Skip to content
May 21, 2026
  • Facebook
  • Twitter
  • Threads
  • Linkedin
  • Youtube
  • Instagram
jaivardhannews.com

jaivardhannews.com

Jaivardhan news

Nai Jindagi education Foundation

Connect with Us

  • Facebook
  • Twitter
  • Threads
  • Linkedin
  • Youtube
  • Instagram
Primary Menu
  • Home
  • तकनीकी
    • ऑटो
    • मोबाइल
  • क्राइम/हादसे
    • अजब गजब
  • फाइनेंस
    • बैंक
    • कमाई टिप्स
    • सोना चांदी भाव
  • मौसम
    • स्वास्थ्य
  • बायोग्राफी
  • सरकारी योजना
    • शिक्षा
    • खेल
    • भर्ती
  • विविध
    • देश-दुनिया
    • इतिहास / साहित्य
    • Jaivardhan TV
  • राशिफल
    • धार्मिक
    • दिन विशेष
  • वेब स्टोरी
  • Privacy Policy
  • इतिहास / साहित्य
  • दिन विशेष

Raksha Bandhan Shubh Muhurat : इस बार भद्रा नहीं, राखी बांधने के लिए दिनभर शुभ मुहूर्त

Laxman Singh Rathor August 9, 2025 1 minute read

Raksha Bandhan Shubh Muhurat : रक्षाबंधन, भाई-बहन के अटूट प्रेम और विश्वास का पवित्र पर्व, इस बार 9 अगस्त 2025, शनिवार को पूरे उत्साह के साथ मनाया जाएगा। सावन मास की पूर्णिमा को मनाए जाने वाले इस त्योहार में बहनें अपने भाइयों की कलाई पर रक्षा सूत्र बांधकर उनकी लंबी उम्र, सुख-समृद्धि और स्वास्थ्य की कामना करती हैं। इस बार विशेष बात यह है कि रक्षाबंधन पर भद्रा का प्रभाव नहीं होगा, जिसके चलते पूरे दिन शुभ मुहूर्त रहेगा। आइए, इस पर्व की महत्ता और इसकी शुरुआत की कहानी को विस्तार से जानते हैं।

Rakhi Muhurat 2025 : राजसमंद के प्रसिद्ध ज्योतिषी पंडित जितेंद्र शर्मा कसार के अनुसार, इस बार रक्षाबंधन पर भद्रा का साया नहीं रहेगा। भद्रा, जो सामान्यतः कुछ समय के लिए शुभ कार्यों में बाधा उत्पन्न करती है, इस बार रात्रिकाल में ही समाप्त हो जाएगी। इसका अर्थ है कि 9 अगस्त को सूर्योदय से सूर्यास्त तक किसी भी समय बहनें अपने भाइयों को रक्षा सूत्र बांध सकती हैं। यह दुर्लभ अवसर इस पर्व को और भी विशेष बनाता है, क्योंकि पूरे दिन शुभ मुहूर्त उपलब्ध रहेगा।

Bhadra Time Raksha Bandhan : रक्षाबंधन के दिन बहनें अपने भाइयों के माथे पर कुमकुम और अक्षत का तिलक लगाती हैं, मिठाई खिलाकर उनका मुंह मीठा करती हैं और फिर रक्षा सूत्र बांधती हैं। इस दौरान बहनें भाइयों के लिए दीर्घायु, समृद्धि और निरोगी जीवन की प्रार्थना करती हैं। वहीं, भाई अपनी बहनों की रक्षा और उनके सम्मान का संकल्प लेते हैं। यह परंपरा भाई-बहन के रिश्ते को और मजबूत करती है, जो प्रेम, विश्वास और समर्पण का प्रतीक है।

रक्षाबंधन का धार्मिक और सांस्कृतिक महत्व

Rakhi Celebration 2025 : सनातन धर्म में रक्षाबंधन 2025 का विशेष स्थान है। स्कंद पुराण और अन्य धार्मिक ग्रंथों में इस पर्व का उल्लेख मिलता है, जो इसे एक पौराणिक और आध्यात्मिक महत्व प्रदान करता है। यह पर्व न केवल भाई-बहन के रिश्ते को सेलिब्रेट करता है, बल्कि समाज में रक्षा और सम्मान की भावना को भी बढ़ावा देता है। सावन पूर्णिमा के दिन रक्षा सूत्र बांधने की परंपरा प्राचीन काल से चली आ रही है और इसे धार्मिक ग्रंथों में विशेष रूप से उल्लेखित किया गया है।

रक्षाबंधन की पौराणिक शुरुआत

Raksha Bandhan Story : पंडित जितेंद्र शर्मा के अनुसार, रक्षाबंधन की शुरुआत से जुड़ी कई पौराणिक कथाएं हैं। स्कंद पुराण में उल्लेख है कि देवासुर संग्राम के दौरान देवताओं के गुरु बृहस्पति ने इंद्र की रक्षा के लिए सावन पूर्णिमा के दिन उनकी कलाई पर रक्षा सूत्र बांधा था। यह रक्षा सूत्र इंद्र की विजय और सुरक्षा का प्रतीक बना।

एक अन्य पौराणिक कथा के अनुसार, मां लक्ष्मी ने राजा बलि की भक्ति से प्रसन्न होकर उनकी कलाई पर रक्षा सूत्र बांधा था। इस कथा में यह भी उल्लेख है कि मां लक्ष्मी ने भगवान विष्णु को राजा बलि के बंधन से मुक्त कराने के लिए यह रक्षा सूत्र बांधा था। इन कथाओं से यह स्पष्ट होता है कि रक्षाबंधन केवल भाई-बहन तक सीमित नहीं है, बल्कि यह रक्षा और विश्वास का एक व्यापक प्रतीक है।

रक्षाबंधन कैसे मनाएं?

Raksha Bandhan Timing : पंडित जितेंद्र शर्मा के अनुसार, रक्षाबंधन का पर्व 9 अगस्त को सूर्योदय के बाद से सूर्यास्त तक किसी भी समय मनाया जा सकता है। इस दिन बहनें अपने भाइयों को तिलक लगाकर, राखी बांधकर और मिठाई खिलाकर यह पर्व मनाती हैं। भाई अपनी बहनों को उपहार देकर और उनकी रक्षा का वचन देकर इस रिश्ते को और मजबूत करते हैं। इस बार भद्रा का प्रभाव न होने के कारण यह पर्व और भी विशेष और सुगम होगा।

रक्षाबंधन का सामाजिक संदेश

रक्षाबंधन केवल एक धार्मिक पर्व ही नहीं, बल्कि सामाजिक एकता और विश्वास का भी प्रतीक है। यह पर्व हमें आपसी प्रेम, सम्मान और रक्षा की भावना को अपनाने के लिए प्रेरित करता है। यह भाई-बहन के रिश्ते को न केवल मजबूत करता है, बल्कि समाज में भी प्रेम और विश्वास का संदेश फैलाता है।

रक्षाबंधन से जुड़ी पुरानी कहानियां

Raksha Bandhan History : रक्षाबंधन, भाई-बहन के प्रेम और विश्वास का पवित्र पर्व, न केवल सनातन धर्म में विशेष महत्व रखता है, बल्कि इसकी पौराणिक कथाएं भी इसे और अधिक गहन बनाती हैं। इस पर्व की शुरुआत से जुड़ी कई कथाएं धार्मिक ग्रंथों जैसे स्कंद पुराण, भागवत पुराण और महाभारत में उल्लेखित हैं। नीचे रक्षाबंधन से जुड़ी प्रमुख पौराणिक कथाएं दी गई हैं, जो इस पर्व की उत्पत्ति और महत्व को दर्शाती हैं।

Raksha Bandhan Mythology : इन पौराणिक कथाओं से स्पष्ट है कि रक्षाबंधन केवल भाई-बहन का पर्व नहीं, बल्कि रक्षा, विश्वास और प्रेम का प्रतीक है। यह पर्व सनातन धर्म में एक गहरा आध्यात्मिक और सांस्कृतिक महत्व रखता है। सावन पूर्णिमा के दिन रक्षा सूत्र बांधने की परंपरा इन कथाओं से प्रेरित है, जो न केवल परिवार बल्कि समाज में भी प्रेम और एकता का संदेश देती है।

1. इंद्र और इंद्राणी की कथा (स्कंद पुराण)

स्कंद पुराण के अनुसार, रक्षाबंधन की शुरुआत देवासुर संग्राम से जुड़ी है। प्राचीन काल में देवताओं और असुरों के बीच भयंकर युद्ध चल रहा था। असुरों की शक्ति के सामने देवता कमजोर पड़ रहे थे, और देवराज इंद्र की स्थिति भी डगमगा रही थी। यह देखकर इंद्र की पत्नी इंद्राणी (शची) चिंतित हो गईं। उन्होंने अपने पति की रक्षा के लिए एक विशेष रक्षा सूत्र तैयार किया। सावन मास की पूर्णिमा के दिन इंद्राणी ने यह रक्षा सूत्र इंद्र की कलाई पर बांधा और उनकी विजय व सुरक्षा की प्रार्थना की। इस रक्षा सूत्र के प्रभाव से इंद्र की शक्ति बढ़ी, और वे असुरों पर विजय प्राप्त करने में सफल हुए। इस घटना को रक्षाबंधन की शुरुआत के रूप में माना जाता है, जहां रक्षा सूत्र बांधने की परंपरा शुरू हुई। कुछ कथाओं में यह भी उल्लेख है कि यह सूत्र देवताओं के गुरु बृहस्पति ने बांधा था।

2. मां लक्ष्मी और राजा बलि की कथा (भागवत पुराण)

रक्षाबंधन से जुड़ी एक अन्य प्रसिद्ध कथा भगवान विष्णु, मां लक्ष्मी और राजा बलि से संबंधित है। भागवत पुराण के अनुसार, जब भगवान विष्णु ने वामन अवतार में राजा बलि से तीन पग भूमि मांगी थी, तब राजा बलि ने अपनी भक्ति और उदारता से भगवान को प्रसन्न कर लिया। बलि ने अपने सर्वस्व का दान कर दिया, और भगवान विष्णु उनके भक्त बनकर उनके द्वारपाल बन गए। यह देखकर मां लक्ष्मी चिंतित हो गईं, क्योंकि वे चाहती थीं कि भगवान विष्णु वैकुंठ लौट आएं।

मां लक्ष्मी ने एक उपाय सोचा। वे एक साधारण स्त्री का रूप धारण कर राजा बलि के पास गईं और सावन पूर्णिमा के दिन उनसे भाई-बहन का रिश्ता जोड़ा। उन्होंने राजा बलि की कलाई पर रक्षा सूत्र बांधा और उनकी लंबी उम्र व समृद्धि की कामना की। बदले में, बलि ने मां लक्ष्मी से वरदान मांगने को कहा। मां लक्ष्मी ने कहा कि वे भगवान विष्णु को अपने साथ वैकुंठ ले जाना चाहती हैं। बलि ने अपनी भक्ति और वचन का सम्मान करते हुए भगवान विष्णु को मुक्त कर दिया। इस घटना से रक्षाबंधन का पर्व भाई-बहन के रिश्ते के साथ-साथ रक्षा के संकल्प का प्रतीक बना।

3. द्रौपदी और भगवान श्रीकृष्ण की कथा (महाभारत)

महाभारत में रक्षाबंधन से जुड़ी एक और मार्मिक कथा भगवान श्रीकृष्ण और द्रौपदी की है। एक बार जब श्रीकृष्ण ने सुदर्शन चक्र से शिशुपाल का वध किया, तब उनकी तर्जनी उंगली में चोट लग गई और खून बहने लगा। यह देखकर द्रौपदी ने तुरंत अपनी साड़ी का एक टुकड़ा फाड़कर श्रीकृष्ण की उंगली पर बांध दिया। यह उनके प्रेम और सम्मान का प्रतीक था। श्रीकृष्ण इस उपकार से भावुक हो गए और उन्होंने द्रौपदी को वचन दिया कि वे उनकी रक्षा करेंगे।

बाद में, जब कौरवों ने द्रौपदी का चीरहरण करने का प्रयास किया, तब श्रीकृष्ण ने द्रौपदी की लाज बचाई। यह कथा रक्षाबंधन के उस भाव को दर्शाती है, जहां रक्षा सूत्र बांधने के बदले में रक्षा का वचन दिया जाता है। इस घटना ने रक्षाबंधन को भाई-बहन के रिश्ते के साथ-साथ रक्षा और विश्वास के बंधन के रूप में स्थापित किया।

4. यम और यमुना की कथा

एक अन्य पौराणिक कथा के अनुसार, यमराज (मृत्यु के देवता) और उनकी बहन यमुना केCHF1C0A0-0F25-4D4F-8E0B-4C9CDE1D8A37ना का विशेष संबंध था। यमुना हर सावन पूर्णिमा को अपने भाई यमराज को रक्षा सूत्र बांधती थीं और उनकी लंबी उम्र की कामना करती थीं। यमराज ने इसके बदले यमुना को अमरत्व का वरदान दिया। यह कथा रक्षाबंधन के प्रेम और दीर्घायु की प्रार्थना के महत्व को दर्शाती है।

aadhaar card personal loan : 50000 रुपए तक पर्सनल लोन तुरंत | Can I get a loan on Aadhaar Card?
PhonePe Personal Loan : फोन पे से 50000 रुपए का पर्सनल लोन | आसान आवेदन | Online loan apply

About the Author

Laxman Singh Rathor

Administrator

Laxman Singh Rathor को पत्रकारिता के क्षेत्र में दो दशक का लंबा अनुभव है। 2005 में Dainik Bhakar से कॅरियर की शुरुआत कर बतौर Sub Editor कार्य किया। वर्ष 2012 से 2019 तक Rajasthan Patrika में Sub Editor, Crime Reporter और Patrika TV में Reporter के रूप में कार्य किया। डिजिटल मीडिया www.patrika.com पर भी 2 वर्ष कार्य किया। वर्ष 2020 से 2 वर्ष Zee News में राजसमंद जिला संवाददाता रहा। आज ETV Bharat और Jaivardhan News वेब पोर्टल में अपने अनुभव और ज्ञान से आमजन के दिल में बसे हैं। लक्ष्मण सिंह राठौड़ सिर्फ एक नाम नहीं, बल्कि खबरों की दुनिया में एक ब्रांड हैं। उनकी गहरी समझ, तथ्यात्मक रिपोर्टिंग, पाठक व दर्शकों से जुड़ने की क्षमता ने उन्हें पत्रकारिता का चमकदार सितारा बना दिया है। jaivardhanpatrika@gmail.com

Visit Website View All Posts
Visitor Views : 122

Post navigation

Previous: BOB Pan Card Loan : बैंक ऑफ बड़ौदा से बिना CIBIL स्कोर सिर्फ पैन कार्ड पर पर्सनल लोन लेने की प्रक्रिया
Next: Rain Alert : राजस्थान में मानसून की सक्रियता: चार जिलों में बारिश का येलो अलर्ट Weather Update

Related Stories

Mehrangarh Fort History In Hindi
  • इतिहास / साहित्य

Mehrangarh Fort History In Hindi : 500 साल पुराने इस किले की रक्षा करती हैं चीलें! जानिए मेहरानगढ़ का रहस्य

Parmeshwar Singh Chundwat May 20, 2026
History of Shrinathji Temple Nathdwara
  • धार्मिक
  • इतिहास / साहित्य

History of Shrinathji Temple Nathdwara : आखिर क्यों औरंगजेब भी नहीं तोड़ पाया श्रीनाथजी की मूर्ति? जानिए रहस्य

Parmeshwar Singh Chundwat May 16, 2026
prithviraj chauhan history
  • इतिहास / साहित्य
  • दिन विशेष

prithviraj chauhan history : आखिरी हिंदू सम्राट की वीर गाथा, जिसने विदेशी आक्रमणकारियों को हिला दिया

Parmeshwar Singh Chundwat May 16, 2026
  • Poltical
  • Web Stories
  • अजब गजब
  • इतिहास / साहित्य
  • ऑटो
  • कमाई टिप्स
  • क्राइम/हादसे
  • खेल
  • तकनीकी
  • दिन विशेष
  • देश-दुनिया
  • धार्मिक
  • फाइनेंस
  • बायोग्राफी
  • बैंक
  • बॉलीवुड
  • भर्ती
  • मोबाइल
  • मौसम
  • राशिफल
  • विविध
  • शिक्षा
  • समाचार
  • सरकारी योजना
  • सोना चांदी भाव
  • स्वास्थ्य

Jaivardhan TV

YouTube Video UCkaBxhzSvuqEmluN5aAXxtA_bhEPbA7qdBU #jaivardhannews
#rajsamand🚀 कंप्यूटर और फाइनेंस में बनाएं शानदार करियर!अब सिर्फ एक कोर्स से सीखें Computer Skills + Finance Skills और पाएं multiple सरकारी मान्यता प्राप्त certificates।✅ RS-CFA & RSCIT Certification Program
⏳ 4 महीने का कोर्स
💻 100% Practical Training
💼 Job Support Available
🎁 ₹18,000 तक Free Benefits📍 नई जिंदगी इंस्टीट्यूट ऑफ इन्फॉर्मेशन टेक्नोलॉजी, कांकरोली (राजसमंद)📍 पता: जलचक्की चौराहा के पास, IDBI बैंक के ऊपर फर्स्ट फ्लोर, कांकरोली, राजसमंद⚡ Limited Seats Available – Admission Open Now!
📞 Call Now: 7073056617 | 7220038294सीखें Smart • आगे बढ़ें Smart • कमाएं Smart ✨#RSCIT #RSCourse #ComputerCourse #FinanceCourse #RSCFA #RKCL #naijindagifoundationOwner : Laxman Singh Rathor, Senior JournalistFacebook Page : Jaivardhannews9
Facebook Page : Liverajsamand
Website: https://jaivardhannews.com
X : jaivardhannews
Instagram : jaivardhannews
Theards : jaivardhannews
Business Inquiry Email : businessjaivardhannews@gmail.com
Mobile : 9672980901
जयवर्द्धन E Paper (PDF) के लिए वेबसाइट विजिट jaivardhannews.comकिसी भी वीडियो से किसी व्यक्ति को आघात पहुंचाना ध्येय नहीं है। फिर भी कोई ऐसी तथ्यात्मक त्रुटि या गलती लगे, तो तत्काल ई मेल व कॉल करें। उचित सुधार व समाधान के प्रयास किए जाएंगे।
#jaivardhannews
#rajsamand🚀 कंप्यूटर और फाइनेंस में बनाएं शानदार करियर!अब सिर्फ एक कोर्स से सीखें Computer Skills + Finance Skills और पाएं multiple सरकारी मान्यता प्राप्त certificates।✅ RS-CFA & RSCIT Certification Program
⏳ 4 महीने का कोर्स
💻 100% Practical Training
💼 Job Support Available
🎁 ₹18,000 तक Free Benefits📍 नई जिंदगी इंस्टीट्यूट ऑफ इन्फॉर्मेशन टेक्नोलॉजी, कांकरोली (राजसमंद)📍 पता: जलचक्की चौराहा के पास, IDBI बैंक के ऊपर फर्स्ट फ्लोर, कांकरोली, राजसमंद⚡ Limited Seats Available – Admission Open Now!
📞 Call Now: 7073056617 | 7220038294सीखें Smart • आगे बढ़ें Smart • कमाएं Smart ✨#RSCIT #RSCourse #ComputerCourse #FinanceCourse #RSCFA #RKCL #naijindagifoundationOwner : Laxman Singh Rathor, Senior JournalistFacebook Page : Jaivardhannews9
Facebook Page : Liverajsamand
Website: https://jaivardhannews.com
X : jaivardhannews
Instagram : jaivardhannews
Theards : jaivardhannews
Business Inquiry Email : businessjaivardhannews@gmail.com
Mobile : 9672980901
जयवर्द्धन E Paper (PDF) के लिए वेबसाइट विजिट jaivardhannews.comकिसी भी वीडियो से किसी व्यक्ति को आघात पहुंचाना ध्येय नहीं है। फिर भी कोई ऐसी तथ्यात्मक त्रुटि या गलती लगे, तो तत्काल ई मेल व कॉल करें। उचित सुधार व समाधान के प्रयास किए जाएंगे।
कंप्यूटर और फाइनेंस में बनाएं शानदार करियर!
भीलवाड़ा में चला ऑपरेशन मजनू,18 मनचले गिरफ्तार #jaivardhannews #bhilwaranews #latestnews'महिला सुरक्षा संकल्प अभियान' के तहत भीलवाड़ा एसपी धर्मेंद्र सिंह ने शहर में 'ऑपरेशन मजनू' की शुरुआत की। दिन में भीड़ भरे चौराहों, पार्कों, बस स्टैंड के साथ ही आधी रात में सुनसान जगहों पर प्रशिक्षु आरपीएस के साथ 18 महिला पुलिसकर्मी रात 9 से तड़के 3 बजे तक शहर के अलग अलग एरिया में सड़कों पर घूमी।Owner : Laxman Singh Rathor, Senior JournalistFacebook Page : Jaivardhannews9
Facebook Page : Liverajsamand
Website: https://jaivardhannews.com
X : jaivardhannews
Instagram : jaivardhannews
Theards : jaivardhannews
Business Inquiry Email : businessjaivardhannews@gmail.com
Mobile : 9672980901
जयवर्द्धन E Paper (PDF) के लिए वेबसाइट विजिट jaivardhannews.comकिसी भी वीडियो से किसी व्यक्ति को आघात पहुंचाना ध्येय नहीं है। फिर भी कोई ऐसी तथ्यात्मक त्रुटि या गलती लगे, तो तत्काल ई मेल व कॉल करें। उचित सुधार व समाधान के प्रयास किए जाएंगे।
भीलवाड़ा में चला ऑपरेशन मजनू,18 मनचले गिरफ्तार #jaivardhannews #bhilwaranews #latestnews
16 घंटे तक मारपीट के आरोप, गर्भवती महिला और शिशु की मौत #bhilwada #breakingnews #latestnews
भीलवाड़ा में पति ने 5 महीने की गर्भवती पत्नी की बेरहमी से पीटकर हत्या कर दी थी। रोलीदेवी (41) का पोस्टमॉर्टम करने वाले मेडिकल बोर्ड में शामिल डॉ. चेतन कुमार ने इसे बेहद निर्मम हत्या का केस बताया है।Owner : Laxman Singh Rathor, Senior JournalistFacebook Page : Jaivardhannews9
Facebook Page : Liverajsamand
Website: https://jaivardhannews.com
X : jaivardhannews
Instagram : jaivardhannews
Theards : jaivardhannews
Business Inquiry Email : businessjaivardhannews@gmail.com
Mobile : 9672980901
जयवर्द्धन E Paper (PDF) के लिए वेबसाइट विजिट jaivardhannews.comकिसी भी वीडियो से किसी व्यक्ति को आघात पहुंचाना ध्येय नहीं है। फिर भी कोई ऐसी तथ्यात्मक त्रुटि या गलती लगे, तो तत्काल ई मेल व कॉल करें। उचित सुधार व समाधान के प्रयास किए जाएंगे।
16 घंटे तक मारपीट के आरोप, गर्भवती महिला और शिशु की मौत #bhilwada #breakingnews #latestnews
Subscribe

वेब स्टोरी

  • Facebook
  • Twitter
  • Threads
  • Linkedin
  • Youtube
  • Instagram