
Rajsamand Sarpanch Election Results : राजसमंद। पंचायतीराज चुनाव के दूसरे चरण में गांवों की सियासत ने कई चौंकाने वाले नतीजे दिए हैं। कहीं पद्मश्री श्यामसुंदर पालीवाल जैसे चर्चित चेहरे को हार का सामना करना पड़ा, तो कहीं भाजपा-कांग्रेस के दिग्गज नेताओं के राजनीतिक समीकरण जनता ने ध्वस्त कर दिए। मतदाताओं ने इस बार पुराने चेहरों और राजनीतिक रसूख के बजाय नए और युवा नेतृत्व पर भरोसा जताया। कई युवा प्रत्याशियों ने रिकॉर्ड मतों से जीत दर्ज कर गांवों की सत्ता अपने हाथों में ले ली। चुनावी मैदान में युवाओं की सक्रिय भूमिका से लेकर नतीजों तक, हर मोर्चे पर युवा शक्ति का प्रभाव साफ नजर आया। इन परिणामों ने न केवल ग्रामीण राजनीति में बदलाव के संकेत दिए हैं, बल्कि बड़े नेताओं को भी यह संदेश दिया है कि अब गांवों की जनता विकास, नए नेतृत्व और बदलाव के मुद्दों पर अपना फैसला सुना रही है।
Panchayati Raj Election Results : राजसमंद पंचायत समिति में निर्मल ग्राम पिपलांत्री में सरपंच चुनाव का परिणाम चौंकाने वाला रहा। यहां पद्मश्री श्यामसुंदर पालीवाल के सामने युवा नवीन पालीवाल ने चुनाव लड़ा। एक तरफ अनुभव था, तो दूसरी तरफ युवा सोच। हालांकि युवा नवीन के साथ पूर्व उप सरपंच शंभूसिंह आरना सहित युवा कार्यकर्ताओं की बड़ी फौज थी, जबकि पालीवाल के साथ अपने पारम्परिक समर्थक। इस बार निर्मल ग्राम पिपलांत्री की जनता ने युवा नवीन पालीवाल को अपना सरपंच चुना। इसी तरह मुंडोल ग्राम पंचायत पुष्पा पालीवाल सरपंच चुनी गई, मगर इनके पीछे भी इनके बेटे सुनील पालीवाल के नेतृत्व में युवाओं की टीम खड़ी थी, जिन्होंने भाजपा के दिग्गज नेता श्रीकृष्ण पालीवाल के परिवार से सरपंच उम्मीदवार को हरा दिया। कुछ ऐसे ही परिणाम फरारा ग्राम पंचायत में भी देखने को मिले, जहां पिछले चार दशक से भी ज्यादा समय से ग्राम पंचायत की सत्ता में रहे बहादुरसिंह राठौड़ के बेटे को नए युवा भगवत उर्फ राजवीरसिंह राठौड़ ने हरा दिया। इस तरह भगवत उर्फ राजवीर फरारा ग्राम पंचायत के सरपंच चुने गए। कानादेव का गुड़ा व काढा का तालाब में भी चौंकाने वाला परिणाम आया, जहां कांग्रेस के वरिष्ठ नेता शांतिलाल कोठारी ने अपना कद मजबूत कर लिया। उधर, रेलमगरा ग्राम पंचायत मुख्यालय की बात करें, तो कांग्रेस में अन्तर्कलह व भाजपा की एकजुटता के बावजूद युवा कार्यकर्ताओं के दम पर निशा प्रकाश चौधरी सरपंच बन गई। इस चुनाव परिणाम ने प्रकाश चौधरी ने अपनी पत्नी को सरपंच का चुनाव जिताकर विरोधियों को करारा जवाब दिया और राजनीतिक दृष्टि से खुद का कद बड़ा दिया। इधर राज्यावास ग्राम पंचायत का चुनाव भी दिलचस्प रहा, जहां प्रत्याशियों के बीच कड़ा मुकाबला देखा जा रहा था और बाबूलाल खारोल सरपंच बन गए। कुरज ग्राम पंचायत अनिल चौधरी ने दोबारा सरपंच का चुनाव जीतकर अपनी राजनीतिक पकड़ को मजबूत किया, जबकि कुंवारिया ग्राम पंचायत में भी ललित श्रीमाली अपनी पत्नी दीपिका को सरपंच बनाकर राजनीतिक साख बचा ली और सामने दिग्गज नेताओं को शिकस्त दी। कुछ ऐसे ही हालात खटामला ग्राम पंचायत में देखने को मिले, जहां तारा गुर्जर ने सामाजिक एकता के दम पर पूर्व सरपंच हिम्मतसिंह चुंडावत की पत्नी को हरा दिया। तासोल में पूर्व उप सरपंच रहे प्रकाश पालीवाल अपनी पत्नी को नहीं जीता पाए। बडारड़ा ग्राम पंचायत के सरपंच का चुनाव भी रोचक रहा, जहां गणेश कुमावत को पिछले कार्यकाल के अंतिम दौर में सरकार ने पद से हटा दिया। फिर चुनाव में गणेश ने अपनी पत्नी लक्ष्मीदेवी को उम्मीदवार बनाया, जिस पर बडारड़ा पंचायत की जनता ने भरोसा देकर जीता दिया। रेलमगरा के गिलूंड ग्राम पंचायत में भी लोगों ने युवा चेहरे अभिषेक जैन पर भरोसा जताते हुए सरपंच बना दिया, जबकि वरिष्ठ नेता को हार का सामना करना पड़ा। Shyamsundar Paliwal Election Result

डिप्टी सीएम व सीपी जोशी की हुई थी सभाएं
Piplantri Sarpanch Election Result 2026 : पंचायतीराज चुनाव के दौरान उप मुख्यमंत्री दीया कुमारी की लावासरदारगढ़, केलवा, कुरज, कुंठवा में विशेष सभा हुई थी, जबकि कांग्रेस के वरिष्ठ नेता डॉ. सीपी जोशी की कुरज, गिलूंड व धनेरिया क्षेत्र में बड़ी सभा हुई। बड़े नेताओं की सभा को भी राजनीतिक दृष्टि से नए तरीके से देखा जा रहा है। हालांकि इन सभाओं का असर पंचायत समिति सदस्य, जिला परिषद सदस्यों की सीटों पर कितना पड़ता है, यह तो 20 नवंबर को परिणाम आने पर ही पता चलेगा, मगर लगता है कि सरपंच के चुनाव पर तो इन नेताओं की सभा का ज्यादा असर देखने को नहीं मिला। Rajsamand Rural Politics 2026



