
Cheap loan fraud : राजसमंद। सस्ते ब्याज पर 35 लाख रुपए का लोन दिलाने का झांसा देकर 2 लाख 73 हजार 385 रुपए की साइबर ठगी करने के मामले में राजसमंद साइबर थाना पुलिस ने एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। पुलिस आरोपी को बिहार के शेखपुरा जिले की मंडल जेल से प्रोडक्शन वारंट पर गिरफ्तार कर राजसमंद लाई है।
cyber crime Rajsamand : पुलिस के अनुसार फरारा निवासी जितेंद्र सिंह ने साइबर थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। पीड़ित ने बताया कि उसके मोबाइल नंबर पर लगातार सस्ते लोन का झांसा देने वाले फोन कॉल आ रहे थे। शुरुआत में उसने इन कॉल को नजरअंदाज किया, लेकिन व्यापार के लिए पैसों की जरूरत होने के कारण वह एक कॉलर के झांसे में आ गया। कॉलर ने पीड़ित से उसके पिता के दस्तावेज मंगवाए और 35 लाख रुपए का लोन तीन साल के लिए स्वीकृत कराने की बात कही। इसके साथ ही आरोपी ने मासिक किस्त 1 लाख 6 हजार 477 रुपए होने की जानकारी दी। इसके बाद लोन की प्रोसेसिंग फीस सहित अलग-अलग शुल्क के नाम पर पीड़ित से कुल 2 लाख 73 हजार 385 रुपए जमा करवा लिए गए। रकम लेने के बाद भी आरोपी की मांग खत्म नहीं हुई और वह लगातार अतिरिक्त पैसे जमा कराने का दबाव बनाने लगा। पीड़ित ने जब और रकम देने से इनकार किया तो उसे पहले जमा की गई राशि वापस नहीं मिलने और लोन स्वीकृत नहीं होने का दबाव बनाया गया। इसके बाद पीड़ित को साइबर ठगी का अहसास हुआ और उसने मामले की शिकायत पुलिस से की। पुलिस ने मामला दर्ज कर तकनीकी जांच शुरू की। जांच के दौरान आरोपी की पहचान सूरज कुमार (26) पुत्र राजेश तांती, निवासी इब्राहिमपुर, थाना बिंद, जिला नालंदा, बिहार के रूप में हुई।

पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपी बिहार के शेखपुरा जिले के अरियरी थाना क्षेत्र में दर्ज एक अन्य मामले में 10 वर्ष के कठोर कारावास की सजा प्राप्त कर चुका है और वर्तमान में मंडल कारागार शेखपुरा में बंद था। राजसमंद साइबर थाना पुलिस ने न्यायालय से प्रोडक्शन वारंट प्राप्त किया और आरोपी को शेखपुरा जेल से गिरफ्तार किया। इसके बाद ट्रांजिट वारंट के जरिए उसे राजसमंद लाया गया। आरोपी को न्यायालय में पेश करने के बाद पुलिस अभिरक्षा में लिया गया है। पुलिस उससे पूछताछ कर रही है। पूछताछ के दौरान साइबर ठगी की अन्य वारदातों का खुलासा होने की संभावना जताई जा रही है। Rajsamand cyber police
पुलिस ने लोगों से की सावधान रहने की अपील
fake loan approval : पुलिस ने लोगों से अपील की है कि अनजान नंबरों से आने वाले लोन संबंधी कॉल, मैसेज या लिंक पर भरोसा न करें। लोन स्वीकृत कराने के नाम पर मांगी जाने वाली प्रोसेसिंग फीस या अन्य शुल्क जमा कराने से पहले संबंधित बैंक या वित्तीय संस्था से जानकारी जरूर लें। साथ ही किसी भी अनजान व्यक्ति के साथ बैंकिंग जानकारी, पासवर्ड, ओटीपी या अन्य गोपनीय जानकारी साझा न करें।



