
राजसमंद : Kumbhalgarh Tiger Reserve News राजस्थान के वन्यजीव संरक्षण के क्षेत्र में एक बड़ा फैसला हुआ है। कुंभलगढ़ वाइल्डलाइफ सैंक्चुरी को राज्य का छठा और देश का 59वां टाइगर रिजर्व बनाने के प्रस्ताव को नेशनल टाइगर कंजर्वेशन अथॉरिटी की टेक्निकल कमेटी की बैठक में मंजूरी दे दी गई है। इस अभयारण्य को एनटीसीए से पहले ही सैद्धांतिक मंजूरी मिल चुकी थी और अब अगले 8-10 दिनों में इसका गजट नोटिफिकेशन जारी कर दिया जाएगा।
इस नए दर्जे से अरावली क्षेत्र में इकोलॉजिकल सुरक्षा मजबूत होगी, बायोडायवर्सिटी का संरक्षण होगा और इको-टूरिज्म के नए रास्ते खुलेंगे। यह नया टाइगर रिजर्व राजसमंद, उदयपुर और पाली जिलों के अरावली रेंज की पहाड़ियों में फैला हुआ है। आधिकारिक घोषणा के बाद कुंभलगढ़ का महत्व एक बड़े वन्यजीव पर्यटन स्थल के रूप में बढ़ेगा और स्थानीय प्रजातियों को बेहतर सुरक्षा मिल सकेगी। राजसमंद, उदयपुर और पाली जिलों की मौसमी झरनों के बीच स्थित यह अभयारण्य ऊबड़-खाबड़ पहाड़ियों, गहरी घाटियों और अपने विशाल शुष्क पर्णपाती वनों के लिए जाना जाता है। यहां मुख्य रूप से धोक जाते हैं। वर्तमान में इस अभयारण्य में बाघ सालर, खैर, महुआ और बेर जैसे वृक्ष पाए मौजूद नहीं हैं, लेकिन तेंदुआ यहां का प्रमुख स्लॉथ बियर, धारीदार लकड़बग्घा, सियार शिकारी है। इसके अलावा भारतीय भेड़िया, जंगली बिल्ली, नीलगाय, सांभर, चिंकारा, जंगली सूअर और दुर्लभ चौसिंगा (चार सींग वाला मृग ) भी यहां पाए जाते हैं।
30 साल के संघर्ष बाद मिली सफलता
Aravalli Tiger Corridor Restoration : कुंभलगढ़ को टाइगर रिजर्व का दर्जा दिलाने के प्रयास पिछले 30 वर्षों से जारी थे, जिन्हें वर्ष 2015 में गति मिली। अभयारण्य को नया दर्जा मिलने से मेवाड़ और मारवाड़ के जंगलों में बाघों की वापसी का मार्ग प्रशस्त होगा। देश के सबसे पश्चिमी छोर पर स्थित होने के कारण यह भारत का एक अनूठा टाइगर रिजर्व होगा। इस निर्णय से जंगलों के पुराने और नष्ट हो चुके टाइगर कॉरिडोर के पुनर्स्थापन में मदद मिलेगी। प्रस्तावित टाइगर रिजर्व बनने Aravalli Tiger Corridor Restoration के बाद आवास प्रबंधन और वन्यजीव निगरानी को मजबूती मिलेगी तथा अरावली क्षेत्र में पारिस्थितिक जुड़ाव को बढ़ावा मिलेगा। Latest Rajasthan Wildlife News

राजस्थान में अभी पांच अधिसूचित टाइगर रिजर्व
Tiger Reserve in Aravalli Hills : रणथंभौर टाइगर रिजर्व, सरिस्का टाइगर रिजर्व, मुकुंदरा हिल्स टाइगर रिजर्व, रामगढ़ विषधारी टाइगर रिजर्व और धौलपुर- करौली टाइगर रिजर्व कुंभलगढ़ के शामिल होने के बाद इनकी संख्या बढ़कर छह हो जाएगी। अभयारण्य क्षेत्र में यूनेस्को की विश्व धरोहर सूची में शामिल कुंभलगढ़ किला भी स्थित है। यह किला अपनी 36 किलोमीटर लंबी सुरक्षा दीवार और राजपूत स्थापत्य कला के लिए विश्वभर के पर्यटकों के बीच प्रसिद्ध है।
इनका क्या कहना है
Kumbhalgarh Eco Tourism News : कुंभलगढ़ टाइगर रिजर्व के लिए 30 साल से चल रही लड़ाई ने वर्ष 2015 में गति पकड़ी और अब 2026 में यह सपना साकार हो रहा है। मेवाड़ और मारवाड़ के जंगलों में बाघों की वापसी के लिए काफी मेहनत और संघर्ष करना पड़ा है। यह भारत का है। एक अनूठा टाइगर रिजर्व होगा, क्योंकि देश के सबसे पश्चिमी छोर पर अभी कोई टाइगर रिजर्व नहीं है। इससे जंगलों के पुराने और क्षतिग्रस्त टाइगर कॉरिडोर फिर से बहाल होंगे और बाघों को उनका खोया हुआ साम्राज्य वापस मिल सकेगा।
-सी. आर. यादव, सीसीएफ, उदयपुर



