालय खोले गए हैं। वहीं हनुमानगढ़, सवाई माधोपुर, चूरू, बीकानेर और जोधपुर में POCSO Act के तहत विशेष अदालतों की स्थापना की गई है। झुंझुनूं में NI Act के तहत विशेष न्यायिक मजिस्ट्रेट न्यायालय भी शुरू किया गया है।
27 हजार लोगों को मिली मुफ्त विधिक सहायता
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने अब तक 27 हजार से अधिक लोगों को कानूनी सहायता उपलब्ध करवाई है। इसके अलावा Rajasthan Victim Compensation Scheme के तहत लगभग 4 हजार पीड़ितों को 85 करोड़ रुपए की सहायता राशि प्रदान की गई है। उन्होंने बताया कि 1 लाख 20 हजार विधिक साक्षरता शिविरों के माध्यम से करीब 77 लाख लोगों को कानूनी जानकारी और सहायता उपलब्ध कराई गई।
डिजिटल न्याय प्रणाली को किया जा रहा मजबूत
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में Digital Justice System को लगातार मजबूत किया जा रहा है। न्यायालय भवनों में Video Conferencing जैसी आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध करवाई जा रही हैं ताकि न्याय प्रक्रिया को तेज और पारदर्शी बनाया जा सके। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार का लक्ष्य है कि हर नागरिक को सुलभ, पारदर्शी और त्वरित न्याय मिल सके।
दिव्यांगजनों के अधिकारों पर भी सरकार का फोकस
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि दिव्यांगजन समाज की शक्ति हैं और उनके अधिकारों की रक्षा सरकार की प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा लागू दिव्यांगजन अधिकार अधिनियम 2016 के तहत शिक्षा, समानता, गैर-भेदभाव और Barrier Free Environment सुनिश्चित करने के प्रयास किए जा रहे हैं। मुख्यमंत्री ने लोक अभियोजकों से अपील की कि वे दिव्यांगजनों से जुड़े मामलों में अधिक संवेदनशीलता और गंभीरता से कार्य करें।
कानून अब सिर्फ व्यवस्था नहीं, जनकल्याण का आधार
अपने संबोधन के अंत में मुख्यमंत्री ने कहा कि आज के समय में कानून केवल व्यवस्था बनाए रखने का माध्यम नहीं, बल्कि सामाजिक न्याय और जनकल्याण का मजबूत आधार बन चुका है। उन्होंने विश्वास जताया कि इस प्रकार की कार्यशालाओं से लोक अभियोजकों की कार्यक्षमता बढ़ेगी और भविष्य की कानूनी एवं साइबर चुनौतियों से निपटने में मदद मिलेगी।



