
Rajsamand tanker accident today : राजसमंद जिले में एक बड़ा व भीषण सड़क हादसा हुआ, जिससे 10- 15 किमी. दूर तक एक बारगी दहशत का माहौल बन गया। दरअसल केमिकल से भरा टैंकर दिवेर थाना क्षेत्र के छापली घाटे में बीच हाइवे पर पलट गया। पलटते ही लगी भीषण आग में चालक जिंदा जल गया। हादसे के बाद भभकी आग का आसमान उठा धुआं 10 से 15 किमी. दूर तक दिखाई दे रहा था। हादसे के बाद करीब 2 घंटे तक हाइवे पूर्ण रूप से बाधित रहा। बाद में दिवेर व देवगढ़ थाने का पुलिस जाब्ता पहुंचा और आग नियंत्रित होने के बाद फोरलेन पर एकतरफा यातायात व्यवस्था बहाल की गई। भीम डीएसपी राकेश वर्मा भी मौके पर पहुंच गए।
दिवेर थाना प्रभारी दलपतसिंह ने बताया कि उदयपुर से अजमेर की तरफ जा रहा केमिकल से भरा टैंकर छापली घाटा उतरते वक्त बेकाबू हो गया। फिर बीच हाइवे पर पलट गया और पलटते ही उसमें आग लग गई। केमिकल हाइवे व उसके किनारे नाले बह गया, जिससे आग काफी तेज भभका। इस कारण पूरा टैंकर आग की लपटो व धुएं से गिर गया। सूचना पर सबसे पहले दिवेर थाने से पुलिस जाब्ता मौके पर पहुंचा और दोनों तरफ यातायात व्यवस्था को रोका गया। फिर राजसमंद, आमेट व देवगढ़ नगर निकाय से दमकलें भी मंगवाई गई। करीब एक घंटे बाद दमकलों ने पहुंचकर आग को काबू करने के प्रयास किए, तब तक फोरलेन के दोनों तरफ वाहनों को रोक दिया गया। हादसे की गंभीरता को देखते हुए भीम से पुलिस उप अधीक्षक राकेश वर्मा भी मौके पर पहुंच गए। इधर पुलिस की प्रारंभिक जांच में पता चला कि अकेला ड्राइवर केमिकल से भरा टैंकर लेकर अजमेर की तरफ जा रहा था, जो जिंदा जल गया। प्रथम दृष्टया चालक की पहचान उदयपुर निवासी सोहनलाल डांगी के रूप में बताई जा रही है। पुलिस ने टैंकर नम्बर के आधार पर उसके मालिक का पता किया है।
बाइक से बस- ट्रकों की लगी कतारें

Chemical tanker fire Rajasthan highway : छापली घाटे में टैंकर में आग लगने के बाद हाइवे के दोनों तरफ बाइक से लेकर कार, जीप, ट्रेक्टर, बस व ट्रकों की लंबी कतार लग गई। बाद में एक तरफा यातायात करने के बाद भी पुलिस को जाम खोलने में काफी मशक्कत करनी पड़ी। क्योंकि दो घंटे तक हाइवे जाम रहा और वैकल्पिक रास्ते भी नहीं है। इस कारण आग बुझने के बाद वाहन चालक अपने गंतव्य के लिए रवाना हो सके, तब तक बसों में बैठे यात्री हो या अन्य वाहन चालक, सभी काफी परेशान हुए। Road accident Rajasthan

फोरलेन के बाद भी हादसा, उठे सवाल
Rajsamand road accident : गोमती से ब्यावर तक नवनिर्मित फोरलेन पर छापली घाटे को काटा गया और दुर्घटना के डेंजर जोन को खत्म करना था, लेकिन इस हादसे के बाद फिर छापली घाटे की सड़क को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं। छापली घाटे में ही सबसे ज्यादा हादसे होते हैं और अब फोरलेन बनने के बाद भी दुर्घटनाएं नहीं रूक रही है, तो फोरलेन निर्माण की तकनीक पर बड़े सवाल हैं।
आग बुझी, फिर भी तपिश कम नहीं

Tanker explosion fire : छापली घाटे में केमिकल से भरा टैंकर आग से पुरी तरह जल गया। उसमें चालक का शरीर भी राख में तब्दील हो गया। दो से तीन घंटे बाद आग पुरी तरह बुझ गई। फिर भी दुर्घटना स्थल की तपिश इतनी थी कि लोगों को जले टैंकर के पास जाना भी मुश्किल हो रहा था।



