
Thalapathy Vijay Biography Hindi : तमिल सिनेमा के सुपरस्टार जोसेफ विजय चंद्रशेखर, जिन्हें दुनिया “थलपति विजय” के नाम से जानती है, अब सिर्फ फिल्मी पर्दे तक सीमित नहीं रहे। करोड़ों दिलों पर राज करने वाले यह अभिनेता अब तमिलनाडु की राजनीति में नई पटकथा लिखने के लिए पूरी तरह तैयार हैं। तीन दशक से ज्यादा समय तक कोलीवुड इंडस्ट्री में राज करने के बाद विजय ने आधिकारिक तौर पर फिल्मों से दूरी बनाकर राजनीति में कदम रख दिया है। उनकी राजनीतिक पार्टी “तमिलगा वेट्री कझगम” (TVK) अब राज्य की राजनीति में तेजी से उभरती हुई ताकत बन चुकी है।
कौन हैं थलपति विजय?
Vijay Thalapathy ka dharm kaun sa hai : थलपति विजय का जन्म 22 जून 1974 को चेन्नई, तमिलनाडु में ईसाई परिवार में हुआ। उनका पूरा नाम जोसेफ विजय चंद्रशेखर है। विजय फिल्मी परिवार से आते हैं। उनके पिता एस.ए. चंद्रशेखर तमिल फिल्मों के मशहूर निर्देशक रहे हैं, जबकि उनकी मां शोभा चंद्रशेखर एक जानी-मानी Playback Singer हैं। बचपन से ही विजय का झुकाव फिल्मों की ओर था। उन्होंने चेन्नई के लोयोला कॉलेज में Visual Communication की पढ़ाई शुरू की, लेकिन Vijay thalapathy kaun hai अभिनय में करियर बनाने के लिए पढ़ाई बीच में ही छोड़ दी। इसके बाद उन्होंने पूरी तरह फिल्मों की दुनिया में खुद को समर्पित कर दिया। बहुत कम लोग जानते हैं कि विजय ने अपने अभिनय करियर की शुरुआत बतौर Child Artist की थी। उन्होंने अपने पिता की फिल्म “वेट्री” (1984) में पहली बार कैमरे का सामना किया। इसके बाद वे कई फिल्मों में छोटे-छोटे किरदार Vijay thalapathy kaun hai निभाते नजर आए। साल 1992 में विजय ने बतौर Lead Actor फिल्म “नालैया थीरपू” से डेब्यू किया। हालांकि उनकी पहली फिल्म बॉक्स ऑफिस पर बुरी तरह फ्लॉप साबित हुई। लेकिन विजय ने हार नहीं मानी। उनके पिता ने उन्हें लगातार मौके दिए और धीरे-धीरे उन्होंने अपनी अलग पहचान बना ली।

कैसे मिला “थलपति” नाम?

Vijay Thalapathy kaha ka CM hai : विजय के करियर का शुरुआती दौर संघर्षों से भरा रहा। लेकिन फिल्म “सेंदूरपांडी” और उसके बाद “रसीगन” की सफलता ने उन्हें तमिल दर्शकों के बीच लोकप्रिय बना दिया। इसी दौर में फैंस ने उन्हें “थलपति” यानी “कमांडर” कहना शुरू कर दिया। इसके बाद विजय ने पीछे मुड़कर नहीं देखा। उनकी फिल्मों ने Box Office पर लगातार रिकॉर्ड तोड़ने शुरू कर दिए और वे तमिल सिनेमा के सबसे बड़े सुपरस्टार्स में शामिल हो गए।
रोमांटिक हीरो से बने एक्शन स्टार
90 के दशक में विजय ने खुद को एक Romantic Hero के रूप में स्थापित किया। “पूवे उनाक्कागा”, “कधलुक्कु मरियाधई” जैसी फिल्मों ने युवाओं और परिवार दर्शकों के बीच उनकी लोकप्रियता को नई ऊंचाई दी। इसके बाद 2000 के दशक में उन्होंने अपनी इमेज बदलते हुए एक्शन फिल्मों की ओर रुख किया। “थिरुमलाई”, “घिल्ली”, “पोकिरी” और “थुप्पाक्की” जैसी फिल्मों ने उन्हें Mass Action Hero बना दिया।फिल्म “घिल्ली” विजय के करियर का सबसे बड़ा टर्निंग पॉइंट साबित हुई। यह उस समय की सबसे ज्यादा कमाई करने वाली तमिल फिल्मों में शामिल हो गई। इस फिल्म के बाद विजय की लोकप्रियता सिर्फ तमिलनाडु तक सीमित नहीं रही बल्कि पूरे दक्षिण भारत और हिंदी बेल्ट में भी फैल गई।
विजय की ब्लॉकबस्टर फिल्मों की लंबी सूची

थलपति विजय ने अपने करियर में कई सुपरहिट फिल्में दीं। इनमें शामिल हैं—
- Ghilli
- Pokiri
- Thuppakki
- Kaththi
- Theri
- Mersal
- Sarkar
- Master
- Beast
- Varisu
- Leo
- GOAT (The Greatest Of All Time)
इन फिल्मों ने न सिर्फ Box Office पर शानदार कमाई की बल्कि विजय को युवाओं का सबसे बड़ा सुपरस्टार बना दिया।
बॉलीवुड में भी दिखा विजय का जलवा
विजय की कई फिल्मों के बॉलीवुड रीमेक बनाए गए। उनकी फिल्म “पोकिरी” का हिंदी रीमेक “Wanted” बना, जिसमें सलमान खान नजर आए। यह फिल्म बॉलीवुड की बड़ी ब्लॉकबस्टर साबित हुई। इसके अलावा “घिल्ली” का रीमेक “तेवर” नाम से बनाया गया। विजय की फिल्मों की हिंदी डबिंग भी काफी लोकप्रिय रही। टीवी और YouTube पर उनकी फिल्मों को करोड़ों व्यूज मिले।
फिल्मों में दिखने लगे राजनीतिक संदेश
2010 के बाद विजय की फिल्मों में सामाजिक और राजनीतिक मुद्दों की झलक साफ दिखाई देने लगी। “कथ्थी” में किसानों की समस्या, “मर्सल” में स्वास्थ्य व्यवस्था, “सरकार” में वोटिंग सिस्टम और भ्रष्टाचार जैसे विषयों को उठाया गया। उनकी फिल्मों के डायलॉग्स और भाषणों को लोग राजनीतिक संकेतों के रूप में देखने लगे थे। विशेषज्ञ मानते हैं कि विजय ने फिल्मों के जरिए धीरे-धीरे अपनी राजनीतिक जमीन तैयार की।
राजनीति में एंट्री

Thalapathy Vijay Political Career : विजय की राजनीतिक यात्रा अचानक शुरू नहीं हुई। इसकी शुरुआत उनके फैन क्लब “विजय मक्कल इयक्कम” से हुई थी। यह संगठन सिर्फ फैन क्लब नहीं था बल्कि समाजसेवा से जुड़ी गतिविधियों में भी सक्रिय रहा। इस संगठन ने गरीब छात्रों को किताबें बांटीं, Blood Donation Camps लगाए, बाढ़ और चक्रवात के दौरान राहत कार्य किए। धीरे-धीरे विजय का यह संगठन राजनीतिक ताकत में बदलने लगा। 2 फरवरी 2024 को विजय ने आधिकारिक तौर पर अपनी राजनीतिक पार्टी “तमिलगा वेट्री कझगम” (TVK) लॉन्च की। पार्टी की घोषणा के साथ ही उन्होंने साफ कर दिया कि अब वे फिल्मों को अलविदा कहकर पूरी तरह राजनीति पर ध्यान देंगे। विजय ने कहा था कि राजनीति उनके लिए करियर नहीं बल्कि “कर्तव्य” है। यही बयान सोशल मीडिया पर काफी वायरल हुआ था।
2026 चुनाव में बड़ी चुनौती
तमिलनाडु विधानसभा चुनाव 2026 में थलपति विजय की पार्टी “तमिलगा वेट्री कझगम” (TVK) ने ऐतिहासिक प्रदर्शन करते हुए राज्य की राजनीति में बड़ा उलटफेर कर दिया। पहली बार चुनाव मैदान में उतरी विजय की पार्टी ने शानदार जीत हासिल कर DMK और AIADMK जैसी पारंपरिक पार्टियों के लंबे वर्चस्व को चुनौती दे दी। चुनाव परिणामों में TVK सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी और सहयोगी दलों के समर्थन से सरकार बनाने में सफल रही। चुनाव में जीत के बाद आज 10 मई 2026 को चेन्नई के नेहरू स्टेडियम में आयोजित भव्य समारोह में थलपति विजय ने तमिलनाडु के मुख्यमंत्री पद की शपथ ले ली। उनके साथ कई मंत्रियों ने भी पद और गोपनीयता की शपथ ली। विजय के मुख्यमंत्री बनने के साथ ही तमिलनाडु की राजनीति में एक नए युग की शुरुआत मानी जा रही है। विजय ने चुनाव में पेरम्बूर और तिरुचिरापल्ली पूर्व जैसी महत्वपूर्ण सीटों से जीत दर्ज की। उनकी पार्टी को खास तौर पर युवाओं, पहली बार वोट डालने वाले मतदाताओं और शहरी क्षेत्रों में जबरदस्त समर्थन मिला। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि जनता बदलाव चाहती थी और विजय उसी बदलाव का चेहरा बनकर उभरे। मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने के बाद विजय ने कहा कि उनकी सरकार “सामाजिक न्याय, पारदर्शिता, युवाओं के रोजगार और विकास” को प्राथमिकता देगी। उन्होंने तमिलनाडु को निवेश, टेक्नोलॉजी, शिक्षा और रोजगार के क्षेत्र में देश का अग्रणी राज्य बनाने का संकल्प भी दोहराया। फिल्मी पर्दे पर “जन नायकन” कहलाने वाले थलपति विजय अब असल जिंदगी में भी जनता के “जन नायक” बन चुके हैं। सिनेमा से राजनीति तक का उनका सफर अब भारतीय राजनीति के सबसे चर्चित अध्यायों में गिना जा रहा है।
युवाओं में जबरदस्त क्रेज
थलपति विजय की सबसे बड़ी ताकत उनकी Fan Following मानी जाती है। युवा वर्ग में उनका जबरदस्त क्रेज है। सोशल मीडिया पर उनकी लोकप्रियता किसी राष्ट्रीय नेता से कम नहीं है। बताया जाता है कि 2025 के अंत तक TVK के करीब 1.5 करोड़ पंजीकृत सदस्य हो चुके थे। यह संख्या तमिलनाडु की राजनीति में विजय की बढ़ती ताकत को दर्शाती है।
विजय की संपत्ति कितनी है?

2026 विधानसभा चुनाव के लिए दाखिल किए गए हलफनामे के अनुसार विजय की कुल संपत्ति लगभग 603 से 625 करोड़ रुपये के बीच बताई गई है।
उनकी संपत्तियों में—
- चेन्नई की लग्जरी प्रॉपर्टी
- कोडाइकनाल में कृषि भूमि
- करोड़ों रुपये के बैंक डिपॉजिट
- BMW i7, Lexus और Toyota Vellfire जैसी Luxury Cars
- सोना और हीरे के महंगे कलेक्शन
शामिल हैं।
रिपोर्ट्स के मुताबिक वित्तीय वर्ष 2024-25 में उनकी आय 184 करोड़ रुपये से ज्यादा रही।
“जन नायकन” बनी आखिरी फिल्म
विजय ने घोषणा की थी कि वे राजनीति में आने से पहले सिर्फ एक आखिरी फिल्म करेंगे, जिसका नाम “जन नायकन” है। यह फिल्म उनकी 69वीं फिल्म मानी जा रही है। हालांकि फिल्म रिलीज से पहले कई विवादों में घिर गई। सेंसर बोर्ड की दिक्कतों और Online Piracy के कारण इसकी रिलीज प्रभावित हुई। इसके बावजूद फैंस इस फिल्म का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं। कई लोग इस फिल्म को विजय की Real Life Political Journey से जोड़कर देख रहे हैं।
क्या राजनीति में भी सुपरहिट होंगे विजय?
तमिलनाडु की राजनीति में पहले भी कई फिल्मी सितारे बड़ा नाम बना चुके हैं। एमजीआर, जयललिता और करुणानिधि जैसे नेताओं ने सिनेमा से राजनीति तक सफल सफर तय किया था। अब सवाल यह है कि क्या थलपति विजय भी उसी राह पर चलकर तमिलनाडु की राजनीति में इतिहास रच पाएंगे? उनकी लोकप्रियता, युवाओं का समर्थन और मजबूत Fan Base उन्हें एक बड़ी ताकत जरूर बनाता है। लेकिन राजनीति का मैदान फिल्मों से कहीं ज्यादा कठिन माना जाता है।



