
Rajasthan Panchayat Election : राजसमंद जिले में छह साल के दौरान मतदाता संख्या में मामूली गिरावट दर्ज हुई है। वर्ष 2020 में जिला परिषद के 25 वार्ड थे, जो परिसीमन के बाद बढ़कर 29 हो गए। वहीं, चारभुजा नई पंचायत समिति बनने से पंचायत समितियों की संख्या 8 से बढ़कर 9 हो गई। इसके बावजूद जिले में वर्ष 2020 के मुकाबले वर्ष 2026 में 978 मतदाता कम दर्ज हुए हैं।
वर्ष 2020 में जिले में कुल 7 लाख 77 हजार 580 मतदाता थे, जबकि 2026 में यह संख्या 7 लाख 76 हजार 602 रह गई । मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के दौरान नामों की जांच और अपात्र या दोहरी प्रविष्टियों को हटाने की प्रक्रिया भी मतदाता सूची में बदलाव का एक कारण हो सकती है। हालांकि, उपलब्ध पंचायत समिति वार आंकड़ों से यह स्पष्ट नहीं होता कि कुल कितने नाम एसआईआर के कारण कटे। आंकड़ों में राजसमंद पंचायत समिति में सबसे ज्यादा 7,869 मतदाता बढ़े हैं, जबकि रेलमगरा में 962 मतदाताओं की वृद्धि हुई है। दूसरी ओर, भीम और कुंभलगढ़ में मतदाताओं की संख्या में बड़ी गिरावट दिखाई दे रही है। इन दोनों क्षेत्रों में परिसीमन के कारण बदली सीमाओं का असर भी हो सकता है।
जिले में पंचायत समिति 8 से 9 हुई
Rajsamand Voter List 2026 : पंचायत समिति वार आंकड़ों के अनुसार, राजसमंद में वर्ष 2020 में 1,24,008 मतदाता थे, जो वर्ष 2026 में बढ़कर 1, 31,877 हो गए। इस तरह यहां 7,869 मतदाताओं की वृद्धि हुई । देवगढ़ में मतदाता संख्या 73,960 से बढ़कर 77,208 हो गई। यहां 3,248 मतदाता बढ़े। आमेट में 79,387 से बढ़कर 82,252 मतदाता हुए, यानी 2,865 की वृद्धि दर्ज की गई। खमनोर में मतदाताओं की संख्या 95,627 से बढ़कर 98,274 हो गई। यहां 2,647 मतदाता बढ़े हैं। देलवाड़ा में 59,294 से बढ़कर 61,208 मतदाता हुए, यानी 1,914 की वृद्धि हुई । रेलमगरा में 97,773 से बढ़कर 98,735 मतदाता हो गए। यहां 962 मतदाता बढ़े। इन पंचायत समितियों में मतदाता संख्या में बढ़ोतरी दर्ज हुई है।
कुंभलगढ़ और भीम में बड़ी गिरावट
Rajsamand Panchayat Samiti Voter Data : कुंभलगढ़ पंचायत समिति में वर्ष 2020 में 1,20,651 मतदाता थे, जबकि 2026 में 61,195 रह गए। इस तरह दर्ज संख्या में 59,456 की कमी आई। भीम में 1,26,880 से घटकर 99,865 मतदाता रह गए। यहां 27,015 की गिरावट दर्ज हुई। इन दोनों पंचायत समितियों में आई बड़ी कमी को केवल एसआईआर के दौरान नाम कटने का परिणाम मानना उचित नहीं होगा । परिसीमन के बाद क्षेत्रीय सीमाओं में बदलाव और चारभुजा पंचायत समिति के गठन के कारण मतदाताओं का क्षेत्रवार वर्गीकरण भी बदला हो सकता है। वास्तविक स्थिति जानने के लिए पुरानी और नई सीमाओं का मिलान करना जरूरी है।

चारभुजा में 65,988 मतदाता
Rajsamand SIR Voter List Update : नई गठित चारभुजा पंचायत समिति में वर्ष 2020 के आंकड़े शून्य दर्ज है, जबकि वर्ष 2026 में यहां 65,988 मतदाता हैं। नई पंचायत समिति बनने से जिले की चुनावी संरचना में बदलाव आया है।
एसआईआर के बाद सूची में बदलाव पर नजर
Rajsamand Election News Today : एसआईआर के दौरान मतदाता सूची की जांच में नामों का हटना, दोहरी प्रविष्टियों का निराकरण और पात्र मतदाताओं के नाम जोड़ना सूची में बदलाव के संभावित कारण हैं। हालांकि, पंचायत समिति वार उपलब्ध आंकड़े केवल दोनों वर्षों की कुल मतदाता संख्या का अंतर बताते हैं। एसआईआर से पहले और बाद की मतदाता सूचियों तथा पंचायत समिति की सीमाओं का तुलनात्मक विवरण जरूरी होगा।
इनका कहना है
भीम व कुंभलगढ़ क्षेत्र में काफी सारे लोग दूसरे प्रांतों में निवास करते हैं। भीम और कुंभलगढ़ क्षेत्र में कृषि व मजदूरी के पर्याप्त संसाधन नहीं हैं। एसआईआर भौतिक सत्यापन में वास्तविक मतदाता सामने आए।
अरुण कुमार हसीजा, कलेक्टर



