Skip to content
jaivardhannews.com

jaivardhannews.com

Jaivardhan news

Nai Jindagi education Foundation
Primary Menu
  • Home
  • ई-पेपर
  • ई-पत्रिका
  • तकनीकी
    • ऑटो
    • मोबाइल
  • क्राइम/हादसे
    • अजब गजब
  • फाइनेंस
    • बैंक
    • कमाई टिप्स
  • मौसम
    • स्वास्थ्य
  • बायोग्राफी
  • सरकारी योजना
    • शिक्षा
    • भर्ती
  • विविध
    • देश-दुनिया
    • इतिहास / साहित्य
    • Jaivardhan TV
  • धार्मिक
  • दिन विशेष
  • कानून
  • वेब स्टोरी
  • Privacy Policy
  • इतिहास / साहित्य

Shivnal Mahadev Temple : 5 हजार साल पुराना त्रिशूल! महाभारत काल का यह शिव मंदिर आज भी समेटे है अनगिनत रहस्य

Parmeshwar Singh Chundwat August 3, 2026 1 minute read

आमेट। Shivnal Mahadev Temple राजसमंद जिले के आमेट उपखंड की ग्राम पंचायत सेलागुड़ा मुख्यालय के समीप अरावली पर्वतमाला की सुरम्य वादियों के बीच स्थित शिवनाल महादेव मंदिर धार्मिक आस्था, प्राचीन इतिहास और प्राकृतिक सौंदर्य का अद्भुत संगम है। महाभारत काल से जुड़ा यह प्राचीन मंदिर अपनी अनूठी मान्यताओं, हजारों वर्ष पुराने त्रिशूल और रहस्यमयी इतिहास के कारण श्रद्धालुओं के लिए विशेष आस्था का केंद्र बना हुआ है। हर वर्ष बड़ी संख्या में श्रद्धालु यहां भगवान भोलेनाथ के दर्शन के साथ प्राकृतिक वातावरण का आनंद लेने पहुंचते हैं।

स्थानीय मान्यताओं के अनुसार पांडवों के अज्ञातवास के दौरान भीमसेन ने इसी स्थान पर भगवान शिव की कठोर तपस्या की थी। उनकी तपस्या से प्रसन्न होकर भगवान भोलेनाथ का दिव्य त्रिशूल स्वयं धरती से प्रकट हुआ। इसके बाद भीमसेन ने यहां भगवान शिव के चौमुखी शिवलिंग की स्थापना की। मंदिर परिसर में स्थापित यह त्रिशूल आज भी श्रद्धालुओं की आस्था का प्रमुख केंद्र है। मंदिर में स्थापित त्रिशूल को करीब 5 हजार वर्ष प्राचीन माना जाता है। इसकी ऊंचाई लगभग 10 फीट और चौड़ाई करीब 2 फीट बताई जाती है। मान्यता है कि वर्षों पहले मंदिर के पुनर्निर्माण के दौरान तत्कालीन शासकों ने त्रिशूल की जड़ तक पहुंचने का प्रयास किया, लेकिन उसका आधार नहीं मिल सका। इसके बाद त्रिशूल को उसी स्थिति में स्थापित रहने दिया गया, जो आज भी श्रद्धालुओं के लिए श्रद्धा और आश्चर्य का विषय बना हुआ है।

पाटन शहर उजड़ गया, लेकिन मंदिर बचा रहा

Shivnal Mahadev Temple Rajsamand : स्थानीय जनश्रुतियों के अनुसार प्राचीन काल में मंदिर के निकट पाटन नामक समृद्ध नगर बसा हुआ था। कहा जाता है कि तत्कालीन शासकों द्वारा एक सिद्ध संत का अपमान किए जाने पर संत ने नगर को श्राप दिया। इसके बाद प्राकृतिक आपदाओं के कारण पूरा पाटन नगर नष्ट हो गया, लेकिन शिवनाल महादेव मंदिर को कोई क्षति नहीं पहुंची। इसी कारण श्रद्धालु इस मंदिर को चमत्कारी मंदिर के रूप में मानते हैं।

काजल बावड़ी से जुड़ी अनोखी मान्यता

Shivnal Mahadev Temple Amet : मंदिर परिसर के निकट स्थित काजल बावड़ी भी लोगों की आस्था और जिज्ञासा का केंद्र है। मान्यता है कि प्राचीन समय में पाटन नगर की महिलाएं पूजा से पहले इसी बावड़ी पर आकर अपने चेहरे और आंखों का काजल साफ करती थीं। वर्षों तक ऐसा होने से बावड़ी का पानी काला दिखाई देने लगा और तभी से इसका नाम काजल बावड़ी पड़ गया। लगभग 80 फीट गहरी इस बावड़ी का पानी आज भी गहरे रंग का दिखाई देता है।

चट्टानों के नीचे छिपे रहस्य की चर्चा

Mahabharata Era Temple : मंदिर के आसपास स्थित विशाल चट्टानों को लेकर भी कई रहस्यमयी मान्यताएं प्रचलित हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि चट्टानों पर चोट करने से भीतर से महल या तहखाने जैसी गूंज सुनाई देती है। हालांकि इसका कोई वैज्ञानिक प्रमाण उपलब्ध नहीं है, लेकिन यह रहस्य वर्षों से लोगों की उत्सुकता का विषय बना हुआ है।

प्राकृतिक सौंदर्य भी बढ़ाता है आकर्षण

अरावली पर्वतमाला की गोद में स्थित यह मंदिर प्राकृतिक सौंदर्य से भी भरपूर है। वर्षा ऋतु में मंदिर के समीप बहने वाला नाला वातावरण को और अधिक मनोहारी बना देता है। यह नाला सिम का मगरा क्षेत्र से निकलकर मंदिर के पास से बहता हुआ आगे कोठेश्वरी नदी में मिल जाता है। हरियाली, पहाड़ियां और शांत वातावरण यहां आने वाले श्रद्धालुओं को आध्यात्मिक शांति का अनुभव कराते हैं।

आस्था और पर्यटन का प्रमुख केंद्र

Pandavas Shiv Temple : शिवनाल महादेव मंदिर आज केवल धार्मिक स्थल ही नहीं, बल्कि राजसमंद जिले का एक महत्वपूर्ण आध्यात्मिक और प्राकृतिक पर्यटन स्थल भी बन चुका है। सावन माह, महाशिवरात्रि और अन्य धार्मिक अवसरों पर यहां हजारों श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंचते हैं। मंदिर का प्राचीन इतिहास, महाभारत काल से जुड़ी मान्यताएं, रहस्यमयी त्रिशूल और प्राकृतिक सौंदर्य इसे राजस्थान के प्रमुख आस्था केंद्रों में विशेष पहचान दिलाते हैं।

Parsuram Mahadev : अरावली पहाड़ी में गुफा, अनवरत जलाभिषेक, चमत्कार व इतिहास की कहानी

About the Author

Parmeshwar Singh Chundwat

Editor

Parmeshwar Singh Chundwat ने डिजिटल मीडिया में कॅरियर की शुरुआत Jaivardhan News के कुशल कंटेंट राइटर के रूप में की है। फोटोग्राफी और वीडियो एडिटिंग में उनकी गहरी रुचि और विशेषज्ञता है। चाहे वह घटना, दुर्घटना, राजनीतिक, सामाजिक या अपराध से जुड़ी खबरें हों, वे SEO आधारित प्रभावी न्यूज लिखने में माहिर हैं। साथ ही सोशल मीडिया पर फेसबुक, इंस्टाग्राम, एक्स, थ्रेड्स और यूट्यूब के लिए छोटे व बड़े वीडियो कंटेंट तैयार करने में निपुण हैं।

Visit Website View All Posts
Visitor Views : 239

Post navigation

Previous: Rajsamand Congress : आने वाले पंचायती राज एवं नगर निकाय चुनावों को लेकर कांग्रेस की रणनीतिक बैठक संपन्न
Next: Rajsamand ACB News : पट्टा बनवाने के लिए मांगी ₹43,500 की रिश्वत! राजसमंद में VDO और प्रशासक पर ACB का बड़ा एक्शन

Related Stories

Maharana Pratap Haldighati
  • समाचार
  • इतिहास / साहित्य

Maharana Pratap Haldighati : इस मिट्टी से तिलक करो, ये धरती है बलिदान की… हल्दीघाटी और यहां की मिट्‌टी को नमन करते हैं लोग

Laxman Singh Rathor June 18, 2026
Fathers Day Special Article
  • इतिहास / साहित्य

Fathers Day Special Article : फादर्स डे पर हर बेटे-बेटी को पढ़नी चाहिए ये भावुक बात, दिल छू जाएगी कहानी

Parmeshwar Singh Chundwat June 11, 2026
kuldhara village story
  • इतिहास / साहित्य

kuldhara village story : राजस्थान का रहस्यमयी गांव, जहां आज भी भटकती हैं 200 साल पुरानी कहानियां

Parmeshwar Singh Chundwat June 2, 2026
  • Poltical
  • अजब गजब
  • इतिहास / साहित्य
  • ऑटो
  • कमाई टिप्स
  • कानून
  • क्राइम/हादसे
  • तकनीकी
  • दिन विशेष
  • देश-दुनिया
  • धार्मिक
  • फाइनेंस
  • बायोग्राफी
  • बैंक
  • बॉलीवुड
  • भर्ती
  • मोबाइल
  • विविध
  • शिक्षा
  • समाचार
  • सरकारी योजना
  • सोना चांदी भाव
  • स्वास्थ्य

Jaivardhan TV

राजसमंद में मंशापूर्ण गणेशजी मंदिर का अनोखा इतिहास और विश्वास #Ganeshchaturthi राजसमंद में मंशापूर्ण गणेशजी मंदिर का अनोखा इतिहास और विश्वास #Ganeshchaturthiराजसमंद शहर में नौचोकी पाल के नीचे मंशापूर्ण गणपति का भव्य मंदिर है। इसकी स्थापना राजसमंद के संस्थापक महाराणा राजसिंह द्वारा की गई। मान्य है कि यहां आने वाले हर भक्त की मनोकामना पूर्ण होने की मान्यता है।
Ganesh Mandir Rajsamand
Ganpati Mandir Rajsamand
Mansapurna mandir rajsamand
Rajsamand News
Ganesh Ji Temple
Ganesh ChaturthiJaivardhan News : यह चैनल राजस्थान सहित देश-दुनिया की ताजा, विश्वसनीय और निष्पक्ष खबरों के लिए समर्पित है।Owner & Editor: Laxman Singh Rathore (Journalist)🌐 Website: http://www.jaivardhannews.com
📘 Facebook: Jaivardhannews9
📸 Instagram: @jaivardhannews
🐦 X (Twitter): @jaivardhannews
📧 Business Email: businessjaivardhannews@gmail.com
📞 Mobile: +91 96729 80901सत्य • निष्पक्षता • जनहित
राजसमंद में मंशापूर्ण गणेशजी मंदिर का अनोखा इतिहास और विश्वास #Ganeshchaturthiराजसमंद शहर में नौचोकी पाल के नीचे मंशापूर्ण गणपति का भव्य मंदिर है। इसकी स्थापना राजसमंद के संस्थापक महाराणा राजसिंह द्वारा की गई। मान्य है कि यहां आने वाले हर भक्त की मनोकामना पूर्ण होने की मान्यता है।
Ganesh Mandir Rajsamand
Ganpati Mandir Rajsamand
Mansapurna mandir rajsamand
Rajsamand News
Ganesh Ji Temple
Ganesh ChaturthiJaivardhan News : यह चैनल राजस्थान सहित देश-दुनिया की ताजा, विश्वसनीय और निष्पक्ष खबरों के लिए समर्पित है।Owner & Editor: Laxman Singh Rathore (Journalist)🌐 Website: http://www.jaivardhannews.com
📘 Facebook: Jaivardhannews9
📸 Instagram: @jaivardhannews
🐦 X (Twitter): @jaivardhannews
📧 Business Email: businessjaivardhannews@gmail.com
📞 Mobile: +91 96729 80901सत्य • निष्पक्षता • जनहित
राजसमंद में मंशापूर्ण गणेशजी मंदिर का अनोखा इतिहास और विश्वास #Ganeshchaturthi
आमेट में निकली बाबा रामदेव की शोभायात्रा, विधायक राठौड़ हुए शामिल #babaramdev #rajsamandnewsराजसमंद जिले के आमेट शहर में बाबा रामदेव जयंती पर भव्य शोभायात्रा निकाली गई। रेगर मोहल्ला बस स्टैंड से शोभायात्रा रवाना हुई, जो मुख्य लक्ष्मी बाजार, गणेश चौक, होलीथान होते हुए रामदेव मंदिर पहुंची। रथ पर बाबा रामदेवजी की झांकी सजी थी। आगे घोड़े और ऊंट पर सवार युवा और केसरिया पगड़ी में ढोल-नगाड़े के धूम धड़ाके पर भक्त चल रहे थे। जय बाबा री और बाबा रामदेव के जयकारों से वातावरण गूंज उठा। व्यापारियों ने पुष्प वर्षा कर शोभायात्रा का स्वागत किया। साथ ही जगह जगह पानी व फल का भी श्रद्धालुओं में वितरण किया गया। शोभायात्रा में कुंभलगढ़ विधायक सुरेंद्रसिंह राठौड़ सहित कई लोग शामिल हुए।
baba ramdev Jayanti
Baba Ramdev mandir
ramdevji sobhayatra
Rajsamand News
amet news
Kumbhalgarh MLA Surendra Singh RathoreJaivardhan News : यह चैनल राजस्थान सहित देश-दुनिया की ताजा, विश्वसनीय और निष्पक्ष खबरों के लिए समर्पित है।Owner & Editor: Laxman Singh Rathore (Journalist)🌐 Website: http://www.jaivardhannews.com
📘 Facebook: Jaivardhannews9
📸 Instagram: @jaivardhannews
🐦 X (Twitter): @jaivardhannews
📧 Business Email: businessjaivardhannews@gmail.com
📞 Mobile: +91 96729 80901सत्य • निष्पक्षता • जनहित
आमेट में निकली बाबा रामदेव की शोभायात्रा, विधायक राठौड़ हुए शामिल #babaramdev
राजसमंद में रामदेव जयंती पर निकली शोभायात्रा #Rajsamandnews
#babaramdevराजसमंद शहर में भादवी बीज के उपलक्ष्य में कलालवाटी स्थित रामदेवजी मंदिर में विशेष पूजा अर्चना के बाद भव्य शोभायात्रा निकाली गई। सबसे आगे ऊंटगाड़ी साथ में ध्वजा लहरा रही थी।
Rajsamand News
Bhadvi Bij
Ramdev ji
Baba RamdevJaivardhan News : यह चैनल राजस्थान सहित देश-दुनिया की ताजा, विश्वसनीय और निष्पक्ष खबरों के लिए समर्पित है।Owner & Editor: Laxman Singh Rathore (Journalist)🌐 Website: http://www.jaivardhannews.com
📘 Facebook: Jaivardhannews9
📸 Instagram: @jaivardhannews
🐦 X (Twitter): @jaivardhannews
📧 Business Email: businessjaivardhannews@gmail.com
📞 Mobile: +91 96729 80901सत्य • निष्पक्षता • जनहित
राजसमंद में रामदेव जयंती पर निकली शोभायात्रा #Rajsamandnews #babaramdev
Subscribe

वेब स्टोरी

Angel wings Hospital Rajsamand
Angel wings Hospital Rajsamand

Recent Posts

  • iPhone 18 Pro Max price : भारत में ₹44 हजार तक महंगा iPhone 18 Pro, जानें कीमत और फीचर्स
  • Rajsamand election 2026 : राजसमंद में टूटा 20 साल का मतदान रिकॉर्ड! 81.19% वोटिंग ने बढ़ाई प्रत्याशियों की धड़कनें
  • Rajsamand municipal election result : सोमवार को खुलेगा राजसमंद के 251 प्रत्याशियों की किस्मत का राज, 8 बजे से मतगणना
  • Desuri Ghat route update : रामदेवरा जाने वालों के लिए बड़ी खबर, 25 सितंबर तक इस रास्ते पर भारी वाहन बंद
  • Gold price today : सोने-चांदी के दाम में फिर गिरावट, जानिए 10 ग्राम सोने और 1 किलो चांदी का रेट
| MoreNews by AF themes.