Rajsamand CDEO viral video : राजसमंद जिले में एक सरकारी कार्यक्रम के दौरान मुख्य जिला शिक्षा अधिकारी (CDEO) द्वारा दिए गए राजनीतिक बयान ने नया विवाद खड़ा कर दिया है। सरकारी स्कूल की नई बिल्डिंग के लोकार्पण समारोह में मंच से पश्चिम बंगाल चुनाव परिणामों पर टिप्पणी करते हुए अधिकारी ने भाजपा की खुलकर तारीफ कर दी। कार्यक्रम का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होते ही प्रशासन हरकत में आ गया और अब मामले में विभागीय जांच की बात कही जा रही है।
इस पूरे घटनाक्रम के बाद राजसमंद कलेक्टर अरुण कुमार हसीजा ने भी सख्त प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि किसी सरकारी कर्मचारी से यह अपेक्षा नहीं की जाती कि वह किसी राजनीतिक दल के पक्ष में मंच से भाषण दे या प्रचार करे। उन्होंने कहा कि नियमों के तहत मामले की जांच करवाई जा सकती है। दरअसल, गुरुवार को राजसमंद जिले के खमनोर ब्लॉक स्थित पीएम श्री महात्मा गांधी स्कूल, गावगुड़ा में नई स्कूल बिल्डिंग का लोकार्पण कार्यक्रम आयोजित किया गया था। कार्यक्रम में प्रदेश की डिप्टी सीएम दीया कुमारी को भी आमंत्रित किया गया था। उनके पहुंचने से पहले मंच संचालन और संबोधन का दौर चल रहा था। इसी दौरान मुख्य जिला शिक्षा अधिकारी रामेश्वरलाल बाल्दी ने पश्चिम बंगाल चुनाव परिणामों को लेकर बयान देना शुरू कर दिया। उन्होंने मंच से कहा कि बंगाल की जीत पूरे देश के लिए गौरव का विषय है और भाजपा ने वहां बड़ी सफलता हासिल की है। उन्होंने मजाकिया अंदाज में कहा कि अब BJP का मतलब “भारतीय झालमुड़ी पार्टी” हो गया है। इतना ही नहीं, उन्होंने यह भी कहा कि “10 रुपए की झालमुड़ी ने कमाल कर दिया” और “ममता दीदी का राज साफ हो गया।” उन्होंने भाजपा को सनातन संस्कृति और धर्म को आगे बढ़ाने वाली पार्टी भी बताया।
वीडियो वायरल होते ही बढ़ी मुश्किलें
Rajsamand education officer controversy : कार्यक्रम में मौजूद कुछ लोगों ने पूरे भाषण का वीडियो रिकॉर्ड कर लिया। देखते ही देखते यह वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। वीडियो सामने आने के बाद शिक्षा विभाग और जिला प्रशासन पर सवाल उठने लगे कि आखिर एक सरकारी अधिकारी मंच से किसी राजनीतिक दल की खुलकर प्रशंसा कैसे कर सकता है। लोगों ने सोशल मीडिया पर इस मुद्दे को लेकर तीखी प्रतिक्रियाएं दीं। कई लोगों ने इसे सरकारी सेवा नियमों का उल्लंघन बताया तो कुछ ने इसे आचार संहिता और प्रशासनिक मर्यादा के खिलाफ माना।

कलेक्टर ने दिया बड़ा बयान
Rajsamand viral video news : मामले ने तूल पकड़ा तो राजसमंद कलेक्टर अरुण कुमार हसीजा का बयान भी सामने आया। कलेक्टर ने कहा— “सरकारी कर्मचारियों से यह अपेक्षा नहीं की जाती कि वे किसी भी राजनीतिक दल के पक्ष में भाषण दें या प्रचार करें। यदि ऐसा पाया जाता है तो विभागीय जांच की जा सकती है।” कलेक्टर के इस बयान के बाद अब संभावना जताई जा रही है कि शिक्षा अधिकारी के खिलाफ विभागीय स्तर पर कार्रवाई हो सकती है।
शिक्षा अधिकारी ने दी सफाई
Rajasthan political controversy : विवाद बढ़ने के बाद मुख्य जिला शिक्षा अधिकारी रामेश्वरलाल बाल्दी ने भी अपनी सफाई दी। उन्होंने कहा कि उनकी मंशा किसी राजनीतिक पार्टी का प्रचार करने की नहीं थी। उन्होंने कहा— “मैंने किसी पार्टी को वोट देने की अपील नहीं की। मैंने सिर्फ वही बातें कही जो हाल के दिनों में टीवी, अखबार और सोशल मीडिया पर चर्चा में थीं। माहौल के हिसाब से बोल दिया, मेरी किसी राजनीतिक दल से कोई संबद्धता नहीं है।” उन्होंने यह भी कहा कि उन्होंने किसी पार्टी के खिलाफ कोई नकारात्मक टिप्पणी नहीं की और न ही किसी को प्रभावित करने का प्रयास किया।
सरकारी सेवा नियम क्या कहते हैं?
Viral BJP speech by officer : विशेषज्ञों के अनुसार, सरकारी सेवा में कार्यरत अधिकारियों और कर्मचारियों को राजनीतिक गतिविधियों से दूरी बनाए रखने के निर्देश होते हैं। सरकारी कर्मचारी खुलकर किसी दल के समर्थन या विरोध में सार्वजनिक मंच से बयान नहीं दे सकते। राजस्थान सहित देशभर में लागू सिविल सेवा आचरण नियमों के तहत सरकारी अधिकारी को राजनीतिक निष्पक्षता बनाए रखना अनिवार्य माना जाता है। यदि कोई अधिकारी सार्वजनिक रूप से किसी पार्टी के पक्ष में प्रचार करता दिखाई देता है तो उसके खिलाफ विभागीय जांच और अनुशासनात्मक कार्रवाई संभव है।
सोशल मीडिया पर जमकर हो रही चर्चा
वीडियो वायरल होने के बाद सोशल मीडिया पर यह मुद्दा ट्रेंड करने लगा। कई यूजर्स ने सवाल उठाया कि क्या सरकारी अधिकारी राजनीतिक तटस्थता भूलते जा रहे हैं? वहीं कुछ लोगों ने अधिकारी के बयान का समर्थन भी किया। हालांकि प्रशासनिक हलकों में इस मामले को गंभीरता से देखा जा रहा है।



