
लक्ष्मणसिंह राठौड़ @ राजसमंद । Rajsamand Land Scam : जिले के देवगढ़ से करोड़ों रुपए की कृषि भूमि से जुड़े एक कथित फर्जीवाड़े का सनसनीखेज मामला सामने आया है। 6 से 46 वर्ष पहले मर चुके दो भाई को कागजों में जिंदा बताकर नगरपालिका देवगढ़ के पूर्व पालिकाध्यक्ष शोभालाल रेगर, पालिका के ठेकेदार जयसिंह सहित 5 आरोपियों ने जमीन की रजिस्ट्री करवा ली। पांचों आरोपियों ने भूखंड काट कर भूमि कब्जा ली। मृत लोगों को जीवित बताकर राजस्व रिकॉर्ड में हेराफेरी कर करोड़ों की जमीन हड़पने के आरोप को लेकर वरिष्ठ सिविल न्यायाधीश ने मामले को गंभीरता से लेते हुए देवगढ़ थाना पुलिस को प्रकरण दर्ज कर जांच के आदेश दिए हैं। अब पांचों आरोपियों के अलावा तहसीलदार सहित अन्य कार्मिकों की भूमिका भी सवालों के घेरे में आ गई है।
Deogarh Land Scam जानकारी के अनुसार देवगढ़ शहर से कामलीघाट रोड पर प्रथम पेट्रोल पम्प के पास अमेरिका शिफ्ट हो चुके दो भाईयों की जमीन थी। रावला चौक, देवगढ़ निवासी भाजपा के पूर्व मंडल अध्यक्ष अमरसिंह चौहान ने वरिष्ठ सिविल न्यायालय एवं अतिरिक्त मुख्य मजिस्ट्रेट के समक्ष परिवाद प्रस्तुत किया। परिवाद में बताया कि देवगढ़ शहर में खसरा संख्या 1714 (रकबा 0.2800 हेक्टेयर) तथा पुराना खसरा संख्या 1458 (रकबा 1.06 बीघा) के मूल खातेदार चंद्रभाई पिता उम्मेदभाई एवं विठलभाई पिता उम्मेदभाई थे। दोनों भाई का पूरा परिवार अमेरिका में शिफ्ट हो गया। इस बीच 4 जनवरी 1980 को विट्ठल भाई की अहमदाबाद के वीएस हॉस्पिटल में मृत्यु हो गई और उनका परिवार व वारिश भी अमेरिका चले गए। इसके अलावा दूसरा भाई चन्द्रप्रकाश जो पहले से अमेरिका में ही रह रहा था और वर्ष 2019 में अमेरिका में ही मृत्यु हो गई। इसके बाद नगरपालिका देवगढ़ के निवर्तमान अध्यक्ष शोभालाल रेगर ने भूमि हड़पने के उद्देश्य से एक सुनियोजित आपराधिक षड्यंत्र रचा और फर्जी दस्तावेज तैयार कर करोड़ों रुपए की भूमि का स्वामित्व बदल दिया गया। आरोप है कि दोनों मृत व्यक्तियों की जगह कथित फर्जी व्यक्तियों को तहसील कार्यालय देवगढ़ में पेश करके जमीन की रजिस्ट्री करवा ली गई। यह फर्जीवाड़ा सामने आने के बाद सोलंकी दरवाजा देवगढ़ निवासी चन्द्रप्रकाश मेवाड़ा ने नगरपालिका देवगढ़ के निवर्तमान अध्यक्ष शोभालाल रेगर, ठेकेदार जयसिंह, पितामपुरा देवगढ़ निवासी हरदेव गुर्जर, सोहनलाल गुर्जर Rajsamand Crime News के खिलाफ हाईकोर्ट में मुकदमा दर्ज कराया। फिर रिपोर्टकर्ता भी आरोपियों से मिलीभगत कर ली और पक्ष व विपक्ष ने मिलकर हाईकोर्ट में समझौता पत्र दाखिल कर प्रकरण का निस्तारण कर लिया। फिर पालिकाध्यक्ष शोभालाल रेगर सहित पांचाें आरोपियों ने उक्त भूमि का पांच बराबर हिस्सों में बंटवारा कर नामान्तरण खुलवा दिया। फिर पांच भूखंड काट कर पांचों आरोपियों ने कब्जा लिया, जबकि पांचों में से कोई भी व्यक्ति असल भूमि मालिक के वारिस नहीं है।

पुलिस ने नहीं की कार्रवाई, फिर कोर्ट गए
Devgarh Fake Registry Case अमरसिंह ने बताया कि 20 मार्च 2026 को देवगढ़ थाने में शिकायत दी। इसके बाद 21 मार्च 2026 को पुलिस अधीक्षक राजसमंद को लिखित परिवाद सौंपा, लेकिन न तो एफआईआर दर्ज हुई और न ही कार्रवाई हुई। इस पर उनके द्वारा वरिष्ठ सिविल न्यायालय देवगढ़ में वाद पेश किया गया। अदालत ने वाद की सुनवाई के बाद मामला गंभीर माना और अब नगरपालिका देवगढ़ के निवर्तमान पालिकाध्यक्ष शोभालाल समेत 5 आरोपियों के खिलाफ प्रकरण दर्ज कर अनुसंधान व कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।
मृत भाईयों की जमीन हड़पी
Dead Person Land Registry Case छह से 46 वर्ष पहले जो व्यक्ति मर चुके हैं, उनके नाम से फर्जी व्यक्ति तहसील में पेश कर जमीन की फर्जी रजिस्ट्री करवा ली। यह गंभीर अपराध है। इसलिए पुलिस में सुनवाई नहीं होने पर अदालत का दरवाजा खटखटाया। वरिष्ठ सिविल न्यायाधीश ने सुनवाई के बाद अब इस मामले में एफआईआर दर्ज करते हुए पुलिस को जांच के आदेश दिए हैं। मुझे उम्मीद है कि अब प्रकरण में निष्पक्ष जांच होकर आरोपियों पर सख्त कार्रवाई होगी।
अमरसिंह चौहान, भाजपा पूर्व मंडल अध्यक्ष देवगढ़
आरोप बेबुनियाद हैं, द्वेषता से दी रिपोर्ट
देवगढ़ शहर में कृषि भूमि मामले में उच्च न्यायालय ने भी प्रकरण खारिज कर दिया। मुझे पर जो आरोप लगाए हैं, वे बेबुनियाद है। अमरसिंहजी मुझसे राजनीतिक द्वेष रखते हैं। जब से मंडल अध्यक्ष का दायित्व उनसे छूटा है, तब से ही मेरे विरुद्ध बेबुनियाद षड़यंत्र रच रहे हैं।
शोभालाल रेगर, निवर्तमान अध्यक्ष नगरपालिका देवगढ़



