
Rajsamand Bhilwara Rail Line : राजसमंद से कुंवारिया होते हुए भीलवाड़ा तक नई रेल लाइन की मांग एक बार फिर चर्चा में है। राजसमंद सांसद महिमा कुमारी मेवाड़ द्वारा रेलवे परामर्शदात्री समिति की बैठक में इस मांग को उठाए जाने के बाद क्षेत्रवासियों में रेल कनेक्टिविटी को लेकर नई उम्मीद जगी है। यह मांग नई नहीं है, बल्कि इस रेल मार्ग का अब तक दो बार सर्वे भी हो चुका है। क्षेत्र के लोगों का कहना है कि आजादी के सात दशक बाद भी मेवाड़ का बड़ा हिस्सा मजबूत रेल नेटवर्क से वंचित है। राजसमंद, गंगापुर और कारौई क्षेत्र में रेल सुविधाओं के अभाव से औद्योगिक और पर्यटन विकास प्रभावित हुआ है। यदि राजसमंद-कुंवारिया से भीलवाड़ा रेल मार्ग बनता है तो वस्त्र नगरी भीलवाड़ा और मार्बल नगरी राजसमंद के बीच व्यापारिक गतिविधियों को नई गति मिलेगी। साथ ही दिल्ली, जोधपुर, उदयपुर और अहमदाबाद के बीच वैकल्पिक रेल मार्ग भी उपलब्ध हो सकेगा। Rajsamand Railway News

1986-89 और 2007-08 में हो चुका है सर्वे
Kuwaria Bhilwara Railway Project : वर्ष 1986 से 1989 के दौरान तत्कालीन रेल मंत्री माधवराव सिंधिया के कार्यकाल में राजसमंद को टोडारायसिंह से जोड़ने की योजना पर प्रारंभिक सर्वे हुआ था। इसके बाद राजसमंद – कुंवारिया से भीलवाड़ा रेल लाइन का सर्वे कराया गया। वर्ष 2007-08 में दोबारा सर्वे हुआ, जिसमें गंगापुर, पोटलां और कुरज को जोड़ने की योजना शामिल थी। वर्ष 2012 में तत्कालीन केंद्रीय मंत्री डॉ. सीपी जोशी ने रेल मंत्रालय का अतिरिक्त प्रभार मिलने पर इस परियोजना की फाइल और सर्वे रिपोर्ट मंगवाई थी, लेकिन मंत्रालय बदलने के बाद योजना ठंडे बस्ते में चली गई। Mahima Kumari Mewar Railway Demand
राजसमंद लोकसभा क्षेत्र में रेलवे नेटवर्क का विस्तार मेरी सर्वोच्च प्राथमिकता है। नाथद्वारा तक ट्रेन ठहराव बढ़ाने, नई रेल सेवाएं शुरू करने तथा उदयपुर को मुंबई और पुणे से सीधी रेल कनेक्टिविटी देने के प्रयास जारी हैं। राजसमंद – कुंवारिया से भीलवाड़ा रेल मार्ग की मांग भी रेलवे परामर्शदात्री समिति में रखी गई है, जिसके सकारात्मक परिणाम जल्द सामने आने की उम्मीद है।Mahima Kumari Mewar Railway Demand
-महिमा कुमारी मेवाड़, सांसद राजसमंद



