
उदयपुर। Vijayraj Kumari mewar Passed Away : मेवाड़ के पूर्व राजपरिवार की सदस्य और महाराणा प्रताप के वंशज अरविंद सिंह मेवाड़ की पत्नी विजयराज कुमारी का 83 वर्ष की उम्र में निधन हो गया। उन्होंने सोमवार देर रात अंतिम सांस ली। विजयराज कुमारी लंबे समय से अस्वस्थ चल रही थीं।
उनके निधन की खबर सामने आने के बाद उदयपुर में शोक की लहर दौड़ गई। मंगलवार सुबह उनके अंतिम दर्शन के लिए बड़ी संख्या में लोग शंभू निवास पैलेस और सिटी पैलेस के आसपास पहुंचने लगे। उदयपुर ही नहीं, बल्कि आसपास के जिलों से भी लोग पूर्व राजपरिवार की सदस्य को अंतिम विदाई देने पहुंचे। विजयराज कुमारी की अंतिम यात्रा मंगलवार सुबह पूर्व राजपरिवार के आधिकारिक निवास शंभू निवास पैलेस से निकाली गई। अंतिम यात्रा में हजारों की संख्या में लोग शामिल हुए। शहर के प्रमुख मार्गों से गुजरती हुई अंतिम यात्रा करीब दो घंटे बाद महासतियाजी पहुंची। यात्रा के दौरान रास्ते में जगह-जगह लोग अंतिम दर्शन के लिए खड़े नजर आए। बड़ी संख्या में शहरवासियों ने पुष्प अर्पित कर विजयराज कुमारी को श्रद्धांजलि दी। अंतिम यात्रा में पूर्व राजपरिवारों से जुड़े सदस्य भी शामिल हुए। उनके अलावा उदयपुर के आम नागरिक भी बड़ी संख्या में अंतिम विदाई देने पहुंचे।
बारिश के बीच निभाई जा रही अंतिम रस्में
Arvind Singh Mewar Wife : विजयराज कुमारी का अंतिम संस्कार उदयपुर शहर के पास स्थित महासतियाजी में किया जा रहा है। यह स्थान मेवाड़ के पूर्व राजपरिवार से जुड़ा ऐतिहासिक स्थल है और यहां राजपरिवार के सदस्यों की कई छतरियां मौजूद हैं। मंगलवार को बारिश के बीच ही अंतिम संस्कार से पहले की धार्मिक और पारंपरिक रस्में निभाई जा रही हैं। मौसम खराब होने के बावजूद बड़ी संख्या में लोग महासतियाजी पहुंचे और विजयराज कुमारी के अंतिम दर्शन किए। अंतिम यात्रा के दौरान बैंड के साथ पंडित मंत्रोच्चार करते हुए चल रहे थे। पूरे रास्ते बड़ी संख्या में शहरवासी अंतिम यात्रा में शामिल रहे।

करीब 4.5 किलोमीटर दूर है महासतिया
Lakshyaraj Singh Mewar Mother : महासतियाजी, सिटी पैलेस से करीब साढ़े चार किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। मेवाड़ के पूर्व राजपरिवार के सदस्यों के अंतिम संस्कार और स्मृति से जुड़े इस स्थल पर बड़ी संख्या में राजपरिवार की छतरियां बनी हुई हैं। शंभू निवास पैलेस से महासतियाजी तक पहुंचने में अंतिम यात्रा को करीब दो घंटे का समय लगा। इस दौरान रास्ते में लोगों की भीड़ नजर आई और कई स्थानों पर लोगों ने पुष्प अर्पित कर उन्हें श्रद्धांजलि दी।
शिक्षा और सामाजिक कार्यों से रहा गहरा जुड़ाव
Mewar Royal Family Funeral : विजयराज कुमारी का उदयपुर में शिक्षा और परोपकारी गतिविधियों से विशेष जुड़ाव रहा। वे सामाजिक कार्यों में सक्रिय रहती थीं और शिक्षा के क्षेत्र में भी उनका महत्वपूर्ण योगदान रहा। 1980 के दशक में महाराणा मेवाड़ पब्लिक स्कूल के विकास में उन्होंने अहम भूमिका निभाई थी। स्कूल को व्यवस्थित करने के साथ-साथ उसे आधुनिक शैक्षणिक स्वरूप देने की दिशा में भी उन्होंने महत्वपूर्ण प्रयास किए। उनकी पहचान केवल पूर्व राजपरिवार की सदस्य के रूप में ही नहीं, बल्कि शिक्षा और सामाजिक गतिविधियों से जुड़ी एक सक्रिय व्यक्तित्व के तौर पर भी रही।
पिछले साल पति अरविंद सिंह मेवाड़ का हुआ था निधन
Mahasati Udaipur : विजयराज कुमारी के पति और मेवाड़ के पूर्व राजपरिवार के सदस्य अरविंद सिंह मेवाड़ का भी पिछले साल मार्च में निधन हो गया था। वे भी लंबे समय से बीमार चल रहे थे। अरविंद सिंह मेवाड़ के निधन के बाद अब उनकी पत्नी विजयराज कुमारी के निधन से पूर्व राजपरिवार के परिवार और उनके करीबियों में शोक का माहौल है।
अंतिम दर्शन के लिए उमड़ा जनसैलाब
विजयराज कुमारी के अंतिम दर्शन के लिए मंगलवार सुबह से ही शंभू निवास पैलेस के बाहर लोगों की भीड़ जुटने लगी थी। उदयपुर सहित आसपास के कई जिलों से लोग अंतिम यात्रा में शामिल होने पहुंचे। सिटी पैलेस के बाहर भी बड़ी संख्या में लोग नजर आए। लोगों ने फूल बरसाकर और पुष्प अर्पित कर पूर्व राजपरिवार की सदस्य को अंतिम श्रद्धांजलि दी। विजयराज कुमारी की अंतिम यात्रा में उनके बेटे लक्ष्यराज सिंह मेवाड़ भी शामिल रहे। मां की अंतिम यात्रा के दौरान परिवार के सदस्यों के साथ बड़ी संख्या में शहरवासी भी मौजूद रहे। बारिश के बावजूद महासतियाजी में लोगों की मौजूदगी बनी रही। राजपरिवार की परंपराओं के अनुसार अंतिम संस्कार से जुड़ी विधियां पूरी की जा रही हैं। विजयराज कुमारी के निधन के साथ ही मेवाड़ के पूर्व राजपरिवार से जुड़ी एक और महत्वपूर्ण शख्सियत का निधन हो गया। उनके सामाजिक और शैक्षणिक योगदान को उदयपुर के लोग लंबे समय तक याद रखेंगे।



